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Jharkhand news : जेल में बंद रूपेश कुमार सिंह ने भूख हड़ताल ली वापस, जेल प्रशासन ने मांग मानने का दिया आश्वासन

Janjwar Desk
15 Aug 2022 3:34 PM GMT
Ranchi News : सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करो - भगवान दास किस्कु, समरू खड़िया और स्वतंत्र पत्रकार रूपेश कुमार सिंह की रिहाई की मांग
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Ranchi News : सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करो - भगवान दास किस्कु, समरू खड़िया और स्वतंत्र पत्रकार रूपेश कुमार सिंह की रिहाई की मांग

Jharkhand news : रूपेश कुमार सिंह की पत्नी ईप्सा शताक्षी कहती हैं, 15 अगस्त को रूपेश से बात हुई उन्होंने बताया कि जेल सुपरिटेंडेंट ने आकर उनसे बात की और उनकी तीनों मांगों को मानते हुए संबंधित सुधार का वादा किया और जेल के बड़े जमादार को निर्देश दिया....

Jharkhand news : स्वतंत्र पत्रकार रूपेश कुमार सिंह (Rupesh Kumar Singh) सरायकेला जेल में अपनी तीन मांगों को लेकर आज यानी 15 अगस्त से भूख हड़ताल की घोषणा की थी। कारण था पत्रकार रूपेश सिंह को जहां रखा गया वह जगह काफी जर्जर अवस्था में है, अतः उसे बदलने मांग की गई थी। रूपेश सिंह ने जेल प्रशासन से जो तीन मांगें रखी थी उसमें -

-मुझे एक सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, बाकि बंदियों से मिलने जुलने भी दिया जाए।

-मुझे पढ़ने लिखने का सामान उपलब्ध कराया जाए।

-मुझे जेल मेन्युल के हिसाब से खाना और ठीक तरह पका खाना दिया जाए, क्योंकि रोटियां बिल्कुल अधपकी रहती हैं।

इस मामले को लेकर जेल प्रशासन को सीजेएम मंजू कुमारी (manju Kumari) द्वारा फटकार लगाई गयी थी, जगह चेंज करने का उन्हें सख्त निर्देश दिया गया था। 13 अगस्त को मुलाकाती में रूपेश ने बताया था कि सीजेएम मंजू कुमारी ने उन्हें तुरंत जगह बदलने का निर्देश देते हुए यहां तक कहा कि या तो रूपेश जी को सामान्य कैदियों सा रखा जाए या इतने खतरनाक है तो सेंट्रल जेल भेज दिया जाए।

इस आदेश के बाद लगा था बदलाव जरूर होगा, क्योंकि कोर्ट के आदेश को न मानना कोर्ट की अवमानना है। कम से कम ये लोग कोर्ट की तो इज्जत करेंगे, मगर फिर भी रूपेश जी को दूसरी सुरक्षित जगह शिफ्ट नहीं किया गया। उसके बाद रूपेश ने घोषणा की कि वे 15 अगस्त से भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

इस बाबत रूपेश कुमार सिंह की पत्नी ईप्सा शताक्षी कहती हैं, 15 अगस्त को रूपेश से बात हुई उन्होंने बताया कि जेल सुपरिटेंडेंट ने आकर उनसे बात की और उनकी तीनों मांगों को मानते हुए संबंधित सुधार का वादा किया और जेल के बड़े जमादार को निर्देश दिया।

1. जगह बदलने पर सुपरिटेंडेंट का कहना था, उस जगह को ठीक कर वहां और भी कैदियों को शिफ्ट कर देंगे, ताकि आप और भी लोगों से बातचीत कर सकें।

2. कॉपी, कलम मैंने 13 अगस्त को पहुंचायी था, पर रूपेश को उन्होंनें दिया नहीं था, पर अब उसे देने की बात कही गई है।

3 . खाने लायक खाना और जेल मेन्युल के हिसाब से खाने मांग को मानते हुए बड़ा जमादार को ध्यान रखने को कहा गया है।

जेल प्रशासन द्वारा इन सारे वादों के साथ रूपेश कुमार सिंह की भूख हड़ताल समाप्त करवायी। ईप्सा कहती हैं कि हम उम्मीद करते हैं जेल प्रशासन इन वादों को पूरा करें।

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