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कश्मीर

ED ने फारुख अब्दुल्ला से की 7 घंटे लंबी पूछताछ, बोले नहीं हूं परेशान बस मेरा लंच हो गया मिस

Janjwar Desk
20 Oct 2020 6:03 AM GMT
ED ने फारुख अब्दुल्ला से की 7 घंटे लंबी पूछताछ, बोले नहीं हूं परेशान बस मेरा लंच हो गया मिस
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photo : social media

ईडी की 7 घंटे लंबी पूछताछ को फारूख अब्दुल्ला ने लिया हल्के में, मीडिया से बोले परेशान नहीं हूं बस पछतावा है कि लंच हो गया मिस

फैजान मीर की रिपोर्ट

जनज्वार, कश्मीर। कल 19 अक्टूबर को ED ने फारुख अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट असोसिएशन में कुछ कथित अनियमितताओं को लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद अब्दुल्ला ने शाम को मीडिया से हुई बातचीत में कहा है कि मैं ईडी की पूछताछ से बिल्कुल भी परेशान हीं हूं, मुझे बस एक पछतावा है कि मैं अपना लंच नहीं कर पाया।'

नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूख अब्दुल्ला श्रीनगर में ED के ऑफिस से बाहर निकलते हुए मीडिया के सामने बोले कि, प्रेस को जो सवाल पूछना था, आपने पूछा। आपको बस कहानी चाहिए... और किसी चीज की चिंता नहीं है। जांच एजेंसी को अपना काम करना है,मुझे अपना काम करना है। इसमें और कुछ कहने जैसा नहीं है।'

वहीं मीडिया के सामने फारुख अब्दुल्ला ने आर्टिकल 370 पर अपनी पार्टी के स्टैंड को एक बार साफ करते हुए कहा कि हम अपनी बात पर कायम हैं। कश्मीर के हितों के लिए 35ए और 370 को फिर से लागू किया जाना चाहिए।

अब्दुल्ला ने कहा हमसे इस तरह से पूछताछ किया जाना'राजनीतिक बदले की कार्रवाई' है, खासकर गुपकर घोषणापत्र के बाद यह कार्रवाई साफ जाहिर करती है कि किस तरह बदले की कार्रवाई की जा रही है। फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि 'चाहे जिंदा रहूं या मर जाऊं, मेरा संघर्ष जारी रहेगा.'

अब्दुल्ला ने कहा मैं अभी भी अपने निर्दोष वाले पक्ष पर बरकरार हूं और इस 'विच-हंट' वाली कार्रवाई में जांच एजेंसी का पूरा सहयोग करूंगा।

'राजनीतिक बदले की कार्रवाई' वाले बयान पर अब्दुल्ला ने मीडिया से कहा, 'इसका फैसला मुझे नहीं कोर्ट को करना है। मुझसे हुई पूछताछ कुछ बदलने वाली नहीं है। चाहे फारुख अब्दुल्ला रहें या न रहें, हमारा संघर्ष जारी रहेगा. हमारा संकल्प बदला नहीं है और चाहे मुझे फांसी भी लगने वाली है, बदलेगा नहीं। यह बस फारुख अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अकेले का संघर्ष नहीं है, यह पूरे जम्मू-कश्मीर के लोगों का संघर्ष है।'

गौरतलब है कि सीबीआई ने J&K क्रिकेट असोसिएशन में 2002 और 2011 के बीच 43.69 करोड़ के हेर-फेर को लेकर 2018 में एक चार्जशीट फाइल की थी, जिसमें फारुख अब्दुल्ला और तीन अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

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