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सुशांत केस : पिता का बड़ा खुलासा, बोले-25 फरवरी को ही बांद्रा पुलिस से की थी बेटे की जान पर खतरे की शिकायत

Janjwar Desk
3 Aug 2020 1:12 PM GMT
सुशांत केस : पिता का बड़ा खुलासा, बोले-25 फरवरी को ही बांद्रा पुलिस से की थी बेटे की जान पर खतरे की शिकायत
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File photo

सुशांत के पिता केके सिंह ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि 25 फरवरी की शिकायत में जिन लोगों के नाम हैं, उनपर बेटे की मौत के 40 दिनों बाद भी कोई कार्रवाई न होने के कारण उन्होंने पटना में एफआईआर दर्ज कराई।

जनज्वार ब्यूरो, पटना। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने एक बड़ा खुलासा किया है। इस खुलासे में उन्होंने एक तरह से मुंबई पुलिस पर आरोप भी लगाया है। एक वीडियो जारी कर उन्होंने अपनी बात कही है।

जारी वीडियो में उन्होंने कहा है कि बीते 25 फरवरी को ही उन्होंने बांद्रा पुलिस को शिकायत की थी। इस शिकायत में उन्होंने सुशांत की जान को खतरा बताया था। उन्होंने कहा 'बांद्रा पुलिस ने जब उनके बेटे की मौत के 40 दिनों के बाद भी उन लोगों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की, जिनका मैंने अपनी शिकायत में नाम लिया था, तब मैंने पटना में एफआईआर दर्ज कराई।'

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही बिहार में मुंबई पुलिस पर कई तरह के आरोप लगते रहे हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद पटना पुलिस ने जब जांच अपने हाथ में ली, तभी से मुंबई पुलिस और पटना पुलिस के बीच भी एक तरह की टकराव शुरू हो गई है।

मामले की जांच करने मुंबई गए पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को जबरन क्वारन्टीन कर दिया गया, तो बिहार से गयी पुलिस को कोई सहयोग नहीं दिए जाने की बात खुद डीजीपी कह रहे हैं।

आज सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एसपी को क्वारन्टीन किए जाने के मामले में कहा था कि 'जो हुआ वह ठीक नहीं। यह राजनैतिक नहीं है, बिहार पुलिस अपना कर्तव्य निभा रही है। हमारे डीजीपी वहां के अधिकारियों से बात करेंगे।'

इससे पहले सुशांत सिंह राजपूत मौत के केस की जांच करने मुंबई गए बिहार कैडर के आईपीएस ऑफिसर व पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को रविवार की रात मुंबई बीएमसी ने जबरन क्वारन्टीन कर दिए जाने की खबर सामने आई थी।

मुंबई गई बिहार पुलिस की टीम को 31 जुलाई की शाम मुंबई पुलिस ने मीडिया से बात करने से रोक दिया था। मुंबई पुलिस के कर्मी बिहार पुलिस के अधिकारियों को बात करने से रोकते हुए पुलिस वैन में जबरन बैठा कर कहीं और लेकर चले गए थे। इस दौरान वहां कवरेज करने पहुंचे पत्रकार मुंबई पुलिस से यह कहते रहे कि ये कोई अपराधी थोड़े हैं, ये पुलिस हैं, लेकिन उसका मुंबई पुलिस पर कोई असर नहीं हुआ था। इसके बाद मुंबई मुलिस के इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

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