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राजद नेता शिवानन्द तिवारी बोले, जो जिन्ना का स्लोगन था वही मोदी-शाह का भी है

Janjwar Desk
5 Dec 2020 11:10 AM GMT
राजद नेता शिवानन्द तिवारी बोले, जो जिन्ना का स्लोगन था वही मोदी-शाह का भी है
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शिवानन्द तिवारी ने कहा कि आजादी के बाद जिन्ना ने धर्म के आधार पर अलग देश पाकिस्तान की मांग की, पर महात्मा गांधी ने भारत को सेक्यूलर देश बनाने का वादा कर बड़ी संख्या में यहां के मुसलमानों को पाकिस्तान जाने से रोक लिया...

जनज्वार ब्यूरो/पटना। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में पिछले कई दिनों से किसान दिल्ली में आंदोलन पर हैं। किसानों के आंदोलन को देश की तमाम विपक्षी पार्टियों ने अपना समर्थन दिया है। बिहार में राजद, कांग्रेस और वामदलों ने किसान आंदोलन को समर्थन दिया है। आज शनिवार को पटना के गांधी मैदान में किसानों के समर्थन में महागठबंधन की ओर से धरना का आयोजन किया गया था। धरना के दौरान 'जनज्वार' के लाइव प्रसारण में राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानन्द तिवारी ने एक बड़ा बयान दे दिया है।

शिवानन्द तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर बयान देते हुए यहां तक कह दिया कि जो स्लोगन देश के बंटवारे के लिए जिम्मेदार मोहम्मद अली जिन्ना का था, वही स्लोगन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक देश-एक नेता के एजेंडे पर काम कर रहे हैं।

शिवानन्द तिवारी किसान आंदोलन पर बात कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान देश के बंटवारे की चर्चा करते हुए कहा कि आजादी के बाद जिन्ना ने धर्म के आधार पर अलग देश पाकिस्तान की मांग की, पर महात्मा गांधी ने भारत को सेक्यूलर देश बनाने का वादा कर बड़ी संख्या में यहां के मुसलमानों को पाकिस्तान जाने से रोक दिया।

उन्होंने कहा कि इसी सेक्युलरिज्म का वादा कर मोहम्मद अब्दुल्ला ने कश्मीर को पाकिस्तान की ओर जाने से रोका था। अब फिर देश में सेक्युलरिज्म को खत्म कर को धार्मिक आधार पर विभाजित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का वही स्लोगन है, जो जिन्ना का स्लोगन था।

शिवानन्द तिवारी ने कहा कि देशभर के किसान आंदोलन पर हैं और देश के तमाम किसान संगठन भी इस आंदोलन में साथ दे रहे हैं, पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े राष्ट्रीय किसान संघ ने कहा है कि वन नेशन वन मार्केट के लिए ये कानून बनाए गए हैं और किसान आंदोलन सिर्फ धान और गेहूं उपजाने वाले किसानों का आंदोलन है। इसमें अन्य फसल उपजाने वाले किसान शामिल नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि यह बयान आरएसएस और बीजेपी की सोच और एजेंडे को उजागर करता है। दोनों की एजेंडा है कि वन नेशन वन लीडर हो, अर्थात देश में एक ही पार्टी और एक ही नेता रहें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि वन नेशन वन इलेक्शन होना चाहिए। वह नेशन वन टैक्स पहले से चल रहा है। जाहिर है वन नेशन वन लीडर के एजेंडे पर काम चल रहा है।

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