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झारखंड

चीनी सैनिकों के हमले में हमारे 20 जवान शहीद, मरने वालों में झारखंड के कुंदन भी

Janjwar Desk
16 Jun 2020 4:32 PM GMT
चीनी सैनिकों के हमले में हमारे 20 जवान शहीद, मरने वालों में झारखंड के कुंदन भी
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प्रतीकात्मक फोटो

खबरें आ रही हैं कि चीनी सैनिकों ने हमारे 20 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है, कहा जा रहा है कि यह आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता है....

साहिबगंज, जनज्वार। भारत-चीन सीमा पर लद्दाख के गलवान घाटी में को हुए दोनों देशों के सैनिकों में हुई झड़प में तीन भारतीय सैनिक शहीद हुए हैं। हालांकि अब ये खबरें आ रही हैं कि इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए हैं, जिसकी आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इनमें एक झारखंड के साहिबगंज जिले के कुंदन ओझा भी हैं। 26 साल के कुंदर ओझा के शहीद होने की सूचना आज दोपहर उनके परिवार वालों को मिली जिसके बाद से उनका घर में सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।

कुंदन 17 दिन पहले एक बेटी के पिता बने थे और वे अपनी बेटी को न देख पाए, न गोद में खेला पाए। उनकी पत्नी रोते हुए बार-बार यही बोल रही हैं कि उन्होंने कहा था कि जल्द ही बेटी को देखने आउंगा, लेकिन वे अब कभी नहीं आएंगे।


कुंदन ओझा साहिबगंज प्रखंड के हाजीपुर पश्चिम पंचायत के डिहारी गांव के रहने वाले थे। उनकी विवाह बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में हुए था।

कुंदन के पिता रविशंकर ओझा एक किसान हैं और मां भवानी देवी गृहिणी। कुंदन 2012 में सेना में शामिल हुए थे। वे पांच भाई-बहन में दूसरे नंबर पर थे। कुंदन की मौत की खबर से गांव में शोक की लहर फैली हुई है.

इस घटना के बाद चीनी विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान सामने आया है। बीजिंग ने भारत पर घुसपैठ करने का आरोप लगाया है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक बीजिंग का आरोप है कि भारतीय सैनिकों ने बॉर्डर क्रॉस करके चीनी सैनिकों पर हमला किया था। चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि भारत ऐसी स्थिति में एकतरफा कार्रवाई ना करे।

समाचार एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि LAC के पार से चीन की ओर से हेलीकॉप्टरों की आवाजाही में बढ़ोतरी देखी गई है, ताकि वे भारतीय सेना से हुई हिंसक झड़प के दौरान मारे गए और गंभीर रूप से घायल हुए अपने सैनिकों को ले जा सकें।

20 सैनिकों के शहीद होने की खबर आने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने चीन पर हमला बोलते हुए कहा है कि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की यथास्थिति को बदलना चाहता था और चीन की तरफ से यथास्थिति बदलने के प्रयास के नतीजे के रूप में यह हिंसक झड़प हुई।

आज दिन में ही हमारे कर्नल समेत तीन जवानों के शहीद होने की खबरें आई थी। लद्दाख इलाके में 1962 के बाद पहला ऐसा मौका है जब हमारे सैनिक इतनी बड़ी संख्या में शहीद हुए हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सैन्य प्रमुखों और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत से मुलाकात के बाद पीएम मोदी को मामले की जानकारी दी। पूर्वी लद्दाख में हालात पर विचार-विमर्श करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ दो बैठकें की और इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमित शाह से मुलाकात की।

20 सैनिकों की शहादत के बाद भाजपा सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूटने लगा है। पहले से ही कोरोना की भयावहता से जूझते देश पर 20 सैनिकों की शहादत एक बड़ा आघात है और भाजपा वर्चुअल रैलियां करने में व्यस्त है।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प में चीन के भी 43 सैनिक गंभीर रूप से हताहत हुए हैं, जिनमें से कई की मौत हो चुकी है। हालांकि अभी तक इसकी ठीक से पुष्टि नहीं हो पायी है।

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