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हाशिये का समाज

27 साल पहले महादलित परिवारों का कटा था बासगीत जमीन का पर्चा, अब जाकर दिलाया गया दखल-कब्जा

Janjwar Desk
6 Jan 2021 2:00 AM GMT
27 साल पहले महादलित परिवारों का कटा था बासगीत जमीन का पर्चा, अब जाकर दिलाया गया दखल-कब्जा
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(Photo: social media)

भूमिहीनों को सरकार पर्चा तो दे देती है, पर उन जमीनों पर उनका दखल-कब्जा नहीं हो पाता, दबंग और भूमाफिया इन जमीनों को कब्जा कर लेते हैं और परचाधारी दलित-महादलित हर तरफ गुहार लगाते फिरते हैं..

जनज्वार ब्यूरो, पटना। सरकारें दलितों और महादलितों के लिए योजनाएं तो चला देती हैं, पर उन योजनाओं का लाभ इन्हें धरातल पर कम ही मिल पा रहा है। भूमिहीन दलितों-महादलितों को बासगीत जमीन का पर्चा देने की योजना भी कुछ ऐसी ही होती जा रही है। भूमिहीनों को सरकार पर्चा तो दे देती है, पर उन जमीनों पर उनका दखल-कब्जा नहीं हो पाता। दबंग और भूमाफिया इन जमीनों को कब्जा कर लेते हैं और परचाधारी दलित-महादलित हर तरफ गुहार लगाते फिरते हैं।

कुछ ऐसा ही मामला बिहार के बिहारशरीफ जिला के राजगीर शहर में सामने आया है, जहां दशकों पूर्व महादलितों को पर्चा के माध्यम से दिए गए बासगीत जमीन का कब्जा नहीं हो सका था। अब जाकर स्थानीय प्रशासन ने उन्हें कब्जा दिलाया है।

राजगीर में एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 27 वर्ष पहले कई महादलित परिवारों के बीच आवासीय भूमि का पर्चा वितरण किया गया था। लेकिन उन जमीनों पर महादलितों का दखल-कब्जा नहीं हो सका था। मंगलवार को वैसे सभी लाभार्थियों को जमीन पर कब्जा दिलाया गया।

लाभार्थियों ने बताया कि साल 1992 में ही हम सभी गरीब परिवारों को अनुमंडल कार्यालय के द्वारा वासगीत पर्चा दिया गया था, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिलाया गया था। मंगलवार को प्रशासन के द्वारा डीसीएलआर एवं अंचलाधिकारी द्वारा पहल कर कब्जा दिलाया गया है। सभी 30 पर्चाधारियों के बीच प्रत्येक को 2.88 डिसमिल जमीन पर कब्जा दिलाया गया।

बताया जाता है कि राजगीर नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 4 के स्थित सरकारी जमीन के खाता संख्या 186, प्लॉट संख्या 824 का कुल साढ़े 84 डिसमिल रकबा की जमीन को 30 पर्चाधारियों के बीच बंटवारा कर दखल कब्जा दिलाया गया। जमीन के पूरे भू-भाग में 11 डिसमिल जमीन रासता के लिए छोड़ा गया है।

अंचलाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि इस जमीन पर भू-माफियाओं का कब्जा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था और इस जमीन से पर्चाधारी अभी तक बेदखल थे। इसकी जानकारी इन लोगों के द्वारा अंचल को दिया गया, जिसपर त्वरित पहल करते हुए पुलिस प्रशासन के सहयोग से पर्चाधारी को उनका दाखिल कब्जा कराया गया।

पर्चाधारियों में ओमप्रकाश राजवंशी, चंपू लाल राजवंशी, टुनि लाल, रामानंद राजवंशी, फुलेश्वरी देवी, इंडो देवी, सरयुग राजवंशी, रामाशीष राजवंशी, बालदेव राजवंशी, राजकुमार, रामरूप, रवि, रामविलास, रघुनंदन, चंद्रिका, छोटेलाल, रामचंद्र, अर्जुन, मनु, रंजीत, मोती, राजेंद्र, सुरेंद्र, इंद्रदेव, चांदो, मिश्री, ललिता, अक्ल, पड़िया देवी, सिया राजवंशी शामिल हैं।

इस मौके पर अंचलाधिकारी मृत्युंजय कुमार, सीआई आनंद कुमार, अंचल अमीन अर्जुन पंडित, बिरजू राजवंशी, धर्मेंद्र राजवंशी सहित दर्जनों की संख्या में पुलिस बल एवं अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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