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Hindutwa Politics : 'हिंदुत्व शब्द बोलने की औकात नहीं, इनकी वजह से हिंदू खतरे में,' शिवसेना ने BJP को किया 'सामना' में टारगेट

Janjwar Desk
23 Oct 2021 8:25 AM GMT
Hindutwa Politics : हिंदुत्व शब्द बोलने की औकात नहीं, इनकी वजह से हिंदू खतरे में, शिवसेना ने BJP को किया सामना में टारगेट
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भारत को पाकिस्तान और चीन आज आंख दिखा रहे हैं। जबकि बीजेपी में शामिल हुए नए उठल्लू इस बात पर खामोश हैं।

Hindutwa Politics : सामना के संपादकीय लेख के जरिए शिवसेना ने बीजेपी से पूछा है कि कश्मीर और बांग्लादेश के हिंदुओं की हालत पर मन द्रवित नहीं होता है क्या? बीजेपी की वजह से आज देश में हिंदुत्व खतरे में आ गया है।

Hindutwa Politics : शिवसेना और बीजेपी ( Shiv Sena and BJP ) के बीच हिंदुत्व को लेकर जारी घमासान तूल पकड़ता जा रहा है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना ( Samna ) के जरिए भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। शिवसेना ने सामना के संपादकीय में लिखा है कि कश्मीरी पंडित खौफ की वजह से अपना घर-बार छोड़कर पलायन कर रहे हैं। बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हमले किए जा रहे हैं। औरतों की आबरू से खेला जा रहा है। इन सभी घटनाओं पर हिंदुत्व को लेकर दंभ भरने वाली बीजेपी मौन है।

नव हिंदुत्ववादियों की वजह से हिंदू खतरे में

सामना के संपादकीय में शिवसेना ने लिखा है कि भारत को पाकिस्तान और चीन आंख दिखा रहे हैं। जबकि बीजेपी में शामिल हुए नए उठल्लू इस बात पर खामोश हैं। वो इस बात से काफी दुखी हैं कि शिवसेना ने सत्ता के लिए हिंदुत्व को कैसे छोड़ दिया। असल में, इन्हीं नव हिंदुत्ववादियों की वजह से हिंदुत्व खतरे में आया है। सच कहें तो हिंदुत्व पवित्र शब्द के उच्चारण करने की इनकी औकात नहीं है। देश में कुल मिलाकर ऐसी स्थिति है कि आज हिंदू खतरे में आ गया है। यह लेख लिखने के दौरान कश्मीर के हिंदुओं की चीत्कार और आक्रोश से हमारा हृदय व्यथित हो गया है।

3 दशक बाद कश्मीरी पंडित फिर से खौफ में

कश्मीरी पंडित डर के साये में हैं और उन्होंने बड़ी संख्या में पलायन शुरू कर दिया है। 1990 के दशक में कश्मीर घाटी में ठीक ऐसी ही तनावपूर्ण स्थिति थी। विगत 15 दिनों में कश्मीर घाटी से 220 हिंदू-सिख परिवारों ने जम्मू स्थित शरणार्थी शिविरों में शरण ली है। ये नव हिंदुत्ववादियों के लिए अच्छे लक्षण नहीं हैं। संभल जाएं, नहीं तो लोग छोड़ेंगे नहीं।

हिंदुओं की रक्षा की जिम्मेदारी सरकार की

शिवसेना ने अपने लेख में बता है कि हमें हिंदुत्व का सबक सिखाने वालों को कश्मीर में हिंदुओं का पलायन और हत्या दिखाई न देने पर हैरानी होती है। बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमले हो रहे हैं। हिंदुओं की बस्तियां जलाई जा रही हैं। हिंदू लड़कियों की इज्जत पर हमला किया जा रहा है। पूरे बांग्लादेश में हिंदू समाज डर के साये में है। शिवसेना ने बीजेपी पर हमला करते हुए लिखा है कि वोटों के लिए हिंदुत्व की धूल उड़ानी, हिंदू-मुसलमान का खेल खेलना और इससे तनाव का वातावरण बनाकर वोट हासिल करना बीजेपी का असल मकसद है। इस खेल से अब हिंदू भी थक गया है।

पीडीपी से निकाह किसने रचाया?

बीजेपी वाले आरोप लगा रहे हैं कि शिवसेना ने सत्ता के लिए हिंदुत्व को छोड़ दिया। ऐसा कहने वाले लोग जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती की पार्टी से सत्ता के लिए रचाया गया निकाह भुला सकते हैं क्या? आपका वह निकाह कहते हैं कि व्यापक राष्ट्रीय हित के लिए! वहां तो अलगाववादी आतंकियों से हाथ मिलाकर ही सत्ता का शीर-कुरमा खाया था। उस शीर-कुरमा के दांतों में फंसे हुए रेशे वैसे ही रखकर शिवसेना को हिंदुत्व का प्रवचन देना मतलब दिमाग ठिकाने पर नहीं होने का लक्षण है।

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