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Who Is Pooja Singhal : पूजा सिंघल कौन हैं? जिनके ठिकानों पर नोट गिनते-गिनते मशीन हो गई गरम

Janjwar Desk
6 May 2022 1:00 PM GMT
IAS Pooja Singhal : सोरेन सरकार ने शुरू की पूजा सिंघल की छुट्टी की तैयारी, इन्हें दिया जा सकता है उनका प्रभार
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IAS Pooja Singhal : सोरेन सरकार ने शुरू की पूजा सिंघल की छुट्टी की तैयारी, इन्हें दिया जा सकता है उनका प्रभार

Who Is Pooja Singhal : प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने आईएएस पूजा सिंघल और उनके करीबियों के बीस ठिकानों पर छापेमारी की है....

Who Is Pooja Singhal : झारखंड वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल (IAS Pooja Singhal) और उनसे जुड़े सत्ता के करीबी व्यक्तियों के बीस ठिकानों पर शुक्रवार की सुबह पांच बजे प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान पूजा सिंघल के एक करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट के घर से पच्चीस करोड़ रुपये कैश मिलने की खबर सामने आई।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी नोट गिनने वाली मशीन से कैश गिनने में जुटे। हालांकि इसकी आधिकारिक रूप से अभी तक पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक पूजा सिंघल (Who Is Pooja Singhal) के घर से भी कई दस्तावेज और अहम कागजात मिलने की बात कही जा रही है।

खबरों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय की टीम राजधानी रांची के कांके रोड के चांदनी चौक स्थित पंचवटी रेसिडेंसी के ब्लॉक नंबर नौ, लालपुर के हरिओम टावर स्थित नई बिल्डिंग, बरियातू के पल्स अस्पताल में छापेमारी की। पल्स अस्पताल पूजा सिंघल के पति और व्यवसायी अभिषेक झा (Pooja Singhal Husband Abhishek Jha) का है। आईएएस पूजा सिंघल के सरकारी आवास में भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पहुंची ।

बता दें कि पूजा (Who Is Pooja Singhal) झारखंड सरकार की एक वरिष्ठ अधिकारी हैं। उनके पास हाल ही में उद्योग सचिव और खान सचिव का प्रभार है। इसके अलावा पूजा सिंघल झारखंड खनिज विकास निगम की चेयरमैन भी हैं। बता दें कि पूजा सिंघल इससे पहले की भाजपा सरकार में कृषि सचिव के पद पर भी तैनात रहीं। पूजा मनरेगा घोटाले के वक्त खूंटी में डीसी पद पर तैनात थीं।

आईएएस पूजा सिंघल (IAS Pooja Singhal) पर चतरा, खूंटी और पलामू जिले में उपायुक्त रहने के दौरान भी वित्तीय अनियमितता के कई गंभीर आरोप लगे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनरेगा घोटाले (MNREGA Scam) के एक मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर पूरे मामले की जानकारी से संबंधित शपथ पत्र दायर की थी।

खूंटी में मनरेगा में 18 करोड़ से ज्यादा रुपेय के घोटाले के वक्त पूजा सिंघल ही वहां उपायुक्त थीं जबकि चतरा में भी अगस्त 2007 से 2008 तक पूजा सिंघल उपायुक्त थीं और वहां भी उन पर गड़बड़ी का आरोप लगा था जबकि पलामू में उपायुक्त रहने के दौरान पूजा सिंघल पर करीब 83 करोड़ एकड़ भूमि एक निजी कंपनी को खनन के लिए ट्रांसफर करने का आरोप लगा।

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