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बिहार

चापाकल की फैक्ट्री के बहाने चला रहे थे बंदूक बनाने का कारखाना, हथियारों का बिहार चुनावों में कर सकते थे प्रयोग

Janjwar Desk
8 Sep 2020 12:31 PM GMT
चापाकल की फैक्ट्री के बहाने चला रहे थे बंदूक बनाने का कारखाना, हथियारों का बिहार चुनावों में कर सकते थे प्रयोग
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पटना में चापाकल फैक्ट्री के बहाने बना रहे थे बंदूक।एसटीएफ ने किया उद्भेदन, जांच करते अधिकारी और जब्त किए गए निर्मित-अर्ध्दनिर्मित हथियार।

एसटीएफ द्वारा इस फैक्ट्री में से बड़ी तादाद में निर्मित और अर्ध्दनिर्मित आग्नेयास्त्र जब्त किए गए हैं, साथ ही मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, आशंका जताई जा रही है कि बिहार चुनावों के दौरान विधि-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए इनका प्रयोग किया जा सकता था.....

एस. एन. श्याम की रिपोर्ट

पटनाबिहार में विधानसभा चुनाव शीघ्र होने हैं। इस बीच एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बंदूक और रिवॉल्वर बनाने की फैक्ट्री का उद्भेदन किया है। यह फैक्ट्री चापाकल बनाने के नाम पर चलाई जा रही थी।

एसटीएफ द्वारा इस फैक्ट्री में से बड़ी तादाद में निर्मित और अर्ध्दनिर्मित आग्नेयास्त्र जब्त किए गए हैं, साथ ही मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि बिहार चुनावों के दौरान विधि-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए इनका प्रयोग किया जा सकता था।

राजधानी पटना के पटना सिटी अनुमंडल के खुसरूपुर थाना क्षेत्र में एसटीएफ ने आज बड़े पैमाने पर छापामारी कर एक चापाकल बनाने वाली फैक्ट्री में चल रहे बंदूक कारखाने का उद्भेदन किया है। इस बंदूक कारखाने से दो दर्जन से ज्यादा 7mm के पिस्टल एवम पिस्टल बनाने के सामान और अन्य औजार बरामद कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार लोगों से पुलिस किसी गुप्त स्थान पर ले जाकर पूछताछ कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार खुसरूपुर थाना क्षेत्र के ईशा पुर गांव में एक चापाकल फैक्ट्री चल रहा था ।स्थानीय लोगों ने जब इस फैक्ट्री सच्चाई जानी तो यह मामला उजागर हुआ कि फैक्ट्री में चापाकल के बजाय पिस्टल बंदूक और रिवाल्वर बनाए जा रहे हैं।

सूचना के आधार पर एसटीएफ ने आज बड़ी कार्रवाई की और फैक्टरी को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस ने जब फैक्ट्री के अंदर प्रवेश किया तो चारों ओर अर्ध निर्मित और निर्मित पिस्टल पड़े थे ।बंदूक बनाने के औजार और अन्य कई सामान बिखरे हुए थे ।पुलिस को देख कर जब 4 व्यक्तियों ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पकड़े गए लोग अपने आप को इस कारखाने का कारीगर बताते हैं। जबकि पुलिस का कहना है कि इन चारों में एक फैक्ट्री मालिक भी है।

पुलिस को अंदेशा है कि बिहार विधानसभा के चुनाव को देखते हुए बड़े पैमाने पर हथियारों का निर्माण किया जा रहा था ताकि उस के बल पर अशांति फैला कर फैलाकर विधि व्यवस्था को प्रभावित किया जाए और बुध लुटेरे अपनी मनमानी कर सकें। पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उसके बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर रही है ।स्थानीय सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार लोगों को एसटीएफ की टीम अपने साथ पटना ले गई है और उसे किसी अज्ञात स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है।

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