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कोरोना की दवाओं के दुष्प्रचार के आरोप में बाबा रामदेव पर फिर केस दर्ज, छत्तीसगढ़ पुलिस भेजेगी नोटिस

Janjwar Desk
17 Jun 2021 12:35 PM GMT
कोरोना की दवाओं के दुष्प्रचार के आरोप में बाबा रामदेव पर फिर केस दर्ज, छत्तीसगढ़ पुलिस भेजेगी नोटिस
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(पुलिस के मुताबिक कोरोना संक्रमण काल के दौरान उन्होंने दवाइयों के बारे में दुष्प्रचार करने के साथ ही केंद्रीय महामारी एक्ट का उल्लघंन, विद्वेष की भावना से भ्रम फैलाने, आम जनता और स्वास्थय सेवाओं से जुड़े लोगों की जानमाल को खतरे मे डालने का कृत्य किया है।)

रायपुर की सिविल लाइन पुलिस ने बाबा रामदेव के खिलाफ एफआईआऱ दर्ज करते हुए धारा 186, 188, 269, 270, 504, 505(1) सहित आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51,52,54 के तहत अपराध दर्ज किया है...

जनज्वार डेस्क। कोरोना महामारी के दौरान आधुनिक चिकित्सा सुविधा और ऐलोपैथी डॉक्टरों का मजाक उड़ाने वाले बाबा रामदेव की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। इस बीच कोरोना के उपचार में इस्तेमाल हो रही दवाओं पर सवाल उठाने को लेकर बाबा रामदेव के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ है। बाबा के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। रायपुर पुलिस जल्द ही उन्हें नोटिस भेज सकती है। शिकायतकर्ता डॉक्टर राकेश गुप्ता ने कथित रूप से बाबा के खिलाफ दुष्प्रचार करने का मामला दर्ज करवाया है।

रायपुर की सिविल लाइन पुलिस ने बाबा रामदेव के खिलाफ एफआईआऱ दर्ज करते हुए धारा 186, 188, 269, 270, 504, 505(1) सहित आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51,52,54 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की शिकायत की जांच के बाद रामकृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव के खिलाफ यह अपराध दर्ज किया है।

शिकायतकर्ता डॉक्टर राकेश गुप्ता गुप्ता और आईएमए के अन्य पदाधिकारियों ने बीते 26 मई को रामदेव द्वारा चिकित्सक समुदाय और कोरोना संक्रमण काल के दौरान दवाइयों के बारे में कथित रूप से दुष्प्रचार, केंद्रीय महामारी एक्ट का उल्लंघन, विद्वेष की भावना से भ्रम फैलाने और आम जनता तथा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों की जानमाल को खतरे में डालने के संबंध में शिकायत की थी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुप्ता और एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों की शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने रामदेव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और आपदा प्रबंधन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

कोरोना संक्रमण काल के दौरान उन्होंने दवाइयों के बारे में दुष्प्रचार करने के साथ ही केंद्रीय महामारी एक्ट का उल्लघंन, विद्वेष की भावना से भ्रम फैलाने, आम जनता और स्वास्थय सेवाओं से जुड़े लोगों की जानमाल को खतरे मे डालने का कृत्य किया है।

गौरतलब है कि बाबा का अभी आईएमए के साथ भी विवाद नहीं सुलझा है। कुछ दिन पहले दिए बयान को लेकर उनके खिलाफ दिल्ली और पटना के थानों में भी शिकायत दर्ज हुई थी। वहीं, रायपुर पुलिस ने 26 मई की शिकायत पर बुधवार की रात बाबा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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