Begin typing your search above and press return to search.
आंदोलन

उत्तर प्रदेश में "पढ़ाई कमाई दवाई" को चुनावी मुद्दा बनायेगा युवा हल्लाबोल

Janjwar Desk
7 Jun 2021 12:14 PM GMT
उत्तर प्रदेश में पढ़ाई कमाई दवाई को चुनावी मुद्दा बनायेगा युवा हल्लाबोल
x

युवा हल्लाबोल के संयोजक अनुपम ने कहा, झूठे प्रचार से जनता को गुमराह करना योगी सरकार की फितरत 

जनज्वार। 'उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर युवाओं द्वारा 'यूपी बेरोजगार दिवस' मनाने से सरकार बौखला गयी है, इसलिए आनन फानन में रोज़गार के मुद्दे पर कुछ न कुछ नोटिफिकेशन जारी किया जा रहा है और रोज़गार पर भ्रामक दावे किए जा रहे हैं।'

ऐसा कहना है 'युवाहल्ला बोल' के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम का जिनके संगठन के आह्वान पर यह सफल मुहिम चलायी गयी। अनुपम ने कहा कि झूठे प्रचार से जनता को गुमराह करना इस सरकार की फितरत हो गयी है। हर बार जब सरकार से सवाल पूछे जाते हैं तो जवाब देने की बजाए ये लोग झूठ बोलने की तीव्रता बढ़ा लेते हैं।

बीते 5 जून को युवाओं ने 10 लाख से ज्यादा ट्वीट कर मुख्यमंत्री के जन्मदिन को 'बेरोज़गारी दिवस' के रूप में मनाया, जिसके तुरंत बाद यूपी गवर्नमेंट के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से रोज़गार मिशन चलाये जाने की बात कही गयी। इतना ही नहीं, सोमवार 7 जून को सीएम योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 4 साल में 4 लाख रोजगार देने की न्यूज क्लिप लगाई गयी, जिसके बाद 'युवा हल्ला बोल' के राष्ट्रीय समन्वयक गोविंद मिश्रा ने सरकार को उन्हीं की भाषा में जवाब देते हुए कहा कि "कमाल का झूठ है ये तो!

अखबार और झूठे प्रचार के माध्यम से कई बार 4 लाख नौकरियां देने का दावा किया गया लेकिन जब RTI से पूछा गया कि किन विभागों में कितनी नौकरियां दी गईं तो सरकार के पास कोई आंकड़ा ही नहीं था।

#यूपी_बेरोजगार_दिवस से बौखलाई सरकार फिर झूठे आंकड़े पेश कर रही है!"

गौरतलब है कि फरवरी माह में 'युवा हल्ला बोल' के अनुपम और गोविंद मिश्रा ने लखनऊ में प्रेस वार्ता करके सरकार को उनके भ्रामक दावों पर घेरा था। तब से ही प्रदेश सरकार हरकत में है और लगातार किसी न किसी तरीके से रोज़गार पर झूठा प्रचार कर रही है। इन्हीं कारणों से उत्तर प्रदेश में 'युवा हल्ला बोल' ने नारा दिया है कि "झूठा प्रचार नहीं, सच्चा रोज़गार" चाहिए युवाओं को। मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर युवाओं ने लाखों ट्वीट के जरिए #यूपी_बेरोजगार_दिवस को दुनिया भर में ट्रेंड करवाया और रोज़गार के सवाल पर उत्तर प्रदेश की बदहाली पर एक नयी बहस छेड़ दी।

'युवा हल्ला बोल' के प्रदेश प्रभारी रजत यादव ने 'यूपी बेरोज़गार दिवस' पर सरकार की प्रतिक्रिया को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अभी भी यह सरकार सच का सामना करने को तैयार नहीं है। शायद इन्हें अंदाज़ा नहीं कि युवाओं की अनदेखी करना और बेरोज़गारी पर गंभीर न होना सरकार को कितना भारी पड़ सकता है। रजत ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार अगर इसी रवैय्ये पर कायम रही तो आगामी विधानसभा चुनाव में "पढ़ाई कमाई दवाई" को बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा।

Next Story

विविध