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कानपुर : प्रोफेसर अपनी ही छात्रा से करता था अश्लील बातें, आई लव यू बोलने का बनाया दबाव तो बदले में मिला मुकदमा

Janjwar Desk
5 Aug 2021 3:57 AM GMT
कानपुर : प्रोफेसर अपनी ही छात्रा से करता था अश्लील बातें, आई लव यू बोलने का बनाया दबाव तो बदले में मिला मुकदमा
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शिक्षा के मंदिर पर फिर लगा कलंक (प्रतीकात्मक तस्वीर)

प्रोफेसर डॉ. संजीव मिश्रा पढ़ाई के बहाने मुझे वॉट्सएप कॉल करते है, और अश्लील बातें करते हैं। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर नवाबगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एचबीटीआई कॉलेज की एमबीए फर्स्ट इयर की छात्रा ने असिस्टेंट प्रोफसर पर संगीन आरोप लगाए हैं...

जनज्वार, कानपुर। यूपी के कानपुर में शिक्षा के मंदिर पर एक बार फिर कलंक लग गया। शहर के प्रतिष्ठित संस्थान एचबीटीआई (HBTI) की एक छात्रा ने असिस्टेंट प्रोफेसर पर छेड़छाड़ और अश्लील बातें करने का आरोप लगाया है। छात्रा ने पुलिस कमिश्नर असीम अरूण से प्रोफेसर की शिकायत की है।

पीड़ित छात्रा का कहना है कि प्रोफेसर डॉ. संजीव मिश्रा पढ़ाई के बहाने मुझे वॉट्सएप कॉल करते है, और अश्लील बातें करते हैं। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर नवाबगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एचबीटीआई कॉलेज की एमबीए फर्स्ट इयर की छात्रा ने असिस्टेंट प्रोफसर पर संगीन आरोप लगाए हैं।

छात्रा के मुताबिक प्रोफेसर ऑन लाइन पढ़ाई के लिए फोन कर मुझसे गंदी बातें करते हैं। जब भी अश्लील बातें करते हैं तो व्हाट्सएप कॉल करते हैं क्योंकि व्हाट्सएप कॉल रेकार्ड नहीं होती है। प्रोफेसर की हरकतों की वजह से छात्रा डिप्रेशन में चली गई। उसने अपने पैरेंट्स और दोस्तों को बताया। इसके बाद छात्रा ने परिजनों के साथ पुलिस कमिश्नर से जाकर मिली।

छात्रा बताती है कि, असिस्टेंट प्रोफेसर वॉट्सएप कॉल (Whatsapp Call) पर बत्तमीजी की सारी हदें पार कर देते थे। वो फिजिक्ल रिलेशनशिप की बातें करने लगते थे। उन्होने कई बार अकेले मिलने का दबाव भी बनाया था। इसके साथ बीते 14 फरवरी को जबरन आई लव यू बोलने का दबाव भी बनाया था।

छात्रा ने बताया कि कई बार मैंने इसकी शिकायत कॉलेज प्रर्चाय और कुलपति को ई-मेल भेज कर की थी। लेकिन असिस्टेंट प्रोफेसर पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। जब पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई तब जाकर कार्रवाई हुई। नवाबगंज कार्यवाहक थानाध्यक्ष देवेंद्र संतोष पांडेय के मुताबिक तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।

इस मामले में पुलिस पहले तो तमाम तरह से गुमराह करती रही। एसओ नवाबगंज भी कहीं ना कहीं मामले की लीपापोती में लगे रहे। लेकिन बाद में जब आलाधिकारियों का दबाव पड़ा तब जाकर आरोपी प्रोफेसर डॉ. संजीव मिश्रा पर मुकदमा दर्ज हो सका है।

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