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दिल्ली दंगों में था फेसबुक का हाथ, स्वतंत्र एजेंसी से हो निष्पक्ष जांच- दिल्ली विधानसभा समिति

Janjwar Desk
1 Sep 2020 3:30 AM GMT
दिल्ली दंगों में था फेसबुक का हाथ, स्वतंत्र एजेंसी से हो निष्पक्ष जांच- दिल्ली विधानसभा समिति
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दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सद्भाव समिति के अध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहा कि अपना बचाव करने और अपना पक्ष रखने के लिए फेसबुक इंडिया के अधिकारियों को कमेटी अपनी अगली बैठक में पेश होने के लिए समन जारी करेगी.....

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सद्भाव समिति के चेयरमैन राघव चड्ढा की अध्यक्षता में सोमवार को समिति की अहम बैठक हुई। इस बैठक में तीन गवाहों ने उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया।

समिति के चेयरमैन व विधायक राघव चड्ढा ने कहा, 'कार्रवाई के दौरान पाया गया है कि दिल्ली दंगों में फेसबुक का हाथ था। फेसबुक पर जिस प्रकार के मटेरियल का प्रचार किया गया, कोशिश ये थी कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले दंगा हो जाए, लेकिन सफल नहीं हुए और उसकी वजह से ही चुनाव के बाद दंगा हुआ। फेसबुक को दिल्ली दंगों की जांच में सह-अभियुक्त की तरह मानना चाहिए और उसकी जांच होनी चाहिए। स्वतंत्र जांच एजेंसी की निष्पक्ष जांच के बाद फेसबुक के खिलाफ कोर्ट में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल की जानी चाहिए।'

चड्ढा ने कहा, 'अपना बचाव करने और अपना पक्ष रखने के लिए फेसबुक इंडिया के अधिकारियों को कमेटी अपनी अगली बैठक में पेश होने के लिए समन जारी करेगी।'

दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सद्भाव समिति के चेयरमैन राघव चड्ढा ने कहा, "समिति ने सोमवार को फेसबुक के खिलाफ की गई शिकायतों के मसले पर बैठक बुलाई थी। बैठक में समिति के सामने तीन गवाह पेश हुए और बयान कमेटी के सामने दर्ज कराए।"

राघव चड्ढा ने कहा, 'बीते कुछ दिनों की सुनवाई के दौरान जो शिकायत मिली है, उसके आधार पर और गवाहों को सुनने और उनके द्वारा जो तथ्य रखे गए, उनको पढ़ने और अध्ययन करने के बाद, कमेटी इस प्रारंभिक विचार पर पहुंची है कि फेसबुक का दिल्ली दंगों में हाथ था। उसकी जांच होनी चाहिए और फेसबुक को सह-अभियुक्त मानते हुए जांच के बाद उसके खिलाफ कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की जानी चाहिए। दिल्ली दंगों का मसला अभी कोर्ट में चल रहा है।'

राघव चड्ढा ने कहा, 'कई सारी चीजें आज इस समिति के सामने रखी गईं, पूरी प्रक्रिया की लाइव स्ट्रीमिंग की, ताकि जनता के सामने निष्पक्षता और पारदर्शिता को सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। उसमें यह कि किस प्रकार से फेसबुक साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले मटेरियल अपने प्लेटफार्म पर रखता है।'

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