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IAS Sanjay Popli के घर से 12 किलो सोना, 3 किलो चांदी और 4 आईफोन बरामद, विजिलेंस छापे के दौरान बेटे की हुई थी मौत

Janjwar Desk
26 Jun 2022 11:29 AM GMT
IAS Sanjay Popli के घर से 12 किलो सोना, 3 किलो चांदी और 4 आईफोन बरामद, विजिलेंस छापे के दौरान बेटे की हुई मौत
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IAS Sanjay Popli के घर से 12 किलो सोना, 3 किलो चांदी और 4 आईफोन बरामद, विजिलेंस छापे के दौरान बेटे की हुई मौत

Vigilance Bureau Raid Punjab : विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किये गए आईएएस अधिकारी संजय पोपली के घर से 12 किलो सोना, 3 किलो चांदी, चार एप्पल आईफोन और अन्य कीमती वस्तुओं की बरामदगी की है।

Vigilance Bureau Raid Punjab : भगवंत सिंह मान जब से पंजाब ( Punjab ) के सीएम बने हैं तभी से भ्रष्टाचार ( Corruption ) से जुड़ी खबरें सुर्खियों में है। फिलहाल विजिलेंस विभाग ( Vigilance department raid ) ने भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी संजय पोपली ( IAS Sanjay Popli ) के चंडीगढ़ सेक्टर 11 स्थिति आवास से 12 किलो सोना, 3 किलो चांदी, चार एप्पल आईफोन, एक सैमसंग फोल्ड फोन और दो सैमसंग स्मार्टवॉच की बरामद की है। यह मामला तभी से चर्चा में है। चर्चा में होने की खास वजह यह है कि छापे को दौरान आईएएस पोपली के बेटे की मौत होना है।

दरअसल, विजिलेंस ब्यूरो ( Vigilance Bureau Raid Punjab ) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि विजिलेंस की टीम ने भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किये गए संजय पोपली के बयान के आधार पर उनके आवास पर छापेमारी की थी। ऐसे में संजय पोपली के घर के स्टोर रूम में छुपा सोना, चांदी और मोबाइल फोन बरामद किया गया। इसी दौरान पोपली के बेटे कार्तिक की गोली लगने से मौत हो गई थी।

मेरे सामने बेटे की हुई हत्या

बेटे कार्तिक की मौत के बाद समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा ट्वीट किए गए एक वीडियो में संजय पोपली ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या की गई। लगभग 30 सेकंड की क्लिप में नौकरशाह पोपली को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मैं एक चश्मदीद गवाह हूं। मेरे बेटे को मेरे सामने ही मार दिया गया था। जबकि पुलिस इसे शुरुआत से ही आत्महत्या बता रही हैं और उनका कहना है कि विजिलेंस की टीम मौत से पहले ही घर छोड़ चुकी थी।

ये है पूरा मामला

Vigilance Bureau Raid Punjab : बता दें कि आईएएस संजय पोपली को 20 जून को नवांशहर में सीवरेज पाइपलाइन के प्रोजेक्ट में टेंडरों की मंजूरी के लिए 7 लाख रुपए की रिश्वत के रूप में 1 फीसदी कमीशन की मांग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में एक सहायक सचिव संदीप वत्स को भी जालंधर से गिरफ्तार किया गया है। ​अब जांच अधिकारी सभी आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं।

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