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हिमाचल के लिए मोदी के 'गोली मारो...' मंत्री ने ली है ऐसी कौन सी पहल, जिसकी हो रही वाहवाही

Janjwar Desk
11 Jun 2020 2:07 PM GMT
हिमाचल के लिए मोदी के गोली मारो... मंत्री ने ली है ऐसी कौन सी पहल, जिसकी हो रही वाहवाही
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केंद्रीय मंत्री कहते हैं, दो साल पहले सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा शुरू करने के पीछे संसदीय क्षेत्र के लोगों को घर पर ही स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की थी मंशा, कोरोना काल में हुए लॉकडाउन के बाद इस सुविधा की अहमियत बढ़ गई है और ज्यादा....

जनज्वार। लॉकडाउन के दौरान हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर आपको कुछ चलते-फिरते अस्पताल मिलेंगे, जिनके जरिए राज्य में बाहर से दाखिल होने वाले लोगों की स्क्रीनिंग हो रही है। वाहनों में संचालित इन मोबाइल अस्पतालों में सारी व्यवस्था है। चाहे 40 तरह के टेस्ट हों या फिर डॉक्टर से इलाज की सुविधा।

वाहनों पर अनुराग ठाकुर की तस्वीर लगी होने के कारण तुरंत पता चलता है कि यह उनकी निजी पहल है। पिछले तीन महीने से हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर कोरोना स्क्रीनिंग के लिए उन्होंने ऐसे 17 मोबाइल अस्पतालों की व्यवस्था की है, जिनमें डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ दवाओं के साथ उपलब्ध हैं।

यही वही मंत्री महोदय हैं, जिन्होंने 27 जनवरी को दिल्ली के रिठाला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कई बार 'देश के गद्दारो को, गोलो मारो सारो को' का नारा लगाने के लिए उकसाया था। दिल्ली में एक चुनावी रैली के दौरान मंच से केंद्रीय मंत्री ने देश के गद्दारों को गोली मारने के नारे लगवाए। अनुराग ठाकुर ने रैली को संबोधित करते हुए नारा लगाया, "देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को..."

अनुराग ठाकुर ने कहा था ​कि गद्दारों को भगाने के लिए नारे भी चाहिए। तब दिल्ली विधानसभा चुनाव को भारत की अस्मिता को बचाने का चुनाव बताते हुए कहा कि मुस्लिम देश के लिए खतरा हैं। मंच पर मौजूद एक और अन्य केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तो यहां तक बोल दिया कि कमल का बटन दबाने पर ही ये गद्दार मरेंगे। इसी के बाद फरवरी अंत में दिल्ली दंगे शुरू हुए थे, जिसने व्यापक पैमाने पर तबाही मचायी थी।

हालांकि हिमाचल के लिए ली गयी अनुराग ठाकुर की इस पहल की वाहवाही हो रही है, शायद ऐसा इसलिए भी क्योंकि हिमाचल हिंदू बहुल प्रदेश है, और हिंदुओं के हित में उन्होंने मोबाइल अस्पतालों को शुरू किया होगा, क्योंकि मुस्लिम तो उन्हें देश के लिए खतरा लगते रहे हैं।

सांसद महोदय के आंकड़ों के मुताबिक मोबाइल अस्पतालों ने अब तक बाहर से हिमाचल प्रदेश की सीमा में दाखिल होने वाले 30 हजार से ज्यादा लोगों की कोरोना स्क्रीनिंग की है, ताकि हिमाचल प्रदेश में कोरोना को बढ़ने से रोका जा सके। यह कवायद अनुराग ठाकुर की सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा (एसएमएस) का ही हिस्सा है, जो उन्होंने दो साल पहले शुरू की थी। पिछले दो साल के भीतर अनुराग ठाकुर की इस पहल से हिमाचल प्रदेश में उनके संसदीय क्षेत्र हमीरपुर के दो लाख से अधिक मरीजों का घर ही इलाज संभव हुआ है।

दरअसल, संसदीय क्षेत्र हमीरपुर में सुदूर पहाड़ी इलाकों में तमाम गांव बसे हैं। बीमार होने पर लोगों की मुश्किलें बढ़ जातीं हैं। अस्पताल तक आने के लिए लोगों को पापड़ बेलने पड़ते हैं। इसे देखते हुए दो साल पहले स्थानीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोचा कि क्यों ने ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे लोग अस्पताल न जाएं बल्कि अस्पताल ही उनके घर पहुंचे। इसी सोच के साथ उन्होंने सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा के तहत मोबाइल अस्पताल का संचालन शुरू किया।

उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र हमीरपुर के सभी 17 विधानसभाओं के लिए एक-एक गाड़ियों की व्यवस्था कर एंबुलेंस मॉडल में मोबाइल अस्पताल व्यवस्था शुरू की। अब इन मोबाइल अस्पतालों को सीमा पर लोगों की स्क्रीनिंग के लिए लगाया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर ने आईएएनएस को बताया, "हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के 5 जिलों, 17 विधानसभाओं, 800 पंचायतों के 5000 गांवों में मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन हो रहा है। इस अस्पताल सेवा में लिपिड प्रोफाइल, एलएफटी, केएफटी, क्रिएटिनिन, यूरिक एसिड, बीयूएन, शुगर, ग्लूकोज, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी जैसे 40 टेस्ट और दवाएं रोगियों को मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। पिछले तीन महीने से मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए राज्य की सीमा पर बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग हो रही है।"

अनुराग ठाकुर ने कहा, "हमीरपुर संसदीय में क्षेत्र में चलाई जा रही सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा भी कोरोना महामारी से निपटने में हिमाचल वासियों का पूरा सहयोग कर रही है। प्रदेश सरकार के साथ साथ मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की जांच यूनिट भी बाहर से प्रदेश में आने वाले सभी प्रवासियों का राज्य की सीमा पर कोरोना का टेस्ट कर रहीं है। सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा ने अब तक 30000 से ज्यादा लोगों का कोरोना की प्राथमिक जांच करके उपयोगिता साबित कर दी है।"

अनुराग ठाकुर ने कहा, "दो साल पहले सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा शुरू करने के पीछे संसदीय क्षेत्र के लोगों को घर पर ही स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की मंशा थी। कोरोना काल में हुए लॉकडाउन के बाद इस सुविधा की अहमियत और बढ़ गई।"

इनपुट :आईएएनएस

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