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सुशील मोदी का वीडियो वायरल, कहा प्रवासी बिहारी मजदूर रोटी नहीं आनंद लेने के लिए करते हैं पलायन, ट्वीटर पर हो रहे ट्रोल

Janjwar Desk
16 Sep 2020 8:30 AM GMT
सुशील मोदी का वीडियो वायरल, कहा प्रवासी बिहारी मजदूर रोटी नहीं आनंद लेने के लिए करते हैं पलायन, ट्वीटर पर हो रहे ट्रोल
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सुशील मोदी अपने बयान को लेकर ट्विटर पर ट्रोल किए जा रहे हैं, वहीं सहयोगी पार्टी जदयू ने इस पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है...

जनज्वार। बिहार विधानसभा की तारीखों का ऐलान अब किसी भी दिन हो सकता है, लेकिन इससे ठीक पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का वीडियो वायरल हो गया है, जिस पर वे जम कर ट्रोल किए जा रहे हैं। भाजपा नेता व बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी इस वीडियो में यह कहते सुने जा रहे हैं कि बिहार से बाहर कोई रोजी-रोटी कमाने नहीं जाता, उसकी यहां दिक्कत नहीं है, वे अधिक कमाने जाते हैं और उन्हें इसमें आनंद आता है।


सुशील मोदी का यह वीडियो न्यूज वेबसाइट लल्लनटाॅप को दिए इंटरव्यू का है और इसमें वे उस वेबसाइट के संपादक सौरभ द्विवेदी से बात करते हुए नजर आते हैं। इस वीडियो से लोगों को सुशील मोदी और भाजपा पर हमले करने का मौका मिल गया है।

बिहार देश के सर्वाधिक पलायन वाले राज्यों में से एक है। लाॅकडाउन के दौरान उत्तरप्रदेश के बाद सबसे अधिक प्रवासी श्रमिक बिहार ही लौटकर आये। अगर अनुपातिक दृष्टिकोण से देखेंगे तो यहां के पलायन का प्रतिशत यूपी से भी अधिक आएगा, क्योंकि उत्तरप्रदेश की आबादी बिहार से दोगुनी है।

सुशील मोदी के इस वीडियो को स्वतंत्र पत्रकार उत्कर्ष सिंह ने ट्वीट किया है और कई दूसरे लोग उस पर कोमेंट लिख कर उसे रिट्वीटर कर रहे हैं।

इस वीडियो को रिट्वीट कर पत्रकार नरेंद्र नाथ मिश्र ने कटाक्ष करते हुए लिखा: चैती के विरह गीत के बीच जब कोई अपनी जमीन, अपने परिवार और बच्चों को छोड़ परदेस कमाने जाता है जो सभी मिलकर रोते हैं। बिहार के 90 फीसदी प्रवासी कामगार बाहर में बिना परिवार रहते हैं। इनमें कई अपने बच्चों को कभी अपने सामने बढ़ा होते नहीं दिखते। यही तो आनंद है। जीवन.आनंद। - .आचार्य सुशील।


पत्रकार परिमल कुमार ने इसे रिट्वीट कर लिखा: रोजी-रोजगार, बिहारी भाई क्यों छोड़ रहे हो घर बार, माने कुछ भी...बोलेने में क्या जाता है...जमीनी हकीकत नहीं देखेंगे...हवा हवाई बातें ले लो।

पत्रकार विश्व मोहन ने इस वीडियो को रिट्वीट कर लिखा: छात्रों के बारे में क्या? जिनको सरकारी अस्पताल में इलाज की जरूरत है उनके बारे में क्या? कपिल नाम के एक शख्स ने रिट्वीट करते हुए बिहार के लोगों से पूछा है कि क्या वे सुशील मोदी की बातों से सहमत हैं?

सुशील मोदी के इस बयान पर सहयोगी जदयू ने चुप्पी साध ली है। जदयू नेता व बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री अशोक चैधरी ने चुप्पी साध ली है। अशोक चैधरी से जब एक प्रेस कान्फ्रेंस में पत्रकारों ने इससे संबंधित सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि बयान अभी हमने देखा नहीं है, इसलिए कुछ कह नहीं सकते हैं।


उधर, सुशील मोदी का बुधवार को दोपहर तीन बजे एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन अचानक उस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। उस कार्यक्रम में पत्रकारों को भी बुलाया गया था।

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