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आरक्षण में गड़बड़ी को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का फूटा आक्रोश, डिप्टी सीएम आवास पर किया उग्र प्रदर्शन

Janjwar Desk
30 Jun 2021 10:11 AM GMT
आरक्षण में गड़बड़ी को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का फूटा आक्रोश, डिप्टी सीएम आवास पर किया उग्र प्रदर्शन
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(योगी सरकार ने एक सप्ताह पूर्व 69 हज़ार शिक्षकों के भर्ती प्रक्रिया के तहत खाली रह गए सीटों पर नियुक्ति के लिए काउंसलिंग का आदेश दिया था।)

अभ्यर्थियों का आरोप यह है कि आरक्षण के अनुसार ओबीसी उम्मीदवारों की कुल संख्या 69000 रिक्तियों की कुल सीटों का 27 फीसदी होगी। ऐसे में 18598 सीटें ओबीसी उम्मीदवारों को मिलनी चाहिए....

जितेंद्र उपाध्याय की रिपोर्ट

जनज्वार ब्यूरो। उत्तर प्रदेश में 69 हज़ार शिक्षक भर्ती में आरक्षण कोटे में घोटाला का आरोप लगाते हुए लखनऊ में लगातार आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा। राजधानी के कालिदास मार्ग स्थित डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने सरकार विरोधी नारा लगाते हुए सड़कों पर लेट कर अपना विरोध जताया। इस दौरान पुलिस के सख्ती दिखाने के बाद भी डिप्टी सीएम आवास को घेरे रखा। आखिरकार पुलिस बल प्रयोग करते हुए आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बेसिक शिक्षा विभाग के अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। इस कड़ी में आज डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास के बाहर सुबह 69000 शिक्षक भर्ती मामले के अभ्यर्थियों ने धरना प्रदर्शन किया। उनके हाथों में कथित आरक्षण घोटाले से संबंधित तख्तियां थीं। जिसमें 27 प्रतिशत और 21 प्रतिशत आरक्षण की मांग को पूरा करने की बात कही गई थी। अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों का पालन न होने का आरोप लगा रहे हैं।

अपने मांगों को लेकर राजधानी में कई दिनों से अलग-अलग स्थानों पर धरना दे रहे हैं। इसी क्रम में आज कालिदास मार्ग पहुंचकर अभ्यर्थियों ने सड़क पर लेटकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी डिप्टी सीएम के आवास के मेन गेट तक पहुंच गए। यहां धीरे-धीरे अभ्यर्थियों की काफी संख्या हो जाने पर प्रशासन के होश उड़ गए। अभ्यर्थी भी अपने मांगों को मनवाने के लिए अब हर तरह के आंदोलनात्मक कार्रवाई के मूड में है। यह तेवर भी यहां खूब देखने को मिला।

उग्र प्रदर्शन देख मौके पर पहुंची पुलिस अभ्यर्थियों को वहां से बलपूर्वक हटाने की कोशिश करने लगी। आखिरकार यहां से प्रदर्शनकरियों को जबरन खदेड़ने की कोशिश में नाकाम रहने पर उन्हें हिरासत में ले ली। आंदोलन स्थल से कुछ कदम की दूरी पर ही सीएम योगी का आवास भी है।

अभ्यर्थी इन सवालों को लेकर कर रहे आंदोलन

अभ्यर्थियों का आरोप यह है कि आरक्षण के अनुसार ओबीसी उम्मीदवारों की कुल संख्या 69000 रिक्तियों की कुल सीटों का 27 फीसदी होगी। ऐसे में 18598 सीटें ओबीसी उम्मीदवारों को मिलनी चाहिए। लेकिन राज्य द्वारा दिए गए कट-ऑफ प्रतिशत के आधार इस गणना के अनुसार कुल सीटें ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 2637 हैं। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को ओबीसी उम्मीदवारों की सीटों पर समायोजित करने का आरोप ये अभ्यर्थी लगा रहे हैं।

योगी सरकार ने एक सप्ताह पूर्व 69 हज़ार शिक्षकों के भर्ती प्रक्रिया के तहत खाली रह गए सीटों पर नियुक्ति के लिए काउंसलिंग का आदेश दिया था। इसके मुताबिक चयन एवं जिला आवंटन की प्रक्रिया राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र लखनऊ द्वारा विकसित साफ्टवेयर के माध्यम से तैयार कराई गई।

एनआईसी द्वारा प्राप्त चयन एवं जिला आवंटन सूची का प्रकाशन 26 जून को, चयन सूची में शामिल अभ्यर्थियों के अभिलेखों का जिला स्तर पर परीक्षण 28 व 29 जून को तथा अंतिम रूप से योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया 30 जून को पूरा कराने को कहा गया। हालाकि यह सारी प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही पूर्व में नियुक्ति पत्र देने के दिए गए आदेश पर सरकार ने रोक लगा दिया है।

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