आजीविका

टिकरी बॉर्डर पर बंगाल की युवती से रेप मामले में नया मोड़, पीड़िता के पिता ने संयुक्त मोर्चे को दी क्लीनचिट

Janjwar Desk
10 May 2021 3:32 PM GMT
टिकरी बॉर्डर पर बंगाल की युवती से रेप मामले में नया मोड़, पीड़िता के पिता ने संयुक्त मोर्चे को दी क्लीनचिट
x

गैंगरेप से भी मन नहीं भरा तो वीडियो बनाकर वायरल कर दिया सोशल मीडिया पर

पीड़िता के पिता ने एक ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में किसान संयुक्त मोर्चा को दी क्लीनचिट दी है। मृतक युवती के पिता ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई, लेकिन निर्दोष लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाये...

जनज्वार। बंगाल से किसान आंदोलन में भाग लेने आई एक युवती की कोरोना संक्रमित होने के बाद मौत हो गई। बाद में पीड़िता के पिता ने रेप का आरोप लगाया। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसमें किसान सोशल आर्मी से जुड़े अनिल मलिक और अनूप चणौत को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसके साथ ही किसान आंदोलन से जुड़ी योगिता और कविता नाम की महिला किसानों को भी नामजद किया गया है। पुलिस ने दोनो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की है।

पीड़िता के पिता ने बताया था कि उन्होंने सारे मामले की जानकारी योगेंद्र यादव को दी थी, लेकिन योगेंद्र यादव ने पूरा मामला पुलिस के पास ले जाने की बजाय छुपाकर रखा। अब जबकि मामला सामने आ गया तो किसान आंदोलन और योगेद्र यादव पर उंगली उठ रही है।

इसी बीच सोमवार 10 मई को पीड़िता के पिता ने एक ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में किसान संयुक्त मोर्चा को दी क्लीनचिट दी है। मृतक युवती के पिता ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई, लेकिन निर्दोष लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई न कि जाए।

पीड़ित पिता ने बताया कि वह और उनकी बेटी 11 मार्च को कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए आए थे। वह तो वापस चले गए, लेकिन उनकी जो कि सोशल एक्टिविस्ट है, आंदोलन में रह गई।

यहां उसकी बेटी का रेप किया गया। उसने यह भी बताया कि 30 अप्रैल को उसकी बेटी कोरोना संक्रमित हो गई। उसकी हालत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

अब पीड़ित युवती का पिता सामने आया, उसने बहादुरगढ़ पुलिस को शिकायत दी है। मामले के सामने आते ही आंदोलन कर रहे किसानों में हड़कंप मच गया।

तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि आंदोलन किसी तरह से खत्म कराया जाए। जैसे ही यह मामला सामने आया तो आंदेालन खत्म करने की कोशिश में लगे लोगों को यह मौका अच्छा लगा। उन्होंने घटना की आड़ में किसान नेताओं को भी घेरना शुरू कर दिया।

मामला उस वक्त पलट गया, जब पीड़िता के पिता ने ऑनलाइन बातचीत करते हुए दावा किया कि संयुक्त किसान मोर्चे का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन दो महिला किसानों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया, वह गलत है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ शिकायत नहीं दी है।

इधर योगिता ने ट्वीट किया कि इस मामले में उनकी प्रतिष्ठा को ठेस लगी है। वह मामले को लेकर मानहानि का केस दर्ज कराएगी।

Next Story

विविध

Share it