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अडानी-अंबानी के उत्पादों की ये रही सूची, क्या किसानों के बहिष्कार की अपील पर देश करेगा विचार

Janjwar Desk
10 Dec 2020 7:31 AM GMT
अडानी-अंबानी के उत्पादों की ये रही सूची, क्या किसानों के बहिष्कार की अपील पर देश करेगा विचार
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दोनों समूहों के कारोबार कई सेक्टर्स में फैले हुए हैं, जिनमें फूड प्रोडक्ट्स, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, कन्जयूमर ड्युरेबल्स, कम्युनिकेशन, पेट्रोल, बिजली आदि शामिल हैं....

जनज्वार। कृषि बिल को लेकर केंद्र सरकार के साथ किसानों की चल रही टकराव के बीच किसानों ने मुकेश अंबानी और अडानी समूहों के उत्पादों के बहिष्कार का एलान कर दिया है। दोनों समूहों के कारोबार कई सेक्टर्स में फैले हुए हैं, जिनमें फूड प्रोडक्ट्स, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, कन्जयूमर ड्युरेबल्स, कम्युनिकेशन, पेट्रोल, बिजली आदि शामिल हैं। किसानों का मानना है कि नए कृषि कानूनों से अंबानी और अडानी जैसे उद्योगपतियों को फायदा होगा।

आइए जानते हैं कि किसानों की यह अपील अगर सफल रहती है तो अडानी और अंबानी ग्रुप्स के किन उत्पादों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि क्या देश किसानों के इस आह्वान में उनके साथ खड़ा होगा।

भारत को एक कृषि प्रधान देश माना जाता है और देश में खेती-किसानी से जुड़े लोगों का प्रतिशत लगभग 70 है।ऐसे में अगर किसान और उनके संगठन कोई घोषणा या आह्वान करते हैं तो कहा जा सकता है कि वह देश की बहुसंख्यक आबादी की घोषणा या आह्वान है। ऐसे में यह जानना दिलचस्प होगा कि अडानी और अंबानी समूह कौन-कौन से ऐसे उत्पादों का निर्माण या विपणन करते हैं जो किसानों के इस एलान से प्रभावित हो सकते हैं।

फॉर्च्यून ब्रांड के अलावा अडानी समूह के अन्य उपक्रमों में अडानी पोर्ट्स और एसईजेड लिमिटेड, अदानी पावर लिमिटेड, अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अदानी गैस लिमिटेड शामिल हैं। वहीं जियो के अलावा रिलायंस ग्रुप में पेट्रोलियम, गैस, कन्जयूमर प्रोडक्ट्स, रिटेल स्टोर, डिजिटल स्टोर, ज्वेलरी, खाद्य उत्पाद, कन्जयूमर ड्युरेबल्स आदि उत्पाद एवं सेवाएं शामिल हैं।

अडानी समूह के उत्पाद एवं सेवाएं-

1.फॉर्च्यून वनस्पति तेल

2.फॉर्च्यून सोया तेल

3.फॉर्च्यून एडिबल राइस तेल

4.विवो खाद्य तेल

5.फॉर्च्यून बासमती चावल

6.फॉर्च्यून दाल

7.फॉर्च्यून सोया चंक

8.सेव

9.पेट्रोल पंप

10.सोलर प्लेट्स

11.गैस

12.बिजली

अंबानी समूह के उत्पाद

1.जियो मोबाइल फोन

2.जियो सिम

3.बिजली

4.रिलायंस रिटेल स्टोर

5.ट्रेंड्स ब्रांड स्टोर

6.रिलायंस डिजिटल स्टोर

7.रिलायंस पेट्रोलियम

8.प्लास्टिक उत्पाद

9.पॉलिएस्टर के रिक आर्न ब्रांड

10.रिलायंस गैस

11.रिलायंस

12.एवोन प्लाजा

13.क्विक मार्ट

14.रिफ्रेश ब्रांड

15.रिलास्टर ब्रांड

16.विमल ब्रांड के कपड़े

17.एच लुइस ब्रांड के कपड़े

18.नीस ब्रांड के कपड़े

19.रिलायंस फ्रेश

20.रिलायंस स्मार्ट

21.रिलायंस मार्केट

22.रिलायंस ज्वेल्स

23.जॉन प्लेयर

24.नेटप्ले

25.परफामेक्स

26.जियो टीवी

27.जियो मनी

28.जियो पेमेंट्स बैंक

29.जियो गेम्स

30.जियो स्टोर

31.सावन म्यूजिक

(कंपनियों और उत्पादों के स्रोत : कंपनियों के अधिकृत वेबसाइट्स और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स)

इससे पहले कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े किसान संगठनों ने 9 दिसंबर को सरकार द्वारा दिये गये ताजा प्रस्तावों को एक सुर में खारिज कर दिया। इसके साथ ही किसानों ने घोषणा की है कि अब वे दिल्ली में प्रवेश नहीं करेंगे, बल्कि 12 दिसम्बर तक दिल्ली-जयपुर हाइवे को सील करेंगे। साथ ही उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

सरकार की तरफ से 20 पन्नों का प्रस्ताव मिलने के बाद सिंघु बार्डर पर किसान नेताओं ने एक बैठक करके विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में किसान नेताओं ने बताया कि वे सरकार के इस प्रस्ताव को एक स्वर में खारिज करते हैं।

सरकार की तरफ से प्रस्ताव भेजे जाने के बाद उम्मीद जतायी गयी थी कि किसान अपना विरोध समाप्त कर देंगे। किसानों द्वारा प्रस्ताव खारिज किये जाने को सरकार के लिये एक झटके के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि किसानों ने कहा है कि अगर सरकार की तरफ से कोई नया प्रस्ताव आता है तो उसपर विचार किया जायेगा।

प्रस्ताव मिलने के बाद किसान नेता योगेन्द्र यादव ने एक ट्वीट में कहा कि सरकार का प्रस्ताव मिला। वही प्रोपेगेंडा, वही संशोधन के सुझाव। खोदा पहाड़, निकली चुहिया। किसान संगठनों ने एक स्वर से इन प्रस्तावों को खारिज किया है। संवाददाता सम्मेलन में क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता दर्शनपाल ने कहा कि हम 12 दिसम्बर तक दिल्ली-जयपुर हाइवे ब्लाक करेंगे। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान पीछे नहीं हटेंगे। यह उनके सम्मान की बात है। अगर सरकार जिद्दी है तो किसान भी जिद पर अड़े हैं, कानून वापस लेना होगा।

किसान नेताओं के मुताबिक, आंदोलनरत किसान रिलायंस जियो के सिम नहीं इस्‍तेमाल करेंगे। अगर किसी के पास जियो का सिम है तो उसे दूसरे सर्विस प्रोवाइडर में पोर्ट कराया जाएगा। रिलायंस और अडाणी ग्रुप के हर स्‍टोर, मॉल व सेवा का ये किसान बहिष्‍कार करेंगे।

किसानों का मानना है कि मुकेश अंबानी और गौतम अडानी, दोनों की नजरें भारत के कृषि क्षेत्र पर हैं। साल 2017 में अंबानी ने इस क्षेत्र में निवेश की अच्‍छा जताई थी। जियोकृषि नाम का एक ऐप भी है जो खेत से प्‍लेट तक सप्‍लाई चेन तैयार करेगी।

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