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#BharatBandh : भारत बंद को मिल रहा जबरदस्त समर्थन, AAP का आरोप- सरकार ने केजरीवाल को किया नजरबंद

Janjwar Desk
8 Dec 2020 2:51 AM GMT
#BharatBandh : भारत बंद को मिल रहा जबरदस्त समर्थन, AAP का आरोप- सरकार ने केजरीवाल को किया नजरबंद
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भारत बंद को विभिन्न राजनीतिक व गैर कृषि संगठनों का समर्थन मिला है। बंद के दौरान दोपहर तीन बजे तक चक्का जाम किया जाएगा और एंबुलेंस व शादी विवाह से जुड़े कार्याें को छूट हासिल रहेगी।

जनज्वार। देश भर के किसानों ने आज नरेंद्र मोदी सरकार के तीन नए कृषि कानून के खिलाफ भारत बंद बुलाया है। किसान संगठनों के इस बंद को लगभग सभी गैर राजनीतिक दलों, दर्जनों खिलाड़ियों, कई फिल्मी कलाकारों व अन्य सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। किसानों के इस बंद को सिर्फ ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का समर्थन हासिल नहीं हैं।

रविवार को हालांकि तृणमूल कांग्रेस के सीनियर नेता सुदीप बंद्योपाध्यान ने समर्थन देने व प्रदर्शन करने की बात कही थी, लेकिन सोमवार को मिदनापुर में एक रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल अध्यक्ष व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना स्टैंड बदल लिया और कहा कि उनकी सरकार बंद का समर्थन नहीं करती है, लेकिन उनकी पार्टी का किसानों के आंदोलन को समर्थन हासिल रहेगा। मालूम हो छह महीने के अंदर होने जा रहे बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी खुद किसानों के मुद्दें पर विपक्ष के सवालों का सामना कर रही हैं।

किसान नेता राजेश टिकैत ने कहा है कि बंद केे दौरान 11 बजे से तीन बजे तक चक्का जाम रहेगा और एंबुलेंस व शादियों का मौसम होने के कारण उससे जुड़े कार्याें को छूट रहेगी। किसान के बंद के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को एडवाइजरी जारी की है और शांति व्यवस्था बनाए रखने को कहा है। केंद्र ने राज्यों को इस दौरान कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करने को कहा है।

किसानों के बंद को सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी समर्थन दिया है। अन्ना हजारे आज अपने गांव रालेगण सिद्धि में एक दिन के भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उधर, केरल सरकार ने कहा है कि वह मोदी सरकार के कृषि कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी और उनके राज्य में यह कानून लागू नहीं होगा।

उधर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने फैसला लिया है कि नौ दिसंबर को वे किसानों के प्रदर्शन के समर्थन व देश में कोरोना संकट को लेकर अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगी।


LIVE Update-

कृषि कानून के खिलाफ चल रहे भारत बंद के बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घर में ही नजरबंद कर दिया गया है। बीते दिन जब से अरविंद केजरीवाल सिंधु बॉर्डर से वापस आए हैं, तभी से घर के बाहर नजरबंद के हालात बनाए हुए हैं।


आंध्रप्रदेश में वाम पंथी पार्टियां बंद करवाने सड़कों पर उतरी हैं। किसान संघ के भारत बंद के आह्वान पर वाम दलों ने वियजनगरम जिले में बंद करवाया।

झारखंड की राजधानी रांची में बंद समर्थकों ने रोटियों की माला पहन कर कराया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नए कृषि कानून किसानों को गुलाम बनाने वाला है। झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बंद का समर्थन किया है। सत्ताधारी झामुमो-काग्रेस-राजद गठबंधन ने बंद का आह्वान किया है और वाम पार्टियां भी बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरी हैं।

बिहार में बंद प्रभावी है। यहां मुख्य विपक्षी राजद ने किसानों के समर्थन में बंद का आह्वान किया। बंद के समर्थन में कांग्रेस व वाम दल सहित अन्य संगठन भी हैं। बंद के मद्देनजर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि बंद से यात्रियों को दिक्कत का सामना कर पड़ रहा है। ट्रेनों से दूसरे शहरों से आए लोगों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए बस पड़ाव पर बसें नहीं मिल रही हैं।

पश्चिम बंगाल में वाम पार्टियां बंद कराने सड़कों पर उतरी हैं। वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जगहों पर ट्रेनें रोकीं हैं और बंद करवाया है। जाधवपुर रेलवे स्टेशन पर वाम दलों ने लोकल ट्रेनों को रोक दिया।

कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बाॅर्डर पर किसानों का आज भी विरोध प्रदर्शन जारी है। किसान यूनियनों ने आज देश भर में भारत बंद बुलाया है।

उत्तरप्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किसानों के भारत बंद के समर्थन में प्रयागराज में रैली निकाली और ट्रेन रोक दिया।


किसान संगठनों ने भारत बंद का मर्यादा सूत्र तय किया है, जिसमें निम्न बातें कही गई हैं :

  • बंद सुबह से पूरे दिन चलेगा। इसमें सभी बाजार, दुकान, सेवाएं, संस्थान बंद रहेंगे।
  • चक्का जाम दोपहर तीन बजे तक रहेगा।
  • किसान दूध, फल, सब्जी व कोई अन्य उत्पाद लेकर बाजार नहीं जाएंगे।
  • अस्पताल व तमाम इमरजेंसी सेवाएं बंद से मुक्त रहेंगी। शादी का सीजन होने की वजह से उससे जुड़े कार्याें को छूट रहेगी।
  • भारत बंद शांतिपूर्ण रहेगा, इसमें तोड़-फोड़ या हिंसा नहीं की जाएगी। जबरस्ती कोई कार्य नहीं कराया जाएगा।
  • जो राजनीतिक दल बंद को समर्थन देंगे वे अपना झंडा बैनर छोड़ कर किसानों का साथ दें।

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