ग्राउंड रिपोर्ट

जामनगर की जनता बोली गौमाता के नाम पर वोट मांगकर सत्ता पाने वाली भाजपा के 27 साल के राज में वह भी बदहाल, मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हम

Janjwar Desk
21 Sep 2022 2:31 AM GMT
जामनगर की जनता बोली गौमाता के नाम पर वोट मांगकर सत्ता पाने वाली भाजपा के 27 साल के राज में वह भी बदहाल, मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हम
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Ground Report Jamnagar : लतीपुर गांव में सरकार की तरफ से कोई विकास नहीं है, 27 साल से गांव में कोई नेता भी नहीं आया है, जब-जब चुनाव आता है तो नेता आते हैं, पूरे गांव का चक्कर लगाकर वोट मांग कर चले जाते हैं...

Gujrat Election 2022 Ground Report Jamnagar : गुजरात में चुनाव होने वाले हैं। जनज्वार की चुनावी यात्रा गुजरात के जामनगर से शुरू हुई है। जनज्वार ने लोगों से बात की और जाना कि गुजराती जनता का भाजपा के 27 साल के गुजरात मॉडल पर क्या मत है और क्या है उनका चुनावी मूड।

27 साल से कोई नेता गांव में नहीं आया

जनज्वार अपनी चुनावी यात्रा शुरू करते हुए जामनगर जिले के सबसे बड़े गांव लतीपुर पहुंचा। लतीपुर 20,000 की आबादी वाला गांव है और यहां तकरीबन 10 हजार वोट है। ग्रामीणों ने बताया कि लतीपुर गांव में सरकार की तरफ से कोई विकास नहीं है। 27 साल से गांव में कोई नेता भी नहीं आया है। जब-जब चुनाव आता है तो नेता आते हैं, पूरे गांव का चक्कर लगाकर वोट मांग कर चले जाते हैं। गांव की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं, लेकिन कोई विधायक या कोई नेता सुध तक नहीं लेता है।

लंपी वायरस से लड़ने के लिए सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं

गुजरात में लंपी वायरस का कहर जारी है। ऐसे में जनता ने बताया कि लंपी वायरस से लड़ने के लिए प्रशासन के तरफ से कोई मदद नहीं मिली है। गाय बीमार हो रही है, मर रही है लेकिन यहां पर कोई भी मेडिकल सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती है। डॉक्टर तक नहीं है। यहां तक कि एंबुलेंस भी नहीं आती है। फोन करने पर कोई मेडिकल स्टाफ फोन नहीं उठाते हैं। यहां के लोग 20000 रुपए के आसपास गाय खरीदते हैं। लंपी वायरस का शिकार होकर गाय मर जाती है। कोई देखने तक नहीं आता और मुआवजा भी नहीं मिलता है। चरवाह समुदाय गाय रखता है, लेकिन यहां पर गाय के रहने के लिए स्थान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि देश में गौ माता के नाम पर भाजपा वोट मांगती है, लेकिन उनके लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।

जनता पर महंगाई की मार

जनता का कहना है कि 27 साल में भाजपा की सरकार में केवल महंगाई बढ़ी है। गैस सिलेंडर 1200 रुपए पहुंच गया है। सरकार की नीतियों से केवल बड़े लोगों को फायदा हो रहा है। छोटे गरीब लोग और किसानों को केवल नुकसान ही हो रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि महंगाई सबसे बड़ा संकट है और इस बार भाजपा की सरकार बदलने वाली है।

27 साल में सरकारी स्कूलों का स्तर हुआ खराब

लतीपुर गांव के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए जाना भी नहीं चाहते हैं क्योंकि वहां पढ़ाई बिल्कुल भी नहीं होती है। मां-बाप अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में भेज रहे हैं, जहां 6 महीने की फीस 7000 रुपए है। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में बिल्कुल पढ़ाई नहीं होती है। वहां टीचर आते हैं और खा कर सो जाते हैं। पुरे दिन स्कूल में खाली बैठने के बाद छुट्टी के टाइम बच्चे अपने घर आ जाते हैं। सरकारी स्कूलों में बच्चे केवल क्लासों में आगे बढ़ते रहते हैं लेकिन उनको कुछ पढ़ाई-लिखाई आती नहीं है। टीचर स्कूलों में कुछ सिखाते नहीं है। यहां तक की बच्चों को 1 से लेकर 100 तक गिनती भी नहीं आती है। भाजपा की सरकार में सरकारी स्कूलों का स्तर बहुत ज्यादा खराब हो चुका है।

लतीपुर गांव की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे

ग्रामीणों ने बताया कि 1400 मीटर गौचर भूमि है, जिसे कब्जा कर लिया गया है। पूरे गांव में सड़क नहीं बनी है। लतीपुर से बाहर गांव की तरफ जाने वाला रास्ता भी गड्ढे से भरा हुआ है। बरसात के टाइम पर इसमें पानी जमा हो जाता है और ये ऐसे ही रहता है। लतीपुर गांव के सभी सडकों में बड़े-बड़े गड्ढे ही नजर आएंगे। अपनी समस्याओं से जूझते लोग आम आदमी पार्टी का सपोर्ट करते हुए नजर आए तो वहीं कुछ लोग कांग्रेस को सत्ता में लाना चाहते हैं। कुल मिलाकर इस बार गुजरात की सत्ता सत्ता पलट करने के मूड में है।


मोदी सरकार में छोटे दुकानदारों का कारोबार ठप

छोटे दुकानदारों का कहना है कि मोदी सरकार की नीतियों की वजह से उनका धंधा ठप हो गया है। बीते तीन-चार साल से और ज्यादा मुश्किल बढ़ चुकी है क्योंकि जीएसटी में काम नहीं हो पा रहा है। लगातार बीमारियां आ रही है लेकिन सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ कहते हैं कि देश खुशहाल है, गुजरात तरक्की पर है लेकिन जमीनी स्तर पर कोई परेशानियों को समझना नहीं चाहता है। जनता की तकलीफ अलग है और नेता का भाषण अलग है।

ग्रामीणों को ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका

ग्रामीणों को ईवीएम में गड़बड़ी होने की भी आशंका है। लोगों का कहना है कि यहां की पब्लिक शिकायत करती है कि ईवीएम में गड़बड़ी हो जाती है। वे वोट चाहे किसी भी पार्टी को दें, लेकिन भाजपा की ही पर्ची निकलती है। लोगों का कहना है कि हम बीजेपी को वोट नहीं देते हैं लेकिन पता नहीं फिर भी भाजपा कैसे दी जाती है। गांव के विकास के लिए सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं आती है। विकास के नाम पर जो भी पैसा आता है वह ऊपर बैठे अधिकारी खा जाते हैं। उस पैसे को गांव तक पहुंचने ही नहीं देते हैं। सरकार कहती है कि राष्ट्र का विकास हो रहा है लेकिन यहां गांव का 27 साल से विकास ही नहीं हुआ है तो राष्ट्र का विकास क्या होगा।

27 साल का गुजरात मॉडल से जनता नाखुश

लतीपुर के ग्रामीणों को भाजपा सरकार के 27 साल का गुजरात मॉडल पसंद नहीं आ रहा है और वह सत्ता बदलना चाहती है। ज्यादातर बात आम आदमी पार्टी को सत्ता में आने की हो रही है। वहीं कुछ जगह कांग्रेस भी चर्चा में है।

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