खून में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना क्यों होता है ख़तरनाक, जानिए इससे कैसे बचाएं अपना नाजुक दिल !

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यदि आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल 130 से 159 mg/dL के बीच आता है तो इसे हाई और बॉर्डरलाइन वाला माना जाता है। यदि किसी के कोलेस्ट्रॉल का स्तर 160 से 189 mg/dL के बीच है तो ये हाई और खतरनाक माना जाता है। यदि आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल 190 से ज्यादा है, तो इसे बहुत ज्यादा हाई रिस्क वाला माना जाता है जो की सेहत के लिए खतरनाक है जिससे दिल से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का मुख्य कारण
आहार में अत्यधिक तेल, तली हुई चीजें, तेलीय भोजन और आलस्यपूर्ण खानपान का सेवन करने से हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति पैदा होती है। उच्च ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) भी हाई कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का कारण बन सकता है जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की पहचान कैसे की जाती है
कोलेस्ट्रॉल का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट करवाने की जरूरत होती है। इसके जरिए ही कोलेस्ट्रॉल लेवल का सही पता चल सकता है।हालांकि कोलेस्ट्रॉल जब बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तब छाती में दर्द और सांस लेने में कठिनाई जैसे कुछ संकेत नजर आते हैं।
कोलेस्ट्रॉल को कम करने का तरीक़ा
रोजाना जॉगिंग करने से कोलेस्ट्रॉल कम करने और अपने वजन को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। यदि आप दौड़ नहीं पाते तो भी रोजाना कुछ मील चलकर भी आसानी से कोलेस्ट्रॉल को कम सकते हैं। इससे आपके ब्लड प्रेशर में भी सुधार हो सकता है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़े होने पर क्या नहीं खाना चाहिए
लाल मांस, पूर्ण वसा वाले डेयरी उत्पाद, प्रसंस्कृत मांस, फास्ट फूड और ट्रॉपिकल तेल से दूर रहें। इनमें संतृप्त वसा की मात्रा अधिक होती है जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है। तले हुए खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले ट्रांस वसा से भी बचना चाहिए।
क्या खायें
चोकर, अनाज, और ब्राउन या बिना पॉलिश किया चावल जैसे साबुत अनाज एलडीएल और कुल कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं। इनसे गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा मिल सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन फूड्स में सॉल्यूबल फाइबर होता है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करते हैं। दिन में कम से कम साबुत अनाज की दो सर्विंग ज़रूर लें।
(राष्ट्रीय पोषण संस्थान हैदराबाद के इनपुट के साथ ए.के.अरुण,एमडी; हील इनिशिएटिव)





