हाशिये का समाज

सालभर से फरार दलित युवती पिंकी का हत्यारोपी ग्रामीणों के एक महीने के आंदोलन के बाद हुआ गिरफ्तार, पुलिस जता रही थी नेपाल भागने की आशंका

Janjwar Desk
3 Nov 2022 11:36 PM GMT
सालभर से फरार दलित युवती पिंकी का हत्यारोपी ग्रामीणों के एक महीने के आंदोलन के बाद हुआ गिरफ्तार, पुलिस जता रही थी नेपाल भागने की आशंका
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सालभर से फरार दलित युवती पिंकी का हत्यारोपी ग्रामीणों के एक महीने के आंदोलन के बाद हुआ गिरफ्तार, पुलिस जता रही थी नेपाल भागने की आशंका (इनसेट में मारी गयी युवती पिंका का फाइल फोटो)

दलित युवती के नामजद हत्यारोपी गुलाब सिंह जोकि सवर्ण जाति से ताल्लुक रखता था, को सालभर से न पकड़े जाने पर लगभग महीने भर से स्थानीय लोग देवाल में हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे थे, आंदोलन के दबाव को ही महसूस करते हुए पुलिस की सक्रियता इस मामले में बढ़ी और आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी...

Dehradun news : चमोली जिले के देवाल में पिंकी नाम की दलित युवती की हत्या के जिस आरोपी को पुलिस बीते एक साल से फरार बताकर लोगों को गुमराह कर रही थी, आंदोलन की धमक से थर्राई पुलिस ने उसे एक महीने में ही गिरफ्तार कर लिया। एक साल पुराने हुए इस हत्याकांड के मुख्यारोपी का संबंध सत्ताधारी पार्टी से था, जिसकी पत्नी स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि है।

एक वर्ष पूर्व 13 अक्टूबर 2021 को चमोली जिले के देवाल विकास खंड के खेता मानमती की दलित युवती पिंकी की गांव के ही एक रसूखदार व्यक्ति गुलाब सिंह पुत्र जवाहर सिंह द्वारा हत्या किये जाने की बात सामने आयी थी।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 13 अक्तूबर 2021 को हुई पिंकी हत्या का मामला राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र नलधूरा में सामने आया। इस मामले में गुलाब सिंह पुत्र जवाहर सिंह निवासी खैता मानमती तहसील थराली के विरुद्ध 15 अक्तूबर को 2021 को राजस्व क्षेत्र नलधूरा तहसील थराली में पंजीकृत हुआ। जघन्य अपराध होने के कारण विवेचना राजस्व पुलिस से नियमित पुलिस को दिनांक 28 अक्तूबर 2021 को स्थानांतरित हुई। घटना के बाद से ही गुलाब सिंह लगातार फरार चल रहा था।

पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के अथक प्रयास के बाद भी गुलाब सिंह गिरफ्तार नहीं हुआ। कोर्ट से आरोपी के गिरफ्तारी के वारंट प्राप्त किए गए और कुर्की के नोटिस के बाद कुर्की की कार्रवाई की गयी, लेकिन इसके बाद भी गिरफ्तारी न होने पर गुलाब सिंह को ढाई हजार का इनामी भी घोषित किया गया था। ईनामी राशि बढ़ाकर बाद में पांच हजार रुपए की गयी थी, लेकिन गुलाब सिंह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया। पुलिस उसके नेपाल भागने की आशंका व्यक्त कर रही थी।

दूसरी तरफ इस मामले में इस हत्याकांड की बरसी पर 13 अक्टूबर गुरुवार को क्षेत्र के सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों ने देवाल मुख्यालय पर प्रदर्शन कर प्रशासन और पुलिस का पुतला दहन कर तहसील पर धरना दिया था। हत्याकांड के एक वर्ष बाद भी हत्यारोपी की गिरफ्तारी नही होने को पुलिस की बढ़ी नाकामी बताते हुए हत्यारोपित को तत्काल गिरफ्तार कर और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। इस आंदोलन को इलाके के कई संगठनों ने अपना समर्थन दिया था, जिसके बाद दबाव में आई पुलिस की सक्रियता बढ़ी तो कल 2 नवंबर की शाम बुधवार को गुलाब सिंह को सिमलि बैंड के पास से गिरफ्तारी दिखा दी।

इस मामले में भाकपा माले के गढ़वाल प्रभारी इंद्रेश मैखुरी ने हत्यारोपी की गिरफ्तारी को आंदोलन की जीत बताते हुए पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मैखुरी कहते हैं एक साल होने के बाद भी नामजद हत्यारोपी के न पकड़े जाने पर लगभग महीने भर से स्थानीय लोग देवाल में हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन के दबाव को ही महसूस करते हुए पुलिस की सक्रियता इस मामले में बढ़ी और आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी।

मैखुरी आगे कहते हैं, 26 सितंबर को चमोली जिले की निवर्तमान पुलिस अधीक्षक से मुलाक़ात के वक्त उनके सामने मैंने इस मामले में एक साल बाद भी आरोपी के न पकड़े जाने पर सवाल उठाया तो उनका जवाब था कि आरोपी नेपाल भाग गया है और पुलिस आरोपी की पत्नी के जरिये उस तक पहुँचने की कोशिश में लगी है। इन कोशिशों को शायद जनता के आंदोलन के बिना गति नहीं मिल रही थी, इसलिए जो गिरफ्तारी साल भर से नहीं हो रही थी, वो आंदोलन के बाद महीने भर में हो गयी।

उन्होंने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के प्रवाधान का जिक्र करते हुए लिखा कि इस अधिनियम से संबंधित अपराधों के मामले में हुई पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, उम्मीद है कि चमोली पुलिस ऐसा कर रही होगी और अगर न कर रही हो तो कानून के प्रावधान पर उन्हें अमल करना चाहिए।

पिछले साल 15 अक्टूबर को अभियुक्त के खिलाफ पिंकी के पिता खिलाफ राम ने नामज़द रिपोर्ट लिखवाई, लेकिन अभियुक्त को गिरफ़्तार नहीं किया गया। बाद में मामले को पटवारी से पुलिस को सौंप दिया गया था, लेकिन जब इतने वक्त बाद भी पुलिस आरोपी को नहीं पकड़ पायी तो ग्रामीणों ने आंदोलन की राह अख्तियार की। पिछले माह 13 अक्टूबर को ग्रामीणों ने अभियुक्त की गिरफ़्तारी को लेकर देवाल में प्रदर्शन किया था।

क्षेत्र के ग्राम प्रधान दीवान राम ने आरोप लगाया था कि इस क्षेत्र में दलितों के ऊपर उत्पीड़न की घटनायें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन इन घटनाओं के प्रति उदासीन बना हुआ है। सोशल मीडिया में आई खबरों के मुताबिक इसी गाँव की एक बच्ची मानुली पुत्री श्री हरीराम दिसंबर 2019 से ग़ायब है, जिसका अभी तक उसका पता नहीं चल पाया है।

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