राष्ट्रीय

'भाई हम तुम्हारी पसंद की राखी लाए हैं' हर्षित की मौत पर मुर्दाघर में राखी लिए घंटों बिलखती रहीं बहनें

Janjwar Desk
20 Aug 2021 4:59 AM GMT
भाई हम तुम्हारी पसंद की राखी लाए हैं हर्षित की मौत पर मुर्दाघर में  राखी लिए घंटों बिलखती रहीं बहनें
x

राखी लेकर मुर्दाघर में बिलखती बहने.

हर्षित की दोनो बहनो का दर्द किसी से देखा नहीं जा रहा था। पूरा का पूरा नजारा उस समय और भी दर्दनाक हो गया जब एक बहन आगे बढ़कर भाई की डेड बॉडी को ही राखी बांधने लगी। मौके पर मौजूद कई लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े...

जनज्वार, कानपुर। यूपी के कानपुर (Kanpur) स्थित हैलट मार्चरी में खड़े तमाम लोग उस समय रो पड़े जब घाटमपुर के आईस्क्रीम कारोबारी के बेटे हर्षित का पोस्टमार्टम चल रहा था। मार्चरी का माहौल गमगीन हो गया जब हर्षित की दोनो बहने हाथों में राखी लेकर सुबकने लगीं। बहने कह रही थीं, 'भाई हम तो तुम्हारी पसंद की राथी लेकर आए थे, तुम हमें छोड़कर कैसे चले गये।'

घाटमपुर (Ghatampur) के हर्षित की दोनो बहनो का दर्द किसी से देखा नहीं जा रहा था। पूरा का पूरा नजारा उस समय और भी दर्दनाक हो गया जब एक बहन आगे बढ़कर भाई की डेड बॉडी को ही राखी बांधने लगी। मौके पर मौजूद कई लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।

इससे पहले हैलट मार्चरी के बाहर हर्षित (Harshit) की दोनो बहने राखी लेकर बदहवास सी हालत में इधर-उधर भटकती रहीं। दोनो एक बार राखी को देखती फिर मार्चरी की तरफ भाई को खोजने लगतीं। दोनो के ही आंसूं रूक नहीं रहे थे। परिजनों ने बताया कि हर्षित इकलौता था, दोनो बहने उससे बेइंतहा प्यार करती थीं।

परिवार के एक जानकार ने बताया कि हर्षित ने इस बार जिस तरह की राखी लाने की बात कही थी, बहने वैसी ही राखी खरीदकर लाईं थीं। परिजनो के मुताबिक हर्षित का 6 महिने पहले भी फिरौती को लेकर अपहरण हुआ था। बहनो ने बताया कि भाई बचकर आ गया था जिसके बाद फिर पुलिस में कंप्लेन नहीं की गई थी।

हर्षित की बड़ी बहन निशी (Nishi) की तहरीर पर आदिल कुरैशी, अभिषेक सोनकर उर्फ गोपी, जीतू शर्मा, अक्षय शर्मा व अनुज गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हर्षित भी एक पुराने मामले में आरेपी रह चुका है, जिसमें वह जेल भी गया था। इस घटना में एंगल यह भी है कि कहीं हर्षित की हत्या किसी बदले का नतीजा तो नहीं है।

Next Story

विविध

Share it