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चुनावी ट्रस्ट से BJP को मिला 276.45 करोड़ का डोनेशन, कुल चंदे का 76 फीसदी से भी ज्यादा : ADR रिपोर्ट

Janjwar Desk
25 Jun 2021 4:35 AM GMT
चुनावी ट्रस्ट से  BJP को मिला 276.45 करोड़ का डोनेशन, कुल चंदे का 76 फीसदी से भी ज्यादा : ADR रिपोर्ट
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एडीआर की रिपोर्ट में सामने आया है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में सबसे अधिक भाजपा को चंदा दिया गया है.

आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, लोकजनशक्ति पार्टी, शिरोमणि अकाली दल और इनेलो सहित अन्य 12 दलों को सामूहिक रूप से कुल 25.4652 करोड़ रुपये का चंदा मिला...

जनज्वार ब्यूरो। चुनावी चंदे के मामले में देश की बड़ी पार्टी भाजपा ने दूसरे राजनीतिक दलों को पछाड़ दिया है। चंदा संबंधी रिपोर्ट का विश्लेषण करने वाले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्टोरल ट्रस्ट के माध्यम से 2019-20 में बीजेपी को चंदे के रूप में 276.45 करोड़ रुपये मिले हैं, जो बाकी राजनीतिक दलों को मिले कुल फंड का 76.17 फीसद है।

चुनावी ट्रस्ट के जरिये चंदा जुटाने में कांग्रेस दूसरे नबंर पर है, कांग्रेस को 58 करोड़ रुपये मिले हैं। चंदा संबंधी रिपोर्ट का विश्लेषण करने वाले एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में रजिस्ट्रर्ड 21 में से 14 ट्रस्ट ने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी वार्षिक रिपोर्ट जमा कराई और इनमें से सात ने ऐलान किया कि उन्हें धनराशि मिली थी, जो विभिन्न पार्टियों को दी गई।

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्टोरल ट्रस्ट फंड पाने में भाजपा सबसे आगे रही। अलग-अलग इलेक्टोरल ट्र्स्ट से पता चलता है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में बीजेपी को कुल 276.45 करोड़ रुपये का चंदा मिला। प्रूडेंट से 217.75 करोड़, जन कल्याण इलेक्टोरल ट्रस्ट से 45.95 करोड़, एबी जेनरल ट्र्स्ट से 9 करोड़ और समाज इलेक्टरोल ट्र्स्ट के 3.75 करोड़ रुपये चंदे के रूप में मिले हैं, वहीं देश की पुरानी पार्टी कांग्रेस इस मामले में दूसरे स्थान पर है।

कांग्रेस को 58 करोड़ का चंदा मिला है, जो सभी सातों चुनावी ट्रस्ट से सभी राजनीतिक दलों को मिले कुल चंदे की 15.98 प्रतिशत राशि है। कांग्रेस को प्रुडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से 31 करोड़, जनकल्याण इलेक्टरोल ट्र्स्ट से 25 करोड़ और समाज इलेक्टोरल ट्र्स्ट से दो करोड़ रुपये का चंदा मिला।

इसके अलावा आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, लोकजनशक्ति पार्टी, शिरोमणि अकाली दल और इनेलो सहित अन्य 12 दलों को सामूहिक रूप से कुल 25.4652 करोड़ रुपये का चंदा मिला.

किस-किस ने दिया चंदा

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट में कहा गया कि चुनावी ट्रस्ट को चंदा देने वालों में जेएसडब्ल्यू, अपोलो टायर्स, इंडिया बुल्स, दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और डीएलएफ समूह शामिल हैं।

जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड ने सभी चंदादाताओं में से सर्वाधिक 39.10 करोड़ रुपये का चंदा दिया। चंदा देने के मामले में दूसरे नंबर पर अपोलो टायर्स रहा। अपोलो टायर्स ने 30 करोड़ रुपये का चंदा दिया है। वहीं, इंडियाबुल्स ने विभिन्न चुनावी ट्रस्ट को 25 करोड़ रुपये का चंदा दिया।

एडीआर रिपोर्ट में इसका जिक्र है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में विभिन्न ट्रस्ट को 18 लोगों ने भी चंदा दिया। इनमें से 10 लोगों ने प्रूडेंड इलेक्टोरल ट्रस्ट को 2.87 करोड़ रुपये का चंदा दिया। चार लोगों ने स्मॉल डोनेशंस इलेक्टोरल ट्रस्ट को 5.50 लाख रुपये और चार लोगों ने स्वदेशी इलेक्टोरल ट्रस्ट को कुल एक लाख रुपये का चंदा दिया।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में रजिस्ट्रर्ड 21 चुनावी ट्रस्ट में से 14 ने 2019-20 का चंदा संबंधी अपना ब्योरा चुनाव आयोग के पास जमा किया, जिनमें से केवल सात ने घोषणा की कि उन्हें उस साल कोई न कोई चंदा मिला था।

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को मिलने वाले फंड में पारदर्शिता के लिए चुनावी ट्रस्ट को मिले चंदे और उनके द्वारा इसे राजनीतिक दलों को जारी करने संबंधी रिपोर्ट जमा करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। ये दिशानिर्देश जनवरी 2013 के बाद बने सात चुनावी ट्रस्ट-सत्य इलेक्टोरेल ट्रस्ट, प्रतिनिधि इलेक्टोरल ट्रस्ट, पीपुल्स इलेक्टोरेल ट्रस्ट, प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट, जनहित इलेक्टोरेल ट्रस्ट, बजाज इलेक्टोरेल ट्रस्ट और जनप्रगति इलेक्टोरेल ट्रस्ट को जारी किए गए थे।

एडीआर की रिपोर्ट में 20 हजार से अधिक राशि देने वालों की ही जानकारी साझा की गयी है। वहीं कोरोना महामारी के चलते निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2019-20 के लिए वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जमा कराने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 जून कर दी है।

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