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झारखंड : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर हमला, पुलिसकर्मियों की पिटाई, कई घायल

Janjwar Desk
5 Jan 2021 3:02 AM GMT
झारखंड :  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर हमला, पुलिसकर्मियों की पिटाई, कई घायल
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रांची के किशोरगंज इलाके में बवाल का दृश्य।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की एस्कार्ट पार्टी में शामिल एक थानेदार घायल हुए हैं और कई पुलिसकर्मियों को चोट लगी है। वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया है...

जनज्वार। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर सोमवार की शाम करीब छह बजे रांची के किशोरगंज इलाके में उपद्रवियों ने हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। हालांकि समय रहते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के वाहन का रूट बदल दिया गया और उसे सुरक्षित सीएम हाउस तक पहुंचाया गया। इस हमले में सीएम के काफिले को एस्कार्ट कर रहे गोंदा थाना के प्रभारी नवल किशोर प्रसाद घायल हो गए।

लोग तीन जनवरी को रांची से सटे ओरमांझी इलाके में तीन जनवरी को एक 21 वर्षीया लड़की की सिरकटी लाश मिलने से नाराज थे और इस वजह से सोमवार को भीड़ ने मुख्यमंत्री सोेरेन के काफिले को रोकने की कोशिश की। मुख्यमंत्री सोरेन का काफिल शाम पौने छह बजे प्रोजेक्ट भवन स्थित राज्य सचिवालय से निकल कर वापस कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय जा रहा था, इसी दौरान किशोरगंज चैराहे के बाद सैकड़ों महिला-पुरुष रोड जाम कर सीएम के काफिले के आगे को वाहन को रोक दिया। इसके हाथों में तख्तियां थीं जिसमें ओरमांझी में युवती के मिले शव के विरोध में नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार व मुख्यमंत्री सोरेन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मामूली बल प्रयोग किया, हालांकि भीड़ फिर भी मौके पर डटी रही। इसके बाद सीएम के काफिले के वाहन का रूट डायवर्ट कर उसे मुख्यमंत्री आवास की ओर ले जाया गया। भीड़ इतनी आक्रोशित थी कि मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल एक वाहन को एक मार्केटिंग कांप्लेक्स में छिपाने की नौबत आ गयी। वहीं, इस हंगामे की वजह से आसपास के दुकानदार अपनी दुकानें कर वहां से भागने लगे।

हालात की गंभीरता को देखते हुए मौके पर कई थानों की पुलिस के साथ पुलिस लाइन से भी पुरुष व महिला पुलिस बल को बुलाया गया और हालात को काबू करने का प्रयास किया गया।

भीड़ ने उपद्रव के दौरान पेट्रोलिंग वाहन का शीशा तोड़ दिया। इसके साथ ही अधिकारियों व पुलिस के वाहनों में तोड़-फोड़ की। कुछ निजी वाहनों में भी इस दौरान तोड़-फोड़ की गयी। भीड़ ने पुलिस वालों की पिटाई की जिसमें छह पुलिस कर्मियों को अधिक चोटें लगीं और उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। उपद्रवियों में पुरुष के साथ महिलाएं भी शामिल थीं और उनके हाथ में लाठी-डंडा था।

झामुमो एवं भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर किशोरगंज इलाके में हमले के बाद सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा एवं विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। झामुमो ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेवार बताया है। झामुमो नेता व राज्य सरकार में मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने ट्वीट कर कहा है कि यह हमला सुनियोजित साजिश है, जिसने तथाकथित विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के वास्तविक चरित्र को उजागर कर दिया। हिटलर, मुसोलिनी, इडी अमीन, पाॅल पोट और किम जोंग की परंपरा को कायम रखने का प्रयास बहुत जल्द इतिहास बन जाएगा।

झामुमो महिला मोर्चा ने कहा है कि भाजपा जब-जब डरती है गुंडागर्दी करती है। वहीं, झामुमो ने ट्वीट कर कहा है कि एक आदिवासी से आखिर क्यों भाजपा डरी हुई है कि उन्हें मिटाने को हर गिरे हुए हथकंडे को अपनाने से भी नहीं चूक रहे हैं वो। शोषितयों, आदिवासियों, दलितों से आखिर क्यों इतना डरती है भाजपा कि उनके हकों को उठाने वालों को कभी देशद्रोही बोल कर तो कभी नीचता की हर तक गिर कर मिटाने की कोशिश करने से बाज नहीं आ रही है। झारखंड में पिछले एक साल से सिर्फ विकास की राजनीति हुई जहां समाज के हर वर्ग तक सुविधाएं एंव अधिकार पहुंचाने की कोशिश हुई पर अरबपतियों के पैसों के बल पर आम जनता के हकों को कुचलने वाली भाजपा को यह बर्दाश्त नहीं।

वहीं, भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्विटर पर कहा है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की एस्कार्ट पार्टी में शामिल एक थानेदार घायल हुए हैं और कई पुलिसकर्मियों को चोट लगी है। वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। झारखंड में महिलाओं के साथ हो रहे अपराध के प्रति जनता की सहनशक्ति खत्म हो चुकी है। आज मुख्यमंत्री का काफिला रोका तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दूसरे रास्ते से छिप कर निकलना पड़ा। राज्य की स्थिति रास्ते बदलने से नहीं जमीन पर उतरकर काम करने से बदलेगी।

वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा है कि विरोध प्रदर्शन और हमले में फर्क होता है। झारखंड में महिलाओं पर लगातार हो रहे अत्याचार के विरोध में जनता अब सड़क पर उतरकर विरोध व्यक्त कर रही है, लेकिन प्रशासन जनता की आवाज को दबाने के लिए डंडे का प्रयोग कर रहा है। दीपक प्रकाश ने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे रांची की निर्भया को न्याय दिलायें।

इस हमले की निंदा ट्राइबल आर्मी के प्रमुख हंसराज मीणा, राष्ट्रीय जनता दल के नेता जयप्रकाश नारायण यादव सहित कई अन्य लोगों ने की है।

हंसराज मीणा ने ट्वीटर पर लिखा है : झारखंड में धरती आवा बिरसा की प्रतिमा तोड़ी गई। जयपाल सिंह मुंडा जी की प्रतिमा तोड़ी गई और आज एक आदिवासी मुखिया पर भीड़तंत्र के द्वारा वार कराया जाता है। झारखंड के अस्तित्व को मिटाने का प्रयास हो रहा है। सिर्फ निंदा करने से बात नहीं बनेगी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।


क्या है मामला?

रांची जिले के ओरमांझी थाना क्षेत्र के एक गांव के पास तीन जनवरी को पुलिस ने एक युवती की नग्न व सिर कटी लाश जब्त की थी। आशंका जतायी जा रही है कि पिकनिक के बाद विवाद उत्पन्न होने पर युवती की हत्या की गयी होगी। घटना स्थल से मात्र 100 मीटर की दूरी पर शराब की बोतल, ग्लास व प्लेट आदि बरामद की गयी है। आशंका जतायी जा रही है कि दुष्कर्म के बाद लड़की की हत्या की गयी होगी।

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