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दिल्ली

सुदर्शन न्यूज के मालिक ने उड़ाया अदालत के स्टे आर्डर का मखौल, कहा मुझे नहीं मिली आदेश की कॉपी

Janjwar Desk
28 Aug 2020 2:44 PM GMT
सुदर्शन न्यूज के मालिक ने उड़ाया अदालत के स्टे आर्डर का मखौल, कहा मुझे नहीं मिली आदेश की कॉपी
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नीले कुर्ते में बंदूक के साथ सुरेश चव्हाणके।

दिल्ली हाइकोर्ट ने आज सुदर्शन न्यूज के इस कार्यक्रम के प्रसारण पर रोक लगा दी । अदालत ने यह स्टे आर्डर जामिया मिल्लिया इस्मालिया यूनिवर्सिटी के छात्रों की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

जनज्वार। सुदर्शन न्यूज के संपादक सुरेश चव्हाणके ने अपने चैनल पर यूपीएससी परीक्षा में मुसलिमों की भागीदारी पर विवादित कार्यक्रम के प्रसारण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुरेश चव्हाणके ने एक ट्वीट कर कहा है कि आज राज आठ बजे शो होगा, कुछ लोग हाइकोर्ट द्वारा स्टे लगाने को लेकर पोस्ट कर रहे हैं। लेकिन, हमारे पास अधिकृत रूप से कोई नोटिस आता है तो आठ बजे पढकर बताएंगे।

सुरेश चव्हाणके ने इसके बाद रात आठ बजे अपने चैनल पर एक कार्यक्रम का प्रसारण किया जिसको लेकर उन्होंने ट्विटर पर कहा कि विश्व के इतिहास में पहली बार किसी शो के प्रसारण से पहले रोक लगी। उन्होंने कहा कि सावरकर की पुस्तक पर भी छपने से पहले बैन लगा दिया गया था। बैन अब सुरेश और सुदर्शन पर लगा है।

इससे पहले दिल्ली हाइकोर्ट ने आज सुदर्शन न्यूज के इस कार्यक्रम के प्रसारण पर रोक लगा दी थी। अदालत ने यह स्टे आर्डर जामिया मिल्लिया इस्मालिया यूनिवर्सिटी के छात्रों की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था।

अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि उसे सुदर्शन न्यूज पर 28 अगस्त को रात आठ बजे प्रसारित होने वाले प्रोग्राम के बारे में शिकायतें मिली हैं और मंत्रालय न्यूज चैनल को नोटिस जारी कर इस बारे में जवाब मांगेगा।

गुरुवार को सुदर्शन न्यूज के इस कार्यक्रम के प्रोमो का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था जिसकी बहुत सारे लोगों ने निंदा की थी। इस वीडियो में सुरेश चव्हाणके आइएएस परीक्षा में मुसलिमों के चयन पर सवाल उठाते दिख रहे थे।

सुरेश चव्हाणके ने अपने कार्यक्रम के प्रोमो में कहा था कि 28 अगस्त को वे कार्यपालिका के सबसे बड़े पदों पर मुसलिमों की घुसपैठ का पर्दाफाश करेंगे। इस प्रोमो का आइपीएस अधिकारियों के संगठन ने भी निंदा की और इसे गैर जिम्मेदार पत्रकारिता बताया। वहीं, कांग्रेस के समर्थक तहसीन पूनावाला ने इसको लेकर दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी। जामिया के छा़त्रों की ओर से भी इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।

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