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Delhi Riots 2020 : दिल्ली हिंसा के मामले में हाईकोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल, प्रियंका और केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को जारी किया नोटिस

Janjwar Desk
22 March 2022 11:11 AM GMT
Hate Speech किसी समुदाय को टारगेट कर उनकी मनोदशा को प्रभावित करने के लिए की जाती है, इससे नरसंहार तक हो सकते हैं- दिल्ली हाईकोर्ट
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Hate Speech किसी समुदाय को टारगेट कर उनकी मनोदशा को प्रभावित करने के लिए की जाती है, इससे नरसंहार तक हो सकते हैं- दिल्ली हाईकोर्ट

Delhi Riots 2020 : साल 2020 में देश की राजधानी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने कई बड़े नेताओं को नई नोटिस जारी की है। मंगलवार 22 मार्च को पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा और नेताओं के हेट स्पीच देने के मामले में उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई।

Delhi Riots 2020 : साल 2020 में देश की राजधानी दिल्ली (New Delhi) में हुए दंगों के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने कई बड़े नेताओं को नई नोटिस जारी की है। मंगलवार (22 मार्च) को पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा और नेताओं के हेट स्पीच देने के मामले में उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई।

दिल्ली हाईकोर्ट के डिविजनल बेंच के न्यायाधीश जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर ने जिन नेताओं को नई नोटिसें जारी की हैं उनमें कांग्रेस पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महा​सचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा नेता प्रवेश साहिब वर्मा, भाजपा नेता ​कपिल मिश्रा व अन्य शामिल हैं।

हालांकि कोर्ट ने इन नेताओं को आरोपित बताने की दलील पर नाराजगी जाहिर की है और कहा है कि वे आरोपी नहीं हैं, लेकिन चूंकि उनपर आरोप लगाए हैं इसलिए उनसे इस पर उनका पक्ष जानने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

हाईकोर्ट ने इस मामले में पार्टी के रूप में जुड़े सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं अन्य से भी जबाव मांगा है। कोर्ट ने इस मामले में आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, अमानुतुल्लाह खान, अकबरूद्दीन औवैसी, वारिस पठान और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर से को भी नोटिस जारी किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल 2022 को होगी। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गैंजाल्विस ने भाजपा नेताओं की ओर से अपना पक्ष रखा जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता सोनिया माथुर ने याचिकाकर्ता लॉयर वॅायस, आम आदमी पार्टी, एआईएमआईएम व अन्य पार्टियों का पक्ष रखा।

आपको बता दें कि दिल्ली दंगों दंगों से जुड़े ही एक मामले में आरोपी उमर खालिद की जमानत (Umar Khalid Bail) पर सोमवार 21 मार्च को फैसला नहीं हो पाया था। फरवरी 2020 को दिल्ली में हुई हिंसा की साजिश रचने के आरोपी जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद की जमानत याचिका पर अब 23 मार्च को फैसला होना है. कोर्ट के आदेश के अनुसार खालिद की जमानत याचिका पर 23 मार्च को दोपहर 4 बजे सुनवाई होनी है. बीते दिनों दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

गौरतलब है कि इस दौरान कोर्ट में उमर खालिद के वकील ने कहा था कि अभियोजन पक्ष के पास उनके खिलाफ केस साबित करने के लिए सबूतों की कमी है. ऐसे में उन्हें जमानत दी जाए. खालिद के वकील त्रिदीप पेस ने कहा था कि अभयोजन के पास मामले से संबंधित खालिद के खिलाफ कोई ऐसे सबूत नहीं हैं जिन पर उन्हें सजा दी जा सके. बता दें कि उमर खालिद यूएपीए के तहत केस दर्ज किया गया था।

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