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अपने रिस्क पर खाएं रामदेव की कोरोना दवा, क्योंकि आयुष मंत्रालय और ICMR ने झाड़ा पल्ला

Janjwar Desk
23 Jun 2020 1:17 PM GMT
अपने रिस्क पर खाएं रामदेव की कोरोना दवा, क्योंकि आयुष मंत्रालय और ICMR ने झाड़ा पल्ला
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रामदेव ने कहा कि आयुर्वेद की विधि से बनी दवाई कोरोनिल अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी, किया दावा इसका सेवन करने से कोरोना रोगियों का डेथ रेट हो जायेगा शून्य...

हरिद्वार, जनज्वार। योग गुरु बाबा रामदेव ने आयुर्वेदिक दवा से कोविड-19 के इलाज का दावा किया है। उन्होंने कोरोना के इलाज के लिए मंगलवार को कोरोनिल नामक टैबलेट (गोली) लॉन्च किया।

पतंजलि योगपीठ के प्रमुख रामदेव ने कहा कि "क्लिनिकली टेस्टेड, प्रामाणिक दवा के साथ आना एक चुनौती थी।" पतंजलि का दावा है कि जिन मरीजों पर इस दवाई का प्रयोग किया गया, वे पूरी तरह से ठीक हो गए और किसी की मौत नहीं हुई। रामदेव ने यहां तक दावा किया कि उन मरीजों में से 69 फीसदी तो महज तीन दिनों के अंदर ही ठीक हो गए।

रामदेव के करीबी सहयोगी और पतंजलि आयुर्वेद के एमडी बालकृष्ण ने कहा, हमने कोविड-19 के प्रकोप के बाद वैज्ञानिकों की एक टीम नियुक्त की। उन्होंने कहा कि पतंजलि ने सैकड़ों कोरोना पॉजिटिव रोगियों पर क्लीनिकल केस स्टडी की है।

इसे पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (निम्स) यूनिवर्सिटी, जयपुर ने मिलकर तैयार किया है। पतंजलि ने दावा किया है कि इसके लिए सभी वैज्ञानिक नियमों का पालन किया है।


क्लिनिकल परीक्षण के बारे में बात करते हुए, रामदेव ने कहा, इसके तहत 280 रोगियों को शामिल किया गया था और 100 फीसदी लोग ठीक हो गए।

उन्होंने कहा कि तीन दिन के अंदर 65 फीसदी रोगी पॉजिटिव से नेगेटिव हो गए। योगगुरु रामदेव ने कहा कि सात दिन में सौ फीसदी लोग ठीक हो गए, हमने पूरे रिसर्च के साथ इसे तैयार किया है। स्वामी रामदेव ने कहा कि हमारी दवाई का सौ फीसदी ठीक होने की दर (रिकवरी रेट) है और शून्य फीसदी मृत्युदर (डेथ रेट) है।

उन्होंने कहा कि टैबलेट में आयुर्वेदिक तत्वों का इस्तेमाल किया गया है। रामदेव ने कहा, कोरोनिल में 100 से अधिक यौगिकों (कंपोनेंट्स) का उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक पूरी किट बनाई जा रही है, जिसमें अन्य आयुर्वेदिक दवाएं भी शामिल हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। इस दवाई की पूरी किट 600 रुपये की है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि यह गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को मुफ्त में दी जाएगी।

इसकी खुराक के लिए पंतजलि की दवा के पैक पर दिए निर्देश में बताया गया है, कोरोनिल की 2-2 गोलियों का भोजन के आधे घंटे बाद गर्म पानी के साथ सेवन किया जाना चाहिए। ऊपर बताई गई दवा का सेवन और मात्रा 15 से 80 वर्ष की आयु के बीच के लोगों के लिए उपयुक्त है। बताई गई खुराक की आधी मात्रा का इस्तेमाल छह से 14 साल की उम्र के बच्चों के लिए किया जा सकता है।

स्वामी रामदेव ने कहा कि आयुर्वेद की विधि से बनी दवाई कोरोनिल अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी। इसके अलावा सोमवार को एक एप लॉन्च किया जाएगा, जिसकी मदद से घर पर यह दवाई पहुंचाई जाएगी।

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