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रेलकर्मियों ने अपनी मांगों के साथ देशभर में मनाया काला दिवस, सरकार नहीं मानती इन्हें कोरोना वारियर

Janjwar Desk
26 Jun 2021 6:10 AM GMT
रेलकर्मियों ने अपनी मांगों के साथ देशभर में मनाया काला दिवस, सरकार नहीं मानती इन्हें कोरोना वारियर
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रेल कर्मचारियों ने काला दिवस मनाते हुए देशभर में दर्जनों जगहों पर किया विरोध प्रदर्शन

कोविड-19 संकट में अपनी जान की परवाह किए बगैर रेल का परिचालन करने वाले रेल कर्मचारियों को जहां सरकार की तरफ से अतिरिक्त भत्ता मिलना चाहिए था, वहीं कर्मचारियों को हमेशा से मिलने वाले नाइट ड्यूटी अलाउंस, डीए को मनमाने ढंग से रोक रखा है...

जनज्वार। कल 25 जून इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फ़ेडरेशन (IREF) सम्बद्ध ऐक्टू की तरफ़ से देशभर में डीए की मांग करते हुए काला दिवस मनाया गया। इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन महासचिव कॉमरेड सर्वजीत सिंह ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार कि मजदूर, किसान, छात्र नौजवान विरोधी नीतियों की वजह से देश के मेहनतकश लोगों में भारी आक्रोश और नाराज़गी है। विगत दो महीने के अंदर 2300 से भी ज्यादा रेल कर्मचारियों ने कोविड महामारी के समय देश सेवा में रेल का परिचालन करते हुए अपनी शहादत दी है, लेकिन हमारी सरकार शहीद रेल कर्मचारियों को कोरोना वैरियर्स मानने को तैयार नही है।

और तो और कोविड-19 संकट में अपनी जान की परवाह किए बगैर रेल का परिचालन करने वाले रेल कर्मचारियों को जहां सरकार की तरफ से अतिरिक्त भत्ता मिलना चाहिए था, वहीं कर्मचारियों को हमेशा से मिलने वाले नाइट ड्यूटी अलाउंस, डीए को मनमाने ढंग से रोक रखा है। इसके खिलाफ तमाम कार्यरत युवा रेल कर्मचारियों ने गोलबंदी करते हुए शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक तरीके से सरकार द्वारा तय कोविड-19 दिशा निर्देश का पालन करते हुए डीए दिए जाने की मांग, काला बैज, प्लेकार्ड के साथ, काला दिवस मनाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

आंदोलनकारियों ने कहा हम जानते हैं कि सरकार के चौतरफ़ा हमलों का मुकाबला सामूहिक एकता के साथ ही किया जा सकता है, इसीलिए हमने सभी भारतीय रेलवे कार्यरत सभी कैटोरिगल एसोसिएशन /यूनियन/ फेडरेशन इत्यादि जो गैर मान्यता प्राप्त हैं, लेकिन संघर्षकारी हैं, उनसे हम लगातार संवाद करते हुए एक बड़ी एकता बना रहे हैं। कॉमरेड सर्वजीत सिंह 26 जून 2021 को एनएमओपीएस और फ्रंट अगेंस्ट एनपी इन रेलवे द्वारा री स्टोर एनपीएस ट्यूटर अभियान को सफल बनाने की अपील की।

ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव डॉ कमल उसरी ने कहा इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन अपने जन्मकाल से रेलहित में देशहित में संघर्ष करता रहा है। उत्पादन इकाइयों के निगमीकरण, एनपीएस, रेल कर्मचारियों को कोरोना वैरियर्स घोषित करने की मांग हो, नाइट ड्यूटी आलाउंस, डीए, स्टेडियम सहित जनता की सवारी गाड़ी रेलवे के निजीकरण के खिलाफ चलने वाली ऐतिहासिक संघर्ष की जिम्मेदारी उठाने की बात हो, इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन के बहादुर नेतृत्वकारी साथी फासीवादी निज़ाम के दमनकारी नीतियों से डरे बग़ैर लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा महामहिम राष्ट्रपति जी आज स्पेशल ट्रेन से उत्तर मध्य रेलवे जोन के कानपुर सेंट्रल, अनवरगंज स्टेशन आए हुए हैं, हम उनका स्वागत करते हुए कहना चाहते हैं कि वो जनता की सवारी गाड़ी रेलवे को जिसकी रेल पटरियां देश की सिरा धमनी है, को बिकने से बचायें। इसलिए भी बचायें, ताकि महामहिम राष्ट्रपति फिर से रेलवे की यात्रा कर सकें।

कमल उसरी ने बरेली में रेल कर्मचारी राजेश कुमार राठौर (35) को बैंक सिक्योरिटी गार्ड द्वारा गोली मारने की निंदा करते हुए कहा कि यह घटना को देश में जागरुकता बगैर जबरन नियम-कानून थोपने से उपजे माहौल का नतीजा है। इसी तरह की घटनाएं तब भी हुईं थी जब खुले में शौच को लेकर सरकार ने आम लोगों पर दबाव बनाया तब कई हत्याएं हुईं थीं, जिसमें राजस्थान में हमारे साथी जफर की हत्या हो गई थी।

डीए की मांग के समर्थन में विरोध प्रदर्शन आरसीएफ़ कपूरथला, एमसीएफ़ पटियाला, नार्थ सेंट्रल रेलवे प्रयागराज, आगरा, झांसी, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर में वाराणसी, लखनऊ, बरेली, उत्तर रेलवे नई दिल्ली, जगाडरी वर्कशॉप, जगाडरी, लखनऊ, सुल्तानपुर, जौनपुर, अंबाला, उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर, पूर्व मध्य रेलवे पंडित दीनदयाल उपाध्याय मुग़लसराय, रक्सौल, धनवाद, गोमो, पटना, रेणुकूट, समस्तीपुर, चितरंजन, बी एल डब्लू वाराणसी, एम सी एफ़ रायबरेली, ईस्ट कोस्ट रेलवे में खुर्दा, भुवनेश्वर,पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, कटनी, उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर, पूर्व रेलवे कोलकाता, दक्षिण पूर्व रेलवे खड़गपुर, हावड़ा, आंद्रा, इत्यादि जगह कार्यक्रम हुआ।

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