हरियाणा

'अगर सरकार पूंजीपतियों की गुलाम हो चुकी है तो देश बचाने के लिए किसान हरेक बैरीकेड तोड़ेगा'

Janjwar Desk
26 Nov 2020 4:58 AM GMT
अगर सरकार पूंजीपतियों की गुलाम हो चुकी है तो देश बचाने के लिए किसान हरेक बैरीकेड तोड़ेगा
x
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष (हरियाणा) गुरनाम सिंह ने 'जनज्वार' से बातचीत में कहा कि ये युद्ध है, हम युद्ध लड़ने जा रहे हैं, हमें नहीं पता कि रास्ते में क्या होगा, हारेंगे या जीतेंगे लेकिन इरादा हमारा ये है कि हम उनके हर बैरीकेड तोड़ेंगे.....

जनज्वार। केंद्र की मोदी सरकार की ओर से पारित तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा और देशभर के अनेक हिस्सों से किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। सभी किसान राजधानी दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन की बड़ी तैयारी देखते हुए सरकार के हाथ पांव फूल गए हैं। राजधानी दिल्ली में आज करीब दो लाख किसान इन कृषि कानूनों के खिलाफ विशाल प्रदर्शन करेंगे।

करनाल और कुरूक्षेत्र के बीच में बाहू समाणा गांव में हजारों की संख्या में किसान इकट्ठा हुए हैं जो दिल्ली की ओर कूच करने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। इस आंदोलन में शामिल राकेश बेंस नाम के एक किसान ने 'जनज्वार' से बातचीत में बताया कि दिल्ली कूच के लिए हम कल (25 नवंबर) चल पड़े थे, रात का पड़ाव हमारा बाहू समाणा में रहा। अब हम दिल्ली की तरफ चलने की तैयारी कर चुके हैं।

आगे राह में करनाल में बैरीकेड लगाए जाने की बात पर उन्होंने कहा कि पहली बात तो यह समझने की है कि सरकार को किसानों से डर क्यों है। क्या केवल पूंजीपतियों के लिए देश है। क्या किसान को अपनी राजधानी में जाने का अधिकार नहीं है। यदि सरकार पूंजीपतियों की गुलाम हो चुकी है तो किसान अपने देश को बचाने के लिए अपने देश की राजधानी कूच करेगा। उसके लिए सरकार जो मर्जी जो बैरीकेड लगाए सबको तोड़कर आगे बढ़ा जाएगा।

किसानों के इस आंदोलन की खास बात यह है कि इसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हैं जो पीछे हटने को तैयार नहीं है। टैक्टर में बैठे कुछ युवकों ने बताया कि पुलिस की लाठियों से उनकी हाथ में चोट भी लगी है लेकिन उनके हौंसले अब भी बुलंद हैं और वह भी दिल्ली कूच के लिए तैयार हैं।

एक दूसरे किसान ने कहा कि जो तीन कानून किसानों के खिलाफ पारित किए गए हैं। इन्होंने हमारी जिंदगी नर्क में धकेल दी है। अगर देश की तरक्की चाहते हो तो हम जैसे थे हमें वैसा ही रहने दो।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष (हरियाणा) गुरनाम सिंह ने 'जनज्वार' से बातचीत में कहा कि अब दिल्ली की ओर कूच करने के लिए तैयारी हो चुकी है। सरकार की ओर से की जा रही बैरीकेडिंग को लेकर उन्होंने कहा कि ये युद्ध है, इसमें नहीं पता कि छोटी सी गलती से भी युद्ध हार जाते हैं, युद्ध जीत भी जाते हैं। ये युद्ध है, हम युद्ध लड़ने जा रहे हैं। हमें नहीं पता कि रास्ते में क्या होगा हारेंगे या जीतेंगे लेकिन इरादा हमारा ये है कि हम उनके हर बैरीकेड तोड़ेंगे। वह चीन की दीवार कर लें लेकिन हम तोड़ेंगे।

गुरनाम सिंह से जब पूछा गया कि कितने लंबे आंदोलन की तैयारी है तो उन्होंने कहा कि हमारी ताउम्र तक की तैयारी है। जब हम मरने के लिए तैयार हैं तो कितनी लंबी तैयारी का तो सवाल ही नहीं बचा। देखिए गुरु गोविंद सिंह जी ने भी लड़ाई थी। एक समय वो भी आया था जब उन्होंने तीन महीने तक लगातार कमरकसा लगाकर रखा था। यानि तीन महीने तक लड़ाई में उन्हें नहाने का समय नहीं मिला था। आज हरियाणा का किसान भी उसी तरह मोर्चे पर है।

Next Story

विविध

Share it