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कोविड -19

यूपी : कोरोना की दूसरी लहर ने मचाया हाहाकार, मेरठ में ऑक्सीजन की कमी से 9 मरीजों की मौत

Janjwar Desk
27 April 2021 6:40 AM GMT
यूपी : कोरोना की दूसरी लहर ने मचाया हाहाकार, मेरठ में ऑक्सीजन की कमी से 9 मरीजों की मौत
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केएमसी हॉस्पिटल ने ऑक्सीजन किल्लत को देखते हुए बाहर एक नोटिस बोर्ड लगा दिया है। इसमें लिखा है कि हम रोगी के सभी परिजनों को सूचित करना चाहते हैं कि ऑक्सीजन की उपलब्धता में अस्पताल पूरी तरह जिला प्रशासन पर निर्भर है....

जनज्वार डेस्क। कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देशभर में हाहाकार मचा दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर्याप्त ऑक्सीजन की उपलब्धता का दावा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर ऑक्सीजन की कमी से हर रोज मरीजों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा खबर यह है कि मेरठ के केएमसी अस्पताल में 18 घंटों के भीतर नौ मरीजों की जान चली गई। अस्पताल प्रबंधन का दावा कर रहा है कि ऑक्सीजन की कमी से इन मरीजों की मौत हुई है जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ऑक्सीजन सिलेंडरों की संख्या पर्याप्त थी।

बागपत रोड स्थित केएमसी हॉस्पिटल में रात करीब 12 बजे ऑक्सीजन सप्लाई कम होती चली गई। सूचना पर डिविजनल सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान व सिटी मजिस्ट्रेट सतेंद्र सिंह पहुंचे। मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट करने के लिए एंबुलेंस बुलवा ली गई थीं, लेकिन ऐन वक्त पर सिलेंडरों की व्यवस्था हो जाने से ऐसी नौबत नहीं आई। सोमवार दोपहर हॉस्पिटल प्रबंधन ने एक सूची सीएमओ को मुहैया कराई, जिसमें रविवार रात से अब तक 9 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत की जानकारी दी गई। केएमसी नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल संध्या चौहान ने 9 मौतों की पुस्टि की है। इसमें वरिष्ठ पत्रकार कुशल खरे भी शामिल हैं।

केएमसी हॉस्पिटल ने ऑक्सीजन किल्लत को देखते हुए बाहर एक नोटिस बोर्ड लगा दिया है। इसमें लिखा है कि हम रोगी के सभी परिजनों को सूचित करना चाहते हैं कि ऑक्सीजन की उपलब्धता में अस्पताल पूरी तरह जिला प्रशासन पर निर्भर है। हमें जितनी ऑक्सीजन प्रशासन द्वारा दी जा रही है, उससे हम रोगियों का इलाज कर रहे हैं। यह परिस्थिति किसी भी समय विसम हो सकती है, जिसके लिए अस्पताल प्रशासन विवश है।

डिविजनल सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि रात ऑक्सीजन क्राइसिस की सूचना पर वे केएमसी पहुंचे। उस वक्त भी हॉस्पिटल में 26 सिलेंडर रखे हुए थे। इसके बाद करीब 30 से ज्यादा सिलेंडरों की व्यवस्था रात में कराई गई। इस प्रकार पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर थे।

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