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एक बेटे के अंतिम संस्कार के बाद श्मशान से घर लौटे पिता का इंतजार कर रही थी दूसरे बेटे की लाश

Janjwar Desk
14 May 2021 2:37 PM GMT
एक बेटे के अंतिम संस्कार के बाद श्मशान से घर लौटे पिता का इंतजार कर रही थी दूसरे बेटे की लाश
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photo : NBT

अतर सिंह एक बेटे को मुखाग्नि देकर घर पहुंचे ही थे कि दूसरे बेटे दीपक ने भी दम तोड़ दिया, दीपक को भी बुखार था और ऑक्सीजन का स्तर भी गिरता जा रहा था...

जनज्वार, नोएडा। कोरोना का कहर अब श​हरों से ज्यादा बरप रहा है। ग्रामीण भारत में मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मौतों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गंगा में बहायी गयी लाशों के मिलने का सिलसिला जारी है। यूपी, बिहार, दिल्ली, बंगाल, उत्तराखण्ड, हरियाणा, पंजाब हो या फिर कोई अन्य राज्य, हर गांव में मौतों का तांडव शुरू हो चुका है।

यूपी के नोएडा के ग्रामीण इलाकों में भी मौतों का कहर जमकर बरप रहा है। मीडिया में आई जानकारी के मुताबिक नोएडा के ग्रेनो वेस्ट के जलालपुर गांव में पिछले 15 दिनों के दौरा लगभग 20 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें 6 महिलायें भी शामिल हैं।

आज तो 2 मौतें ऐसी हुईं, जिस पर हर कोई हैरान है। एक बाप ने 8 घंटे के अंदर अपने 2 जवान बेटे, बुढ़ापे की लाठी खो दीं। जानकारी के मुताबिक बाप एक बेटे को मुखाग्नि देकर घर पहुंचा ही था कि दूसरे बेटे की लाश अंतिम संस्कार के लिए तैयार पड़ी थी। दोनों भाइयों की मौत की वजह बुखार बतायी जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक लगातार हो रही मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ग्रामीणों की सुध लेने को तैयार नहीं है।

ग्रामीणों द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक नोएडा के जलालपुर गांव के अतर सिंह के बेटे पंकज को अचानक बुखार आया और मौत हो गई। अतर सिंह बेटे को मुखाग्नि देकर घर पहुंचे ही थे कि दूसरे बेटे दीपक ने भी दम तोड़ दिया। दीपक को भी बुखार था और ऑक्सीजन का स्तर भी गिरता जा रहा था।

एनबीटी में प्रकाशित खबर के मुताबिक गांव के ही समाजसेवी रविंद्र भाटी द्वारा जानकारी दी ​गयी कि 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार से 28 अप्रैल से मौत का सिलसिला गांव में शुरू हुआ था जो जारी है। पहले ऋषि नागर की अचानक मौत हुयी थी, जिसके बाद उनके बेटे की भी मौत हुयी थी।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ज्यादातर लोगों की मौत घरों में हुई है। सबमें एक ही कॉमन सिमटम था कि पहले बुखार आया और फिर ऑक्सीजन लेवल गिरने लगा। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीण जहां डरे हुए हैं, वहीं प्रशासन कान देने को तैयार नहीं है। अभी भी बड़े पैमाने पर कोरोना जांच ग्रामीण स्तर पर शुरू नहीं की गयी है।

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