हाशिये का समाज

राजस्थान : सवर्णों के उत्पीड़न से परेशान 250 दलित परिवारों ने हिंदू धर्म त्याग बौद्ध को किया स्वीकार

Janjwar Desk
22 Oct 2022 10:03 AM GMT
राजस्थान : सवर्णों के उत्पीड़न से परेशान 250 दलित परिवारों ने हिंदू धर्म त्याग बौद्ध को किया स्वीकार
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Conversion in Rajasthan : बारां के दलित परिवारों ( Dalit families ) ने बौद्ध धर्म को स्वीकार करने से पहले अपने-अपने घरों से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों को बैथली नदी में विसर्जित कर दिया।

Conversion in Rajasthan : राजस्थान के बारां ( Baran ) जिले से सैकड़ों दलित परिवार ( Dalit families ) द्वारा एक साथ धर्म परिवर्तन ( Conversion ) का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शनिवार को दलित परिवार से लोगों सामूहिक तौर पर हिंदू धर्म ( Hindu ) को त्यागकर बौद्ध ( Budhha ) धर्म को स्वीकार कर लिया है। बौद्ध धर्म को स्वीकार करने से पहले उन्होंने अपने-अपने घरों से देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों को बैथली नदी में विसर्जित कर दिया।

दरसअल, राजस्थान ( Rajasthan ) के बारां ( Baran ) जिले के छबड़ा क्षेत्र स्थित भूलोन गांव के 250 दलित परिवार ( Dalit families ) सवर्ण समाज के लोगों की मारपीट से आहत पिछले कुछ दिनों से आहत थे। इन परिवारों ने राजस्थान के शासन-प्रशासन के खिलाफ भी आक्रोश जताया था। आरोप लगाया कि 15 दिन पहले मां दुर्गा की आरती करने पर सवर्णों ने दलित समुदाय के दो युवकों के साथ मारपीट की थी। सवर्णों के उत्पीड़न के खिलाफ राष्ट्रपति से लेकर जिला प्रशासन तक न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

माता की आरती गुनाह नहीं है न, फिर दलित युवकों की पिटाई क्यों

जिला बैरवा महासभा युवा मोर्चा के अध्यक्ष बालमुकंद बैरवा ने बताया कि भूलोन गांव में 5 अक्टूबर को दलित समुदाय के युवकों राजेंद्र और रामहेत ऐरवाल ने मां दुर्गा की आरती का आयोजन किया था। दोनों ने ऐसा कर अपने धर्म का पालन किया। इसके बावजूद राहुल शर्मा और लालचंद लोधा ने मारपीट इनकी पिटाई की थी। इस घटना के खिलाफ दलित परिवार के लोगों ने बारां पुलिस प्रशासन, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से की और न्याय की गुहार लगाई। जब कहीं से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो दलित समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन का फैसला लिया। धर्म परिवर्तन के लिए शुक्रवार को गांव में आक्रोश रैली निकाली। इसके बाद देवी-देवताओं की प्रतिमाओं-तस्वीरों का नदी में विसर्जन किया। उसके बाद बौद्ध धर्म को स्वीकार कर लिया।

बैरवा समाज ने दी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

बारां बैरवा महासभा युवा मोर्चा के बालमुकंद बैरवा ने चेतावनी दी कि अगर मुख्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो छबड़ा SDM ऑफिस पर प्रदर्शन किया जाएगा। बालमुकंद ने राजस्थान में कानून व्यवस्था ठप होने और दलितों पर अत्याचार के मामले बढ़ने के आरोप लगाए हैं।

मामले को दिया जा रहा राजनीतिक तूल

Conversion in Rajasthan : इस मामले में बारांप के DSP पूजा नागर ने बताया कि पीड़ित ने थाने में FIR दर्ज कराई थी, लेकिन उसमें सरपंच प्रतिनिधि का नाम नहीं लिखा है। मामले की जांच की जा रही है। एससी-एसटी एक्ट के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब इस मामले को कुछ लोग सियासी नजरिए से देख रहे हैं।

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