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पैन आधार लिंकिंग में सरकार ने जुर्माने से वसूले 600 करोड़ रुपये, 11.48 करोड़ स्थायी खाता संख्या अभी भी जुड़नी शेष

Janjwar Desk
5 Feb 2024 1:40 PM GMT
पैन आधार लिंकिंग में सरकार ने जुर्माने से वसूले 600 करोड़ रुपये, 11.48 करोड़ स्थायी खाता संख्या अभी भी जुड़नी शेष
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वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इसी के जवाब में संसद में बताया कि जिन व्यक्तियों ने अपने पैन को आधार से लिंक नहीं किया है, उनसे 1 जुलाई 2023 से 31 जनवरी 2024 तक शुल्क का कुल संग्रह 601.97 करोड़ रुपये हुआ है.....

Linking PAN with Aadhaar : पैन-आधार लिंकिंग में देरी होने पर जो पैनल्टी वसूली जाती है, उससे केंद्र सरकार को 600 करोड़ का फायदा हुआ है। जी हां, यह बात एकदम सही है कि इस जुर्माने की वसूली से मोदी सरकार का खजाना भरा है, और यह जानकारी खुद वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में दी।

गौरतलब है कि पैन को बायोमेट्रिक आधार से लिंक (PAN Aadhaar linking) करने की आखिरी तारीख सरकार द्वारा 30 जून 2023 रखी गयी थी। आयकर विभाग ने चेतावनी दी थी कि जो टैक्स पेयर अपना आधार बताने में विफल रहे हैं, उनका पैन 1 जुलाई 2023 से निष्क्रिय हो जाएगा और ऐसे पैन के खिलाफ कोई रिफंड नहीं किया जाएगा। तय तिथि के बाद पैन-आधार लिंकिंग वाले खातों से सरकार को 600 करोड़ रुपये का मुनाफा जुर्माने के बतौर हुआ है।

आज सोमवार 5 फरवरी को वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद को सोमवार को सूचित किया कि लगभग 11.48 करोड़ स्थायी खाता संख्याएं अभी भी बायोमेट्रिक पहचान से नहीं जुड़ पायी हैं। यह बात उन्होंने एक लिखित सवाल के जवाब में बतायी। संसद में 30 जून, 2023 की अंतिम तिथि के बाद अपने पैन और आधार को लिंक नहीं करने वाले व्यक्तियों से 1,000 रुपये की लेट पेनल्टी के माध्यम से सरकार की कमाई के विवरण के संबंध में सवाल पूछा गया था।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इसी के जवाब में संसद में बताया कि जिन व्यक्तियों ने अपने पैन को आधार से लिंक नहीं किया है, उनसे 1 जुलाई 2023 से 31 जनवरी 2024 तक शुल्क का कुल संग्रह 601.97 करोड़ रुपये हुआ है।

गौरतलब है कि सरकार ने पैन को बायोमेट्रिक आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख पिछले साल 30 जून, 2023 तक घोषित की थी। आयकर विभाग की तरफ से बयान जारी करके कहा गया था कि जो टैक्स पेयर अपना आधार पैन के साथ लिंक करने में असमर्थ रहे है।, उनका पैन 1 जुलाई, 2023 से निष्क्रिय हो जाएगा और ऐसे पैन के खिलाफ कोई रिफंड विभाग द्वारा नहीं किया जाएगा। इसी के साथ यह भी चेतावनी दी गयी थी कि ऐसे खातों से टीडीएस और टीसीएस उच्च दर पर काटा/संग्रह किया जाएगा। हां अगर कोई 31 जुलाई, 2023 के बाद अपना पैन—आधार लिंकिंग करता है तो उसे 1,000 रुपये का विलंब शुल्क भरना होगा, ताकि उसका खाता सुचारू रूप से चालू हो सके।

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