दिल्ली

Highlights of PM Speech: कृषि कानून वापस लेगी सरकार, पढ़िए राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम के भाषण की प्रमुख बातें

Janjwar Desk
19 Nov 2021 6:11 AM GMT
Highlights of PM Speech: कृषि कानून वापस लेगी सरकार, पढ़िए राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम के भाषण की प्रमुख बातें
x

पीएम मोदी की दाढ़ी पर रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा का बयान। 

Highlights of PM Speech: राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम नरेन्द्र मोदी ने कृषि कानून वापस लेने का ऐलान किया। पढ़ें प्रधानमंत्री के भाषण की प्रमुख बातें..

Highlights of PM Speech: कृषि कानूनों (Farmers Bill) का साल भर से विरोध कर रहे किसानों के सामने केंद्र सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राष्ट्र के नाम संबोधन में आज ऐलान कर दिया कि वे कृषि कानून वापस ले रहे हैं। जल्द ही इसको लेकर प्रक्रियाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले साल लागू कृषि बिल का देशभर के किसान विरोध कर रहे हैं। दिल्ली से सटे सिंधु बॉर्डर (Sindhu Border) और गाजीपुर बॉर्डर (Gajipur Border) पर किसान अब भी आंदोलन कर रहे हैं। सरकार और किसानों के बीच एक लंबे तनातनी के बाद भाजपा सरकार को ही झुकना पड़ा। आज यानि, शुक्रवार 19 नवंबर को अपने 17 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के लेकर कई अहम बातें कहीं:

  • प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सबसे पहले सभी देशवासियों को देव दीपावली और गुरूनानक जी की प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं दी। इसके बाद पीएम ने कहा कि यह बेहद सुखद है कि डेढ़ साल के अंतराल के बाद करतारपुर साहिब कॉरिडोर वापस खुल गया है। मोदी ने कहा कि "भाजपा सरकार सेवा भावना के साथ देश की जनता का जीवन आसान बनाने में जुटीं हैं।" मोदी ने कहा कि, "अपने पांच दशक के सार्वजनिक जीवन में किसानों की चुनौतियों को मैंने करीब से देखा है और महसूस किया है। इसलिए जब देश ने मुझे 2014 में प्रधानमंत्री बनाया तो हमने किसान कल्याण (Farmer's Welfare) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।"
  • अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने नए कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा, "हमारी तपस्या में ही कोई कमी रह गई होगी, जिस कारण मैं किसान भाइयों को समझा नहीं पाया। नए कृषि कानूनों के खिलाफ जो विरोध हो रहा है उसे देखते हुए आंदोलनकारी किसानों से घर लौटने का आग्रह करता हूं और तीनों कानून वापस लेता हूं। उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत में संसद सत्र शुरू होने जा रहा है उसमें कानूनों को वापस लिया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि जो कर रहा हूं देश के लिए कर रहा हूं।
  • पीएम मोदी ने कहा कि बहुत कम लोगों को पता है कि देश के 100 में से 80 किसान छोटे किसान हैं। उनके पास दो हेक्टेयर से भी कम जमीन है। मोदी ने कहा कि "देश में इन छोटे किसानों (Small Farmers) की संख्या 10 करोड़ से भी ज्यादा है। किसानों के जमीन ही उनकी जिंदगी का आधार होती है।"
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि, "भाजपा सरकार ने छोटे किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए बीज, बीमा, बाजार और बचत पर चौतरफा काम किया।" मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने आपदा के समय ज्यादा से ज्यादा किसानों को आसानी से मुआवजा देने के लिए पुराने नियमों में बदलाव किया। बीते चार सालों में किसानों को एक लाख करोड़ से अधिक का मुआवजा दिया गया है।
  • मोदी के किसानों के हित में किए गए कामों की व्याख्यान करते हुए कहा कि भापजा सरकार ने देशभर की कृषि मंडियों की आधुनिकीकरण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि, "आज देश का कृषि बजट पिछले सरकार की तुलना में पांच गुना बढ़ गया है। हर साल सवा लाख करोड़ रुपये से अधिक कृषि के कामों पर खर्ज किए जा रहे हैं।"
  • इसके अलावा प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि कानून लाने का मुख्य उद्देश्य था कि किसान को अपने उपज की सही मुल्य मिले और उन्हें ज्यादा से ज्यादा विकल्प मिले। पिछली सरकार ने भी इसको लाने पर कई बार विचार किया। मगर भाजपा सरकार ने कानून को लागू किया। मोदी ने कहा कि, "कृषि कानूनों का देश के कई किसानों, किसान संगठनों ने स्वागत किया। आज मैं उन सभी का बहुत आभारी हूं।"
  • नरेन्द्र मोदी ने कहा कि, "कानून लाने के पीछे हमारी नीयत नेक थी। हम किसानों को बार-बार समझाते रहे। कानून को जिन प्रवधानों पर किसानों को ऐतराज था, सरकार उन्हें बदलने को भी तैयार हो गई।" मोदी ने कहा कि "लाख कोशिशों के बावजूद कुछ किसान नहीं मानें। इसलिए गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर मैं बताने आया हूं कि हमारी सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लेने निर्णय लिया है।"


Next Story

विविध

Share it