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ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस ने अब तक दर्ज की 22 FIR, टिकैत बोले एक कौम को बदनाम करने की साजिश

Janjwar Desk
27 Jan 2021 5:33 AM GMT
ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस ने अब तक दर्ज की 22 FIR, टिकैत बोले एक कौम को बदनाम करने की साजिश
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तमाम जगह हुयी हिंसक घटनाओं में अब तक पुलिस ने 22 एफआईआर दर्ज की हैं। किसानों ने 26 जनवरी को दिल्ली की सड़कों पर शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर परेड निकालने का वादा किया था, मगर कुछ उपद्रवी तत्वों और पुलिस द्वारा जबरन रोके जाने पर आक्रोशित किसानों के बीच ​झड़प के कारण माहौल हिंसक हो गया....

जनज्वार। नये कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान पिछले 2 महीने से दिल्ली के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। कल 26 जनवरी को अवसर पर किसानों ने ट्रेक्टर रैली आयोजित की थी, जिसमें कई जगह हिंसक घटनायें हुयीं और एक 30 साल के नौजवान किसान की मौत भी हो गयी। आंदोलनकारियों का कहना है कि युवक की मौत पुलिस की गोली से हुई, जबकि पुलिस का कहना है कि वह ट्रैक्टर से स्टंट कर रहा था, जिस कारण उसकी मौत हुयी।

तमाम जगह हुयी हिंसक घटनाओं में अब तक पुलिस ने 22 एफआईआर दर्ज की हैं। किसानों ने 26 जनवरी को दिल्ली की सड़कों पर शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर परेड निकालने का वादा किया था, मगर कुछ उपद्रवी तत्वों और पुलिस द्वारा जबरन रोके जाने पर आक्रोशित किसानों के बीच ​झड़प के कारण माहौल हिंसक हो गया। नागलोई में तो पुलिस ने आंसूगैस के गोले और लाठीचार्ज भी किया। यही हाल लालकिला पर हुआ, जहां पर दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर है।

पुलिस का कहना है कि हिंसक घटनाओं में हमारे 100 से ज्यादा जवान घायल हुए हैं। वहीं बड़ी संख्या में किसानों के भी घायल होने की सूचना है। कुछ आंदोलनकारी तो अंदरखाने यह भी कह रहे हैं कि कुछ की इस दौरान मौतें भी हुयी हैं, मगर इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है। पुलिस की मानें तो अभी और कई एफआईआर कल के हिंसक घटनाक्रम के लिए दर्ज की जायेंगी। दिल्ली की सीमाओं मसलन सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर से शुरू हुई ट्रैक्टर परेड हिंसा, झड़प और बवाल के बीच लालकिला पर पहुंचकर खत्म हुई। इसके बाद नागलोई से भी हिंसा की खबरें आयीं, जहां पुलिस द्वारा आंसूगैस के गोले और लाठीचार्ज करने पर गुस्साये आंदोलकारी किसानों ने दर्जनभर से ज्यादा डीटीसी बसों और निजी वाहनों को नुकसान पहुंचा।

वहीं इस मामले में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत कहते हैं, 'लालकिले पर जिसने झंडा फहराया वो कौन आदमी था? एक कौम को बदनाम करने की साज़िश पिछले 2 महीने से चल रही है। कुछ लोग को चिह्नित किया गया है उन्हें आज ही यहां से जाना होगा। जो आदमी हिंसा में पाया जाएगा उसे स्थान छोड़ना पड़ेगा और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।'

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