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असम में बाढ से हालात गंभीर, 85 लोगों की अबतक मौत, बाढ से 2254 गांव प्रभावित

Janjwar Desk
21 July 2020 4:43 AM GMT
असम में बाढ से हालात गंभीर, 85 लोगों की अबतक मौत, बाढ से 2254 गांव प्रभावित
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File Photo.
असम में बाढ से 100 से अधिक लोगों की मौत होने की बात कही जा रही हैं, हालांकि अभी आधिकारिक आंकड़ा 85 है, बुधवार को राज्य में बाढ और गंभीर रूप धारण कर सकती है...

जनज्वार। असम में बाढ से हालात गंभीर, 85 लोगों की अबतक मौत, बाढ से 2254 गांव प्रभावितआसाम में बाढ के हालात गंभीर होते जा रहे हैं। असम के स्थानीय अखबार द असम ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ से राज्य में मरने वालों की संख्या 85 हो गई है। हालांकि कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट में इसकी संख्या 100 के पार होने की बात कही जा रही है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार की दोपहर तक ब्रह्मपुत्र के पानी का स्तर मंगलवार सुबह की तुलना में 30 सेमी और बढने की आशंका है। आयोग ने ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऐसा होने पर खतरा और बढ जाएगा। क्षेत्रीय मौसम विभाग ने असम व मेघालय में 22 जुलाई तक भारी से भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है।

असम में 26 जिलों की करीब 36 लाख आबादी बाढ से प्रभावित हुई है। बाढ से 70 ताल्लुका के 2254 गांव प्रभावित हुए हैं। बाढ के कारण एक लाख नौ हजार हेक्टयेर से अधिक की कृषि भूमि की फसलें नष्ट हो चुकी हैं।

असम को काजिरंघा नेशनल पार्क में बाढ के कारण 100 से अधिक जानवरों की मौत हो चुकी है। यहां ढाई से तीन हजार के करीब भिन्न प्रकार के जानवर हैं। असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने कहा है कि नौ गेंडा सहित 100 पशुओं की बाढ के कारण काजिरंघा पार्क में मौत हो चुकी है। अतुल बोरा राज्य विधानसभा में इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनेवाल से राज्य में बाढ की स्थिति पर बात की थी और जायजा लिया था। उस दौरान उन्होंने केंद्र की ओर से राज्य को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था।

राज्य के धीमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ दारंग, नाबेड़ा, बारापेटा, चिरांग, बोंगईगांव, कोकरझाड़, दुबरी, दक्षिण सालमारा, गोलपाड़ा, कामरूप, मोरईगांव, नौगांव, गोलाघाट, जोरहट, माजुली, शिवसागर, डिब्रूगढ, माजुली, तिनसुकिया, कछार जैसे जिलों में बाढ की स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है।

ब्रह्मपुत्र नदी राज्य के डिब्रूगढ, जोरहट, सोनितपुर, गोअलपारा, ढुबरी आदि जिलों में खतरे के निशान को पार चुकी है। राज्य को गोअलपारा बाढ से सर्वाधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब पांच लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं।

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