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'मेरी मर्जी' सदन में कम उपस्थिति पर बोले पूर्व CJI रंजन गोगोई, कांग्रेस ने मनमानि को बताया संसद का अपमान

Janjwar Desk
12 Dec 2021 4:06 AM GMT
मेरी मर्जी सदन में कम उपस्थिति पर बोले पूर्व CJI रंजन गोगोई, कांग्रेस ने मनमानि को बताया संसद का अपमान
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(राज्यसभा सांसद और पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पर कांग्रेस का हमला)

Former CJI Ranjan Gogoi: संसद के रिकॉर्ड बताते हैं कि जस्टिस गोगोई की राज्यसभा में उपस्थिति 10 प्रतिशत से भी कम है। इसपर उन्होंने कहा कि मेरी मर्जी है, जब मुझे जरूरी लगता है तो मैं जाता हूं...

New Delhi News: राज्य सभा में कम उपस्थिति को लेकर पूर्व CJI रंजन गोगोई (Former CJI Ranjan Gogoi) के बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा कि यह भारत की संसद का अपमान है। जयराम रमेश ने शनिवार को पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (Ex CJI Ranjan Gogoi) की राज्यसभा (RajyaSabha) में कम उपस्थिति के बारे में स्पष्टीकरण को खारिज कर दिया। रमेश ने कहा कि चैनल को दिए साक्षात्कार में पूर्व CJI गोगोई की टिप्पणी आई जिसमें उन्होंने कहा कि जब उन्हें ऐसा महसूस होगा तब वे उच्च सदन में भाग लेंगे। यह सदन का अपमान है।

दरअसल, संसद के रिकॉर्ड बताते हैं कि जस्टिस गोगोई की राज्यसभा (Rajyasabha Attendance) में उपस्थिति 10 प्रतिशत से भी कम है। वह पिछले साल सदस्य बने थे। न्यूज चैनल एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान पूर्व जस्टिस रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) ने कहा था कि 'मुझे जब लगता है कि सदन जाना चाहिए तो जाता हूं, यह मेरी मर्जी है।' वह इस समय राज्यसभा में नॉमिनेटेड सांसद हैं।

एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू के दौरान जब जस्टिस गोगोई से पूछा गया कि सदन में आपकी उपस्थिति इतनी ख़राब क्यों है। सदन की 60 बैठकों में से आप केवल 6 दिन उपस्थित रहे? इसपर गोगोई ने जवाब दिया, "आपने यह अनदेखा कर दिया कि एक या दो सेशन में मैंने सदन को लेटर दिया था कि कोविड (Covid 19 Pandemic) की वजह से मैं कार्यवाही में शामिल नहीं हो पाऊंगा।" उन्होंने आगे कहा, "इससे पहले वाले सत्र में आप आरटीपीसीआर करवाने के बाद ही राज्यसभा में जा सकते थे। मुझे यह अच्छा नहीं लगता था।"

सोशल डिस्टेंसिंग का दिया हवाला

कोरोना महामारी का हवाला जेते हुए राज्यसभा सांसद (Rajyasabha Sansad) ने कहा, "राज्यसभा में सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) नियमों को लागू किया गया था लेकिन उनका पालन नहीं हो पाता था। सदन में बैठने की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी।" फिर रंजन गोगोई ने कहा कि, "मगर सदन में न जाने की यह वजह नहीं है। दरअसल मेरा जब मन होता है या मुझे जरूरी लगता है तो मैं राज्यसभा जाता हूं। मुझपर कोई दबाव नहीं डाल सकता। मैं किसी पार्टी के तहत नहीं काम करता। मुझे नामांकित (Nominated Member) किया गया था। मैं सदन में अपनी इच्छा से जाता हूं और अपनी इच्छा से बाहर निकलता हूं। मैं सदन का एक स्वतंत्र सदस्य हूं।"

कांग्रेस का रंजन गोगोई पर प्रहार

इसपर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (Congress Jairam Ramesh) ने रंजन गोगोई पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता ने कहा कि संसद केवल बोलने वाली जगह नहीं है। एक ट्वीट में जयराम रमेश ने कहा, "यह तो संसद का अपमान है कि कोई सदस्य कहे कि वह सदन में अपनी मर्जी से आएगा-जाएगा। संसद केवल बोलने के लिए नहीं होती बल्कि सुनने के लिए भी होती है।" कांग्रेस नेता ने कहा कि, "यह असाधारण है और वास्तव में संसद का अपमान है कि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई कहते हैं कि वह राज्यसभा में भाग लेंगे, जिसमें उन्हें मनोनीत किया गया है, जब उन्हें ऐसा लगेगा!"

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