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कर्ज देने से बचने की जगह जोखिम प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचे में सुधार करें बैंक, बोले RBI गवर्नर

Janjwar Desk
28 Aug 2020 2:41 PM GMT
कर्ज देने से बचने की जगह जोखिम प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचे में सुधार करें बैंक, बोले RBI गवर्नर
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       RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास                                        File photo

दास ने एक वेब गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि कर्ज देने से बचने की जगह बैंकों को अपने जोखिम प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचे में सुधार करना चाहिए और खुद में पर्याप्त लचीलापन लाना चाहिए....

जनज्वार। RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैंकों को जोखिम से जरूरत से ज्यादा बचने की प्रवृत्ति से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि यह खुद उनके लिए नुकसानदायक होगा और यदि वे अपना बुनियादी काम ही नहीं करेंगे, तो कमाई भी नहीं कर सकेंगे।

दास ने एक वेब गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि कर्ज देने से बचने की जगह बैंकों को अपने जोखिम प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचे में सुधार करना चाहिए और खुद में पर्याप्त लचीलापन लाना चाहिए।

कर्ज वृद्धि में सुस्ती की खबरों के बीच दास ने कहा कि जोखिम से जरूरत से ज्यादा बचने की प्रवृत्ति से अपना ही नुकसान हो सकता है, बैंक कमाई नहीं कर पाएंगे। अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कर्ज वृद्धि जरूरी है। बैंकर पिछले अनुभव को याद करते हैं और कर्ज को बिगड़ने से बचाने के लिए उनका इस बात पर ही जोर रहता है कि ऋण देने से ही बचा जाए।

दास ने कहा कि बैंक द्वारा धोखाधड़ी को रोकने की अपनी क्षमता में सुधार करने की पर्याप्त गुंजाइश है, ताकि वे कमजोरियों की तुरंत पहचान कर सकें।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कुल मिलाकर बैंकिंग प्रणाली मजबूत और स्थिर बनी हुई है और ऋणदाताओं को आने वाले समय में वृद्धि के नए मॉडल को विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि आरबीआई कोविड-19 महामारी से संबंधित उपायों को सोच-विचार कर वापस लेगा, लेकिन ऐसा बहुत जल्द नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि महामारी के खिलाफ सरकार ने वित्तीय स्तर पर काफी जिम्मेदारी, सूजबूझ और सोच विचार के साथ कदम उठाएं हैं।

रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ऋण समाधान ढांचे से कोविड-19 संबंधी बाधाओं का सामना कर रहे कर्जदारों को टिकाऊ राहत मिलने की उम्मीद है। उन्‍होंने कहा कि महामारी की रोकथाम के बाद अर्थव्यवस्था को मजबूती के रास्ते पर लाने के लिए सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा, साथ ही वित्तीय क्षेत्र को सामान्य स्थिति में लौटना चाहिए।

दास ने स्पष्ट किया कि कुल मिलाकर, बैंकिंग क्षेत्र लगातार मजबूत और स्थिर बना हुआ है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एकीकरण सही दिशा में एक कदम है, बैंकों का आकार जरूरी है, लेकिन दक्षता इससे भी महत्वपूर्ण है। गवर्नर ने कहा कि बैंकों में धोखाधड़ी से बचने के लिये सुधार लाने की काफी गुंजाइश है।

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