राष्ट्रीय

Dehdradun News : नटवरलाल का गुरु निकला DFO, आय के मुकाबले 375 गुना निकली संपत्ति, बेटे के नाम पर स्टोन क्रेशर तो पत्नी के नाम पर चला रहा था हाई-फाई स्कूल

Janjwar Desk
22 April 2022 3:30 PM GMT
Dehdradun News : नटवरलाल का गुरु निकला DFO, आय के मुकाबले 375 गुना निकली संपत्ति, बेटे के नाम पर स्टोन क्रेशर तो पत्नी के नाम पर चला रहा था हाई-फाई स्कूल
x
Dehdradun News : तैयार की गई चार्जशीट में आरोप लगाया है कि किशन चंद्र ने अपने आय से 375 गुना ज्यादा संपत्ति अर्जित की है, इस मामले में विजिलेंस ने 33 करोड़ की संपत्ति का खुलासा भी किया है.....

सलीम मलिक की रिपोर्ट

Dehdradun News : वन विभाग के एक बड़े अधिकारी पर मुकदमा चलाने के लिए उत्तराखंड सरकार (Govt Of Uttarakhand) ने इजाजत दे दी है। केंद्र सरकार की ओर से हरी झंडी मिलते ही इस अधिकारी की करतूतों का पोस्टमार्टम कोर्ट में होगा। वन विभाग का यह आईएफएस अधिकारी किशन चंद (IFS Officer Kishan Chand) है जिसके पास आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच विजिलेंस कर चुकी है। जांच के बाद विजिलेंस ने आईएफएस किशनचंद की चार्जशीट मुकम्मल कर ली थी। लेकिन मुकदमे की इजाज़त के बिना यह मामला केवल फाइलों तक ही सीमित था।

बता दें कि आईएफएस स्तर के अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए उसके तैनाती वाले राज्य के साथ ही केन्द्र सरकार से इजाजत लेनी पड़ती है। विजिलेंस की ओर से मुकदमा चलाए जाने की अनुमति की फाइल शासन के पास थी। उत्तराखंड शासन से अनुमति मिलने के बाद केन्द्र सरकार से औपचारिक अनुमति मिलते ही किशन चंद के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा शुरू किया जायेगा।

भ्रष्टाचार के तमाम आरोपी से घिरे आईएफएस किशन चंद के खिलाफ विजिलेंस टीम ने

तैयार की गई चार्जशीट में आरोप लगाया है कि किशन चंद्र ने अपने आय से 375 गुना ज्यादा संपत्ति अर्जित की है। इस मामले में विजिलेंस ने 33 करोड़ की संपत्ति का खुलासा भी किया है। जिसमें किशनचंद की मात्र सात करोड़ की संपत्ति है। बाकी संपत्ति उसने परिजनों के नाम खरीदी है।

विजिलेंस ने जांच के दौरान पाया कि किशन ने भोगपुर में बेटे के नाम से अभिषेक स्टोन क्रेशर तो पिरानकलियर में पत्नी के नाम से ब्रज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल बनाया हुआ है। स्कूल के लिए पत्नी के नाम पर ट्रस्ट बनाया। अपने नाम संपत्ति खरीदने के लिए ट्रस्ट से लिए गए ऋण को अभी तक नहीं लौटाया है। किशन ने इस ट्रस्ट में लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाकर उसकी एवज में उनसे बड़ी धनराशि जमा कराई है।

विजिलेंस ने चार्जशीट में यह भी जिक्र किया है कि हरिद्वार डीएफओ रहते हुए लैंसडौन प्रभाग में लोगो को नौकरी देने की एवज में उनकी जमीने अपने नाम करा ली। इसके साथ ही देहरादून बसंत विहार में 2.40 करोड़ का मकान ख़रीदा। मकान के लिए 60 लाख का स्कूल के ट्रस्ट से ऋण लिया। पत्नी के खाते से 1.80 करोड़ लिए गए। इस पैसे को एक दिन पहले अलग अलग लोगों से जमा करवाया। इसके साथ और भी कई खुलासे विजिलेंस की टीम ने अपनी चार्जशीट में किए हैं।

आईएफएस अधिकारी के खिलाफ विजिलेंस द्वारा दाखिल की जा रही चार्जशीट के सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड बनाना चाहते हैं उस दिशा में जो जरूरी होगा वो काम सरकार करेगी।

(जनता की पत्रकारिता करते हुए जनज्वार लगातार निष्पक्ष और निर्भीक रह सका है तो इसका सारा श्रेय जनज्वार के पाठकों और दर्शकों को ही जाता है। हम उन मुद्दों की पड़ताल करते हैं जिनसे मुख्यधारा का मीडिया अक्सर मुँह चुराता दिखाई देता है। हम उन कहानियों को पाठक के सामने ले कर आते हैं जिन्हें खोजने और प्रस्तुत करने में समय लगाना पड़ता है, संसाधन जुटाने पड़ते हैं और साहस दिखाना पड़ता है क्योंकि तथ्यों से अपने पाठकों और व्यापक समाज को रू—ब—रू कराने के लिए हम कटिबद्ध हैं।

हमारे द्वारा उद्घाटित रिपोर्ट्स और कहानियाँ अक्सर बदलाव का सबब बनती रही है। साथ ही सरकार और सरकारी अधिकारियों को मजबूर करती रही हैं कि वे नागरिकों को उन सभी चीजों और सेवाओं को मुहैया करवाएं जिनकी उन्हें दरकार है। लाजिमी है कि इस तरह की जन-पत्रकारिता को जारी रखने के लिए हमें लगातार आपके मूल्यवान समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है।

सहयोग राशि के रूप में आपके द्वारा बढ़ाया गया हर हाथ जनज्वार को अधिक साहस और वित्तीय सामर्थ्य देगा जिसका सीधा परिणाम यह होगा कि आपकी और आपके आस-पास रहने वाले लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित करने वाली हर ख़बर और रिपोर्ट को सामने लाने में जनज्वार कभी पीछे नहीं रहेगा, इसलिए आगे आयें और जनज्वार को आर्थिक सहयोग दें।)

Next Story

विविध