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PFI से RSS की तुलना करने वाले सख्त मिजाज आईपीएस एमएस ढिल्लो कौन हैं?

Janjwar Desk
15 July 2022 10:50 AM GMT
PFI से RSS की तुलना करने वाले सख्त मिजाज आईपीएस एमएस ढिल्लो कौन हैं?
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PFI से RSS की तुलना करने वाले सख्त मिजाज आईपीएस एमएस ढिल्लो कौन हैं?

पटना एसएसपी ने कहा था कि जिस तरह से आरएसएस अपनी शाखाएं आयोजित कर लाठी और शारीरिक प्रशिक्षण देता है उसी तरह से पीएफआई के लोग भी शारीरिक प्रशिक्षण देकर आरोपी को ब्रेनवॉश कर रहे थे।

Patna : तीन दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) के बिहार दौरे के मौके पर बड़े आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद से पटना के SSP मानवजीत सिंह ढिल्लो ( SSP MS Dhillon ) सुर्खियों में आ गए हैं। उनको लेकर सूबे में राजनीति में बवाल मचा है। SSP एमएस ढिल्लो का RSS की तुलना कट्टरपंथी संगठन PFI से करना अब उन्हीं को भारी पड़ रहा है। उनके बयान के बाद से भाजपा ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इससे पहले मानवजीत सिंह ढिल्लो ( IPS MS Dhillon ) तब चर्चाओं में थे जब उन्होंने वैशाली में एसपी रहते हुए लापरवाही बरतने वाले 3 डीएसपी समेत 66 पुलिसवालों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

कौन हैं एसएसपी ढिल्लो

मूलत: पंजाब के रहने वाले मानवजीत सिंह ढिल्लो ( IPS MS Dhillon ) 2009 के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। पटना के एसएसपी बनने से पहले वो समस्तीपुर के एसपी थे। उससे पहले उनकी तैनाती मुंगेर में बतौर एसपी थी। 2020 में मुंगेर में मां दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए बवाल के बाद चुनाव आयोग ने मुंगेर के एसपी की तौर पर उन्हें तैनात किया था। मुंगेर से पहले वो पटना में पुलिस अधीक्षक (विशेष कार्य बल) के पद पर तैनात थे।

उनकी पत्नी भी है बिहार कैडर की आईपीएस

एसएसपी एमएस ढिल्लो ( IPS MS Dhillon ) की पत्नी हरप्रीत कौर भी बिहार कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। दोनों ही बेहद सख्य मिजाज के अधिकारी माने जाते हैं। मुजफ्फरपुर की एसएसपी रहते हुए बालिका गृह कांड से हरप्रीत कौर चर्चा में आई थीं। ये मामले काफी सुर्खियों में रहा था और कई बड़े खुलासे हुए थे।

क्या कहा था कि SSP ढिल्लो ने

दरअसल, 12 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना के दौरे पर थे। विधानसभा के सौ साल के मौके पर उनका ये दौरा बेहद छोटा था, लेकिन इस दौरे में गड़बड़ी फैलाने की एक बड़ी आतंकी साजिश रची जा रही थी। ये खुलासा पटना पुलिस ने किया था। पुलिस की छापेमारी में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनमें से एक झारखंड पुलिस का रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद जलालुद्दीन है, तो दूसरा अतहर परवेज जो पटना में 2013 में हुए बम धमाके के आरोपी का सगा भाई है।

संयोग यह है कि 2013 में भी हुंकार रैली करने आये नरेंद्र मोदी को ही निशाना बनाया गया था। इस खुलासे के बाद पटना एसएसपी ( IPS MS Dhillon ) ने कहा था कि जिस तरह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी शाखाएं आयोजित कर लाठी का और शारीरिक प्रशिक्षण देता है उसी तरह से पीएफआई के लोग भी शारीरिक प्रशिक्षण देकर उन्हें ब्रेनवॉश कर रहे थे।

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