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ध्यान दें: कोरोना का टीका लेने के 20 दिनों के अंदर ये लक्षण दिखें तो देर न करें, तुरंत लें डॉक्टरी परामर्श

Janjwar Desk
24 Aug 2021 3:30 AM GMT
ध्यान दें: कोरोना का टीका लेने के 20 दिनों के अंदर ये लक्षण दिखें तो देर न करें, तुरंत लें डॉक्टरी परामर्श
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कोरोना का वैक्सीन लेने के 20 दिनों में ऐसे लक्षण दिखें तो लें डॉक्टरी परामर्श

वैक्सीन लगने के बाद लोगों के मन में कई तरह के सवाल भी पैदा हो रहे हैं, कुछ शंकाओं का जबाब सामने आए हैं और कुछ लक्षणों को लेकर बताया गया है कि ऐसे लक्षण दिखें तो तत्काल डॉक्टरी परामर्श लें..

जनज्वार। देश में कोरोना वैक्सिनेशन को लेकर शुरुआती दौर में कई तरह के अफवाह सामने आए थे। कोरोना के नई बीमारी होने के चलते इसका वैक्सीन भी बिल्कुल नया है और अभी भी इसके प्रभाव/दुष्प्रभाव को लेकर नई-नई बातें सामने आ रही हैं। हालांकि WHO से लेकर CDC तक ने वैक्सीन को सुरक्षित और प्रभावी बताया है। संक्रमण से बचाव तथा संक्रमित होने पर कम खतरा इन वैक्सीन की खासियत मानी जा रही है।

फिलहाल संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए कोविड टीकाकरण अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। जगह-जगह कैंप का आयोजन कर लोगों को कोविड-19 की वैक्सीन लगायी जा रही है। हालांकि वैक्सीन लगने के बाद लोगों के मन में कई तरह के सवाल भी पैदा हो रहे हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक पोस्टर जारी किया है।

ये लक्षण दिखें तो तुरंत लें डॉक्टरी परामर्श

सूचना एवं एवं प्रसारण मंत्रालय के द्वारा जारी इस पोस्टर के माध्यम से कहा गया है कि कोविड 19 की वैक्सीन लेने के 20 दिनों के अंदर कुछ लक्षण दिखाई देते हैं तो चिकित्सकों से परामर्श लेना आवश्यक है। इन लक्षणों में सांस लेने में कठिनाई, छाती में दर्द, हाथ पैर में दर्द, दबाने पर दर्द होना या सूजन आना, उल्टी होना या लगातार पेट दर्द होना, दौरा पड़ना, इंजेक्शन लगने की जगह से दूर त्वचा पर रक्त के छोटे या बड़े निशान होना, कोई अन्य लक्षण, धुंधला दिखाई देना या आंखों में दर्द होना, बिना किसी अस्पष्ट कारण के लगातार उल्टी होना, शरीर के किसी भी अंग में कमजोरी आना या तेज लगातार सिरदर्द। अगर ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

कोविड का टीका सुरक्षित और प्रभावी

सिविल सर्जन डॉ. जेपी सुकुमार ने कहा कि टीका लगने के बाद कुछ लोगों को हल्का बुखार होता है, जो ठीक हो जाता है। इसके अलावा अन्य कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखा गया है। टीके के प्रति लोगों के बीच मांग बढ़ी है और लोग खुद आगे आकर टीका लगवा रहे हैं। टीका लगवाने के बावजूद लोगों को कोविड प्रोटोकॉल जैसे मास्क के इस्तेमाल, शारीरिक दूरी और हाथों की स्वच्छता आदि का ध्यान रखना है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी कोविड का टीका लगाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केवल गंभीर बीमारियों जैसे ह्रदय रोग, कैंसर आदि के मरीजों को चिकित्सक के परामर्श के साथ टीका लगाने का सुझाव दिया जाता है। कोविड का टीका 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए सुरक्षित है। इसलिए सभी बढ़-चढ़कर टीकाकरण कराएं।

तीसरी लहर से बचाव के लिए एक मात्र हथियार है कोविड का टीका

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद अब तीसरी लहर की भी संभावना जताई जा रही है। ऐसी आशंका है कि तीसरी लहर में सबसे अधिक बच्चे प्रभावित हो सकते हैं। सिविल सर्जन डॉ सुकुमार ने कहा कि इसकी वजह से हमें अभी से ही इस महामारी के खिलाफ सावधान होने की जरूरत है, ताकि हम तीसरी लहर से भी खुद को सुरक्षित रखने के साथ अपने बच्चों को भी इस महामारी के प्रभाव से दूर रख सकें।

उन्होंने कहा, "कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को रोकने और उससे बचाव का फिलहाल एकमात्र उपाय टीकाकरण है। लोगों को सुरक्षित रखने के लिए व्यापक पैमाने पर टीकाकरण अभियान चल रहा है।"

जागरूकता अभियान से टीकाकरण को मिली गति

सिविल सर्जन ने कहा कि टीकाकरण के शुरुआती दौर में हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उन्हें ही टीका लगाया गया। इसके बाद वृद्धजनों और फिर 18 से 44 वर्ष उम्र वालों को टीकाकरण में शामिल किया गया। वहीं टीकाकरण को गति देने के लिए लगातार जागरूकता अभियान बड़े पैमाने पर जारी है। उसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं । लोग बढ़, चढ़कर वैक्सीनेशन कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं और लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "शुरुआती दौर में टीका को लेकर लोगों में भ्रम फैला था। जागरूकता अभियान के बाद ग्रामीणों को वैक्सीन की सारी जानकारी मिली। लोगों को बताया गया कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और कोरोना संक्रमण से बचाव का एकमात्र उपाय है।"

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