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आंदोलन

उर्मिला सनावर द्वारा पुख्ता सबूत देने के बाद भी धामी सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच के बजाय वीआईपी हत्यारों को दे रही है संरक्षण !

Janjwar Desk
9 Jan 2026 4:54 PM IST
उर्मिला सनावर द्वारा पुख्ता सबूत देने के बाद भी धामी सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच के बजाय वीआईपी हत्यारों को दे रही है संरक्षण !
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गट्टू का नाम उजागर होने के बादजूद भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौन हैं, अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष CBI जांच होनी चाहिए, वह या कोई और वीआईपी इस मामले में शामिल था इसका खुलासा जनता के बीच किया जाना चाहिए, भाजपा सरकार अगर बेटियों को सुरक्षा नहीं दे पा रही है तो उसे सत्ता में बने रहने का भी कोई अधिकार नहीं है...

रामनगर। महिला एकता मंच द्वारा उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर आज 9 जनवरी को रामनगर के मालधन में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन में महिलाओं ने अंकिता की हत्या में शामिल वीआईपी का पर्दाफाश किये जाने, वनंतरा रिजोर्ट में सबूत मिटाने के लिए बुलडोजर चलाने वाले अधिकारियों एवं भाजपा नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा कार्य स्थल पर महिलाओं को सुरक्षा दिये जाने व सभी को नियमित एवं सम्मानजनक रोजगार की गारंटी दिए जाने की मांग की।

मालधन चौड़ पर आयोजित सभा का संचालन करते हुए सरस्वती जोशी ने कहा अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड में उर्मिला सनावर की जो वीडियो सामने आयी है उसमें वीआईपी के रुप में पूर्व भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यन्त गौतम उर्फ गट्टू का नाम उजागर किया गया है और कुछ वीडियो भी सबूत के तौर पर प्रशासन को दी गई है, उसके बाद भी भाजपा सरकार मामले की सीबीआई जांच करने जगह अंकिता की हत्या में संलिप्त वीआईपी को बचा रही है, महिलाओं के साथ हो रही हिंसा को नजर अंदाज कर अपराधियों को संरक्षण दे रही है।

महिला एकता मंच की संयोजिका ललिता रावत ने कहा कि हमारे घरों की बेटियां जब होटल रिसोर्ट में काम करने जाती हैं तो उन्हें ₹ 7-8 हजार महीने की वेतन दी जाती है तथा 10 12 घंटे काम लिया जाता है। उनकी गरीबी और मजबूरी का फायदा उठाकर कुछ लोग इन बच्चियों को देह व्यापार में धकेलना की कोशिश करते हैं, अंकित भंडारी का प्रकरण इसका साक्षात उदाहरण है।

भगवती आर्य ने कहा कि गट्टू का नाम उजागर होने के बादजूद भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौन हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वह या कोई और वीआईपी इस मामले में शामिल था इसका खुलासा जनता के बीच किया जाना चाहिए। भाजपा सरकार अगर बेटियों को सुरक्षा नहीं दे पा रही है तो उसे सत्ता में बने रहने का भी कोई अधिकार नहीं है।

विनिता टम्टा ने कहा कि भाजपा सरकार का बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का नारा भी एक ढकोसला बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अंकिता हत्याकांड से संबंधित सबूतों को मिटाने व उसके कमरे में बुलडोजर चलाने के लिए जिम्मेदार भाजपा नेताओं व अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

सभा को महिला एकता मंच की भावना आर्या, गिरीश आर्या, इन्द्रजीत, ग्राम प्रधान पुष्पा कोहली, सरला, ममता आदि ने सम्बोधित किया।

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