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स्वास्थ्य

कोरोना काल में गर्भवती महिलाओं का रखें विशेष ध्यान, इनका मानसिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी

Janjwar Desk
25 July 2020 2:30 AM GMT
कोरोना काल में गर्भवती महिलाओं का रखें विशेष ध्यान, इनका मानसिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी

प्रतीकात्मक तस्वीर

विशेषज्ञ कहते हैं कि गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 के बारें में खबर कम पढ़ना, देखना या सुनना चाहिए। इन्हें विशेष पौष्टिक आहार देना चाहिए।

जनज्वार। कोरोना संक्रमण काल में गर्भवती महिलाओं का शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के अलावा मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए माँ का पूर्ण स्वस्थ होना दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

WHO, ICMR आदि ने इसके लिए कई सुझाव दिए हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर भी गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं। खासकर उनका मानसिक रूप से स्वस्थ होना बहुत जरूरी है।

WHO तथा ICMR दोनों का कहना है कि कोरोना संकट के समय गर्भवती महिलाओं का मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। ऐसे समय में महिलाएं कोविड-19 के बारे में समाचार कम देखें, पढ़ें व सुनें।

वायरस के बारे में चिंता सामान्य है, लेकिन गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के लिए महिला का मानसिक तौर पर स्वस्थ रहना ज्यादा महत्वपूर्ण है। केवल विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें ताकि अपनी योजनाएं तैयार करने के लिए वह व्यवहारिक कदम उठा सकें।

सकरात्मक व उत्साहवर्धन वाली कहानियां पढ़ें

छपरा सदर अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नीला सिंह कहतीं हैं 'इस दौरान सकारात्मक और उत्साह बढाने वाली कहानियां पढ़ें, जैसे कि हाल ही में मां बनीं महिलाओं और कोविड विजेताओं की कहानियां। ऐसी कहानियां संबल प्रदान करेंगी। इसके अलावा हर माह की 9 तारीख को स्वास्थ्य केन्द्रों पर आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर प्रसवपूर्व जांच अवश्य कराएं ताकि पता चल सके उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) का कोई मामला तो नहीं है।

पौष्टिक आहार का सेवन करें

गर्भवती को घर पर नियमित रूप से हाथ की सफाई करते रहना चाहिए, अपने चिकित्सक से घर पर स्वच्छता के तौर-तरीकों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। डॉ नीला सिंह कहतीं हैं 'हरी सब्जियों, प्रोटीन और काबोर्हाइड्रेट सहित पर्याप्त व पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। यदि गर्भावस्था को लेकर किसी भी तरह की चिंता में हैं तो फोन पर अपने क्षेत्र की आशा या एएनएम या प्रसूति विशेषज्ञ से संपर्क कर सकती हैं। इसके साथ ही अगर प्रसव का समय करीब है तो अपना मदर कार्ड और आपातकालीन एम्बुलेंस का नंबर तैयार रखना सुरक्षा की दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। परिवार वालों को प्रसव पूर्व तैयारियों पर जोर देने की जरूरत है, ताकि आखिरी समय में प्रसूता को कोई दिक्कत न हो।'

गर्भवती महिलाएं इन बातों का जरूर रखें ध्यान

डॉ नीला सिंह ने कहा 'अपने क्षेत्र की आशा एवं ए.एन.एम के संपर्क में रहें। प्रसव की संभावित तिथि को लेकर रहें सजग एवं परिवारजनों को इसकी जानकारी दें। एम्बुलेंस का नंबर अपने पास रखें। प्रसव के समय बच्चों एवं किसी बीमार व्यक्ति के साथ अस्पताल न जाएँ। अस्पताल में लागू कोरोना के मापदंडों से खुद को और परिवार के लोगों को अवगत कराएँ। किसी भी आपातकालीन स्थिति में नजदीकी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा से संपर्क करें।' इन सावधानियों को अपनाकर स्वयं को कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाया जा सकता है

डॉ सिंह ने कहा 'घर में रहें और बाहर निकलने से बचें। घर से बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग करें। भीड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें। एल्कोहल युक्त हैण्ड वाश से हाथों की नियमित सफाई करें। नियमित व्यायाम करें और पौष्टिक भोजन ग्रहण करें और नशीली चीजों का सेवन न करें।'

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