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उद्घाटन के 29 दिन बाद ही ध्वस्त हुआ 263 करोड़ के गंडक महासेतु का एप्रोच रोड, तेजस्वी ने साधा निशाना

Janjwar Desk
16 July 2020 5:19 AM GMT
उद्घाटन के 29 दिन बाद ही ध्वस्त हुआ 263 करोड़ के गंडक महासेतु का एप्रोच रोड, तेजस्वी ने साधा निशाना
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विगत 16 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा इस पुल का उदघाटन किया था। एप्रोच रोड गंडक के पानी का दबाव नहीं झेल सका।

जनज्वार ब्यूरो, पटना। गंडक नदी पर बना सत्तरघाट महासेतु मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट था। लंबे इंतजार के बाद यह बनकर तैयार हुआ था। गंडक सोती पर बने पुल का एप्रोच रोड ध्वस्त होने के बाद पुल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुल पर आवागमन ठप्प हो गया है।

गंडक की सोती पर बने पुल का यह एप्रोच रोड है। पुल के गार्डर पर पानी का दबाव पड़ा और सड़क का लगभग 20 फीट हिस्सा बह गया। यह मुख्य पुल से थोड़ी दूर है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल के निर्माण के समय सोती के दोनों किनारों पर बोल्डर पिचिंग नहीं की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी शिकायत भी की गई थी।

इसके ध्वस्त होने पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्विट कर व्यंग्यात्मक तरीके से निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है '8 वर्ष में 263.47 करोड़ की लागत से निर्मित गोपालगंज के सत्तरघाट पुल का 16 जून को नीतीश जी ने उद्घाटन किया था। आज 29 दिन बाद यह पुल ध्वस्त हो गया। खबरदार! अगर किसी ने इसे नीतीश जी का भ्रष्टाचार कहा तो? 263 करोड़ तो सुशासनी मुंहदिखाई है। इतने का तो चूहे शराब पी जाते हैं।'

यह पुल अति महत्वाकांक्षी है। इस पुल से चंपारण, तिरहुत और सारण प्रमंडल आपस में जुड़ गए थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी उद्घाटन के वक्त इस पुल का महत्व बताया था। इसके निर्माण में 264 करोड़ की लागत आई थी। 1440 मीटर लंबे और 15 मीटर चौड़े इस पुल और इसे जोड़ने वाले नए मार्ग को बनाने में 8 वर्ष का समय और 263.47 करोड़ की राशि लगी है। यह पुल SH 90 को NH 27 से जोड़ता है।

गोपालगंज जिला के बैकुंठपुर के फैजुल्लाह पुर में यह एप्रोच रोड ध्वस्त हुआ है। बताया जाता है कि गंडक के पानी का दबाव पुल का एप्रोच रोड सह नहीं सका और बह गया। गोपालगंज डीएम अरशद अजीज ने कहा कि बाढ़ के पानी से एप्रोच रोड बैठ गया है। यह एक माह पहले ही बना था। पानी कम होने के बाद इसकी मरम्मत की जाएगी।

बीजेपी के स्थानीय विधायक मिथिलेश तिवारी ने इसकी जांच की मांग की है। उन्होंने विधानसभा के आगामी सत्र में इस मुद्दे को उठाने की बात कही है।

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