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Covid Third Wave : कोरोना की तीसरी लहर का जल्द आएगा पीक, एक्सपर्ट ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Janjwar Desk
9 Jan 2022 12:00 PM GMT
Covid-19 Update : सत्येंद्र जैन बोले- दिल्ली में आ चुकी है कोरोना की पीक, अब आएगी मामलों में गिरावट
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दिल्ली में आ चुकी है कोरोना की पीककोरोना की तीसरी लहर का जल्द आएगा पीक

Covid Third Wave : कोरोनावायरस की तीसरी लहर के खतरों पर जाने-माने स्वास्थ्य विशेषज्ञ और भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के पूर्व सचिव डॉ रवि मलिक ने लोगों के मन में उठ रहे सवालों के जवाब दिए हैं...

Covid Third Wave : देश में कोरोना का खौफ साफ दिखाई दे रहा है। भारत में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए यह साफ है कि कोरोना के तीसरी लहर एंट्री हो चुकी है। तेजी से फैल रहे कोरोना और उसके नए रूप ओमीक्रोन वैरिएंट ने एक बार फिर लोगों को घर में बंद रहने के लिए मजबूर कर दिया है। सभी राज्य सरकारों सहित केंद्र सरकार ने भी इसके मद्देनजर अपने अपने स्तर पर पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं। कोरोनावायरस की तीसरी लहर के खतरों पर जाने-माने स्वास्थ्य विशेषज्ञ और भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के पूर्व सचिव डॉ रवि मलिक ने लोगों के मन में उठ रहे सवालों के जवाब दिए हैं।

डॉ ने दिए सवालों के जवाब

बता दें कि डॉक्टर ने 5 सवालों के जवाब दिए हैं जिनमें से पहला सवाल यह था कि 'कोविड-19 के तेजी से बढ़ते मामले एक बार फिर डराने लगे हैं। कैसे देखते हैं आप इस स्थिति को|' इस सवाल पर डॉ रवि मलिक ने जवाब दिया कि संक्रमण तो काफी फैल रहा है। आने वाले समय में यह रुकेगा नहीं बल्कि और फैलेगा क्योंकि यह बहुत ही संक्रामक स्वरूप लेकर आया है। अब देखिए, अमेरिका ने भारत के मुकाबले ज्यादा लोगों का टीकाकरण किया। इसके बावजूद वहां पर यह तेजी से फैल गया है। पिछले 24 घंटों में अमेरिका में संक्रमण14 लाख के करीब जांच हुई है| जांच का दायरा बढ़ेगा तो देश में मामले और बढ़ेंगे क्योंकि बहुत सारे मामले बगैर लक्षण वाले हैं| बहुत से लोग जांच भी नहीं करवा रहे हैं और बहुत सारे लोग घरों में जांच करा रहे हैं लेकिन रिपोर्ट नहीं कर रहे हैं| इसके बावजूद यदि संक्रमण के मामले लाख की संख्या में आ रहे हैं तो मतलब साफ है कि यह आने वाले दिनों में तेजी से बढ़ेंगे। हां घबराना नहीं, सावधानी बरतनी होगी|

फरवरी में आएगा पीक

डॉ रवि मालिक ने दूसरे सवाल 'तो क्या हम तीसरी लहर में प्रवेश कर चुके हैं और यदि ऐसा है तो इसका चरम कब तक आने का अनुमान लगाया जा सकता है|' का जवाब देते हुए कहा कि अभी मामले और तेजी से बढ़ने लगे हैं। आने वाले दो हफ्तों में देखना होगा यह स्थिति क्या रूप लेती है। तब हमें पता चलेगा कि यह किस दिशा में बढ़ रहा है। लेकिन, हम तीसरी लहर के मध्य में पहुंच गए हैं और इससे इंकार नहीं किया जा सकता। संक्रमण की रफ्तार यही रही तो फरवरी में यह अपने चरम पर पहुंच सकता है।

ओमीक्रोन का प्रभाव डेल्टा के मुकाबले कम

डॉ रवि मालिक ने तीसरे सवाल 'ओमीक्रोन की संक्रामकता को लेकर सभी की राय एक जैसी है लेकिन यह कितना खतरनाक है, इसे लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं।' पर उन्होंने अपनी राय व्यक्त की है| उन्होंने कहा कि बहुत खतरनाक नहीं है। तुलनात्मक रूप से देखें और अभी तक अनुभवों के आधार पर कहूं तो ओमीक्रोन का स्वास्थ्य पर प्रभाव डेल्टा व कोराना के अब तक आए अन्य स्वरूपों के मुकाबले कम हैं। इस बार संक्रमण फेफड़ों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कोरोना से अधिकांश मौते संक्रमण के फेफड़ों तक पहुंचने से होती हैं। लेकिन इसे हल्का बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। यह सिर्फ जुकाम भर नहीं है। इसलिए बहुत सावधान ओर सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह जानलेवा भी हो सकता है।

वायरस फैलने के साथ रूप बदलता है

डॉ रवि मालिक ने अगले वेरिएंट के स्वरूपों के सवाल 'अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और अब कोराना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन आया है. फ्रांस में तो आईएचयू वेरिएंट ने भी दस्तक दे दी है|' पर कहा कि वायरस जैसे-जैसे फैलता है, वह अपना वेरिएंट बदलता है| आईएचयू अभी फ्रांस में शुरू हुआ है| आगे कोरोना के नए वेरिएंट भी आ सकते हैं| इस पर तो नजर रखनी ही होगी| हमें इस वायरस को वेरिएंट बदलने से रोकना है तो हमें ही सावधानी बरतनी होगी| उसे वेरिएंट बदलने का मौका ही ना दें, क्योंकि यह जितना फैलेगा, उतनी ही आशंका इसके स्वरूप बदलने की है|

कोरोना के और वेरिएंट भी आ सकते है

दे मालिक ने अगले सवाल 'हर किसी के मन में यही सवाल है. कब मिलेगी इस महामारी से निजात|' के जवाब में कहा कि संभवत: तीन से चार लहर के बाद इसे समाप्त हो जाना चाहिए लेकिन यह महामारी अप्रत्याशित है|कोरोना के और वेरिएंट भी आ सकते हैं इसलिए, इस बारे में कोई भी भविष्यवाणी करना उचित नहीं होगा| लेकिन संभवत: और ज्यादा लहर ना आए क्योंकि हम लोगों की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधकता) भी बढ़ रही है| टीका भी लग रहा है| वेरिएंट भी हल्का पड़ रहा है. तो हो सकता है आने वाले समय में यह महामारी उतना ज्यादा कहर ना डाले|

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