Delhi News: सौ करोड़ की ठगी में पकड़ा गया BSF का पूर्व रसोइया, पुलिस के हत्थे चढ़ा तो खुला राज

Delhi News: सौ करोड़ की ठगी में पकड़ा गया BSF का पूर्व रसोइया, पुलिस के हत्थे चढ़ा तो खुला राज
Delhi News: दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने देश हजारों लोगाें से 100 करोड़ की ठगी करने वाले जिस शातिर अपराधी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है, वह सीमा सुरक्षा बल की एक यूनिट में कभी रसोइया भी बनकर रहा है। दस साल से पुलिस को चकमा देकर देश के अलग-अलग राज्यों में फ्रॉड करने वाला जोधपुर निवासी यह फ्रॉड चिटफंड, ई-कॉमर्स और मल्टीलेवल मार्केटिंग के जरिए लोगों का पैसा डबल करने का झांसा देता था। कई तरह की कंपनियां बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले इस आरोपी पर राजस्थान के अलावा, दिल्ली और हरियाणा में भी केस दर्ज हैं। राजस्थान के जोधपुर के बालेसर इलाके का रहने वाला ओमाराम नाम का यह आरोपी फर्जी पहचान से दिल्ली में छिपा हुआ था। ओमाराम पर राजस्थान के तीन से ज्यादा जिलों में 58 केस दर्ज हैं। ओमाराम 2007 तक सीमा सुरक्षा बल में रसोइया भी रह चुका है। इस नौकरी को छोड़ने के बाद ही इसने ठगी का यह नया धंधा करना शुरू किया था।
शुक्रवार को पुलिस के हत्थे चढ़े इस ठग ने दिल्ली में प्रोपर्टी का काम करने के साथ 2018 में नजफगढ़ (दिल्ली) में कैश बैंक बाजार नाम से स्टोर खोला। यहाँ 2020 में राम मारवाड़ी के नाम से उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। आरोपी के खिलाफ राजस्थान में भी मुकदमों की लंबी फेहरिस्त है। जिस वजह से राजस्थान के सीकर जिले की पुलिस ने इस आरोपी को प्रोडक्शन वारंट के तहत पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस से अपनी कस्टडी में लिया है। सीकर में ओमाराम के खिलाफ 10 मामले दर्ज हैं। यह साल 2011 में शहर के कई लोगों को कंपनी चेन सिस्टम में रुपयों और गिफ्ट का लालच देकर लाखों रुपए ऐंठ चुका था। मामले में आरोपी ओमाराम के खिलाफ कोतवाली थाने में करीब 10 मामले दर्ज हुए थे। जिसके बाद पुलिस को आरोपी की तलाश थी। ओमाराम ने मिताशी नाम से कंपनी बनाई हुई थी। जो प्रति व्यक्ति से 4000 रुपए लेता और पैसे डबल करने की बात करता था। साथ ही मेंबर बनाने पर उन्हें मोटरसाइकिल गिफ्ट जैसे लालच देता था। आरोपी और उसके साथी होटलों में सेमिनार भी करवाते थे। जिसमें भी कई लोग झूठी कहानियां सुनाते। जिसके कारण शहर के कई लोग आरोपी ओमाराम के झांसे में आ गए थे।
जोधपुर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने बताया कि बालेसर के रहने वाले ओमाराम को 29 जुलाई को दिल्ली क्राइम बांच ने रोहिणी से फ्रॉड के मामले में पकड़ा था। जिला ग्रामीण एसपी अनिल कयाल ने बताया कि बालेसर थाने के 4 प्रकरण में ओमाराम फरार है। ओमाराम ने मिताशी कंपनी के माध्यम से ठगी की है। उन्होंने बताया कि इन मामलों में प्रोडक्शन वारंट के माध्यम से ओमाराम को गिरफ्तार कर जोधपुर लाया जाएगा।
हालांकि इससे पहले ओमाराम को दो साल पहले दुष्कर्म के एक केस में दिल्ली में पकड़ा भी गया था लेकिन नाम बदलने व अपना आधार कार्ड इंदौर शिफ्ट करने के कारण उसके पिछले मामलों पर पर्दा पड़ा रहा। पिछले साल जब उसने अपना कार्ट नाम से प्लेटफार्म शुरू कर लोगों से ठगी करने लगा तो वह पुलिस की नजर में आया। पूरी जन्मकुंडली खंगालने के बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच ने उसे शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया।











