दिल्ली

Haryanvi Singer Murder Case : दोस्त ही निकला दलित सिंगर का कातिल, 11 मई से अब तक क्या हुआ, जानें सबकुछ

Janjwar Desk
25 May 2022 8:55 AM GMT
Haryanvi Singer Murder Case : दोस्त ही निकला दलित सिंगर का कातिल, 11 मई से अब तक क्या हुआ, जानें सबकुछ
x

Haryanvi Singer Murder Case : दोस्त ही निकला दलित सिंगर का कातिल, 11 मई से अब तक क्या हुआ, जानें सबकुछ

Haryanvi Singer Murder Case : दोनों हत्यारोपी महिला के दोस्त थे। दलित सिंगर ने रवि के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। उसे जेल की सजा भी मिली थी। दूसरा दोस्त अनिल से भी संगीता के संबंध बिगड़ गए थे। रवि जेल से जमानत पर बाहर आते ही अनिल ने मिलकर संगीता की हत्या कर दी।

Haryanvi Singer Murder Case : दलित सिंगर मर्डर केस ( Dalit Singer Sangeeta Murder Case ) का दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दलित सिंगर संगीता ( Dalit Singer Sangeeta ) के दो दोस्तों को चार दिन पहले गिरफ्तार किया था। वही दलित सिंगर संगीता ( Delhi Dalit Singer ) का कातिल निकला। दिल्ली पुलिस का दावा है कि दोनों ने दलित सिंगर से निजी खुन्नस का बदला लेने के मकसद से पहले एक साजिश रची। मर्डर का प्लान तैयार होने के बाद संगीता को अल्बम शूटिंग के बहाने घर से बुलाकर रोहतक के मेहम इलाके में उसकी हत्या कर दी। निर्मम हत्या के इस मामले में लापरवाही से केस हैंडल करने के लिए द्वारका जिला पुलिस ने जफरपुर कलां थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया।

अब इस मामले में लोग यह जानना चाहते हैं कि दिल्ली की दलित सिंगर की हत्या उनके दोस्तों ने क्यों की, अपहरण के दिन से अब तक इस मसले में क्या हुआ?



दलित सिंगर मर्डर केस : जानिए सिलसिलेवार तरीके से पूरा घटनाक्रम

1. सबसे पहले 11 मई को दोपहर करीब 3 बजे दिलली के रावता रोड निवासी 29 वर्षीय सिंगर संगीता ( Haryanvi Singer Sangeeta ) भिवानी में गाना रिकॉर्ड करने के लिए अपने घर से निकलीं।

2. दलित लोक गायिका ( Dalit Folk Singer ) ने अपने परिवार को बताया था कि वह गाना रिकॉर्ड करने भिवानी जा रही है। संगीता ने फोन पर रात में करीब साढ़े 8 बजे अपने परिवार से बात की थी। उसने परिजनों को बताया कि वह सोने जा रही है। अपने परिवार के साथ उसकी वही आखिरी बातचीत थी।

3. कुछ समय बाद संगीता से परिवार वालों ने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन नेटवर्क से कट गया। संगीता का फोन बार-बार स्विच ऑफ आने के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया, मगर उसे कोई जवाब नहीं मिला। इसकी शिकायत परिजनों ने जाफरपुर कलां थाना पुलिस से की। जाफरपुर कलां थाना पुलिस ने भी माना कि संगीता उर्फ दिव्या 11 मई से लापता थी।

4. जाफरपुर कलां पुलिस को लग रहा था कि शायद संगीता किसी के साथ भाग गई है। 13 मई को परिवार ने फिर से पुलिस से संपर्क किया। मगर कोई सफलता हाथ नहीं लगी।

5. 14 मई को परिजनों ने मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि गायिका अपने जानकार के साथ संगीता वीडियो की रिकार्डिंग करने के लिए घर से निकली थी। उसके बाद से उसका कोई अता पता नहीं है। इसके बाद पुलिस जांच में जुट गई।

6. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। तकनीकी जांच में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की जांच की। इसके जरिए पुलिस को आरोपी अनिल के बारे में पता चला। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन उसका फोन बंद आ रहा था।

7. जाफरपुर कलां पुलिस ने तकनीकी जांच करते हुए 21 मई को अनिल और उसके साथी रवि को गिरफ्तार कर लिया लेकिन दोनों आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे। बाद में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने गायिका संगीता की हत्या का षड्यंत्र रचा था।

8. आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया प्लान के मुताबिक भिवानी में अल्बम शूटिंग के बहाने संगीता को मेहम बुलाया। एक व्यक्ति (जिसका नाम मोहित बताया गया) दिल्ली से उसे अपने साथ लेकर गया, रोहतक जिले के मेहम में संगीता को पहले ड्रग्स दिया गया और फिर उसे कार में ही मार दिया गया। उसके बाद उसकी बॉडी को सड़क किनारे गड्ढे में दबा दिया गया। सोमवार को उसका क्षत-विक्षत शव मिला।

9. 23 मई को युवती का शव हरियाणा के महम क्षेत्र स्थित भैणी भेरो फ्लाईओवर के पास जमीन के नीचे दफनाया हुआ मिला। महम थाना पुलिस ने हत्या और सबूत छुपाने का मामला दर्ज कर लिया।

10. इसके बाद महम पहुंचकर संगीता के परिजनों ने शव की शिनाख्त की। सिंगर का शव देखने के बाद उसके परिजनों ने रेप और मर्डर के एंगल से भी जांच की मांग की है।

11. संगीता का शव बरामद होने के बाद दलित सिंगर के परिजनों ने दिल्ली पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। साथ ही जफरपुर कलां थाने के बाहर मृतक के शव के साथ धरने पर बैठ गए। भारी बारिश के बीच भीम आर्मी ने जोरदार प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों सहित संगीता के हत्यारों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी मांग की।

12. द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त शंकर चौधरी ने थाने पहुंचकर लोगों को शांत करवाया और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही पुलिस ने लापरवाही के आरोप में जाफरपुर कलां थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया।

13. पुलिस ने बताया कि संगीता से बलात्कार को लेकर अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है। हत्या के आरोपी महिला के दोस्त थे। दलित सिंगर ने रवि के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। उसे जेल की सजा भी मिली थी। दूसरा दोस्त अनिल से भी संगीता के संबंध बिगड़ गए थे। रवि जेल से जमानत पर बाहर आते ही बदला लेने का प्लान बनाया और इसमें अनिल को भी शामिल कर लिया। फिर दोनों ने मिलकर संगीता की हत्या कर दी।

ऐसे हुआ सिंगर मर्डर केस का खुलासा


रोहतक के महम के नजदीक भैणी भेरो गांव के पास फ्लाईओवर के नजदीक से एक व्यक्ति गुजर रहा था। वह लघुशंका के लिए फ्लाईओवर के नीचे उतरा। उसे जमीन में दबा एक हाथ नजर आया। ध्यान से देखने पर उसे एक पैर भी नजर आया। इसके बाद उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने युवती के शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए रोहतक स्थित अस्पताल भेजा। 23 मई को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।

डीडब्लूसी ने पुलिस को जारी किया नोटिस

दिल्ली महिला आयोग ( DWC ) ने भी मामले को संज्ञान में लेकर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। आयोग ने 27 मई तक मामले की रिपोर्ट मांगी है। आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल का कहना है कि दिल्ली के जाफरपुर कलां में रहने वाली अनुसूचित जाति की युवती का रोहतक में शव मिला है। परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस वजह से दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया गया है।


(जनता की पत्रकारिता करते हुए जनज्वार लगातार निष्पक्ष और निर्भीक रह सका है तो इसका सारा श्रेय जनज्वार के पाठकों और दर्शकों को ही जाता है। हम उन मुद्दों की पड़ताल करते हैं जिनसे मुख्यधारा का मीडिया अक्सर मुँह चुराता दिखाई देता है। हम उन कहानियों को पाठक के सामने ले कर आते हैं जिन्हें खोजने और प्रस्तुत करने में समय लगाना पड़ता है, संसाधन जुटाने पड़ते हैं और साहस दिखाना पड़ता है क्योंकि तथ्यों से अपने पाठकों और व्यापक समाज को रू-ब-रू कराने के लिए हम कटिबद्ध हैं।

हमारे द्वारा उद्घाटित रिपोर्ट्स और कहानियाँ अक्सर बदलाव का सबब बनती रही है। साथ ही सरकार और सरकारी अधिकारियों को मजबूर करती रही हैं कि वे नागरिकों को उन सभी चीजों और सेवाओं को मुहैया करवाएं जिनकी उन्हें दरकार है। लाजिमी है कि इस तरह की जन-पत्रकारिता को जारी रखने के लिए हमें लगातार आपके मूल्यवान समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है।

सहयोग राशि के रूप में आपके द्वारा बढ़ाया गया हर हाथ जनज्वार को अधिक साहस और वित्तीय सामर्थ्य देगा जिसका सीधा परिणाम यह होगा कि आपकी और आपके आस-पास रहने वाले लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित करने वाली हर ख़बर और रिपोर्ट को सामने लाने में जनज्वार कभी पीछे नहीं रहेगा, इसलिए आगे आयें और जनज्वार को आर्थिक सहयोग दें।)

Next Story

विविध