
NIA raids on PFI : एनआईए रेड ऑन पीएफआई : कौन है ओमा सलाम जिसे एनआईए ने किया गिरफ्तार?
NIA raids on PFI : बीती रात से देश के 10 राज्यों में नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी ( NIA ) की ओर से पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( PFI ) के ठिकानों पर छापेमारी ( NIA raids on PFI ) जारी हैं। अभी तक की सूचना के मुताबिक पीएफआई के 100 से ज्यादा नेता और कार्यकर्ता गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें पीएफआई प्रमुख ओमा सलाम ( Oma Salam ) का नाम शामिल है। एनआईए ने ओमा सलाम को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद से वह सुर्खियों में है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर ओमा सलाम कौन है, क्या करता है, एनआईए ने उसे क्यों गिरफ्तार किया और वह कहां का रहने वाला है।
PFI का चेयरमैन Oma Salam
ओमा सलाम ( Oma Salamm) का पूरा नाम मोहम्मद अब्दुल सलाम ओवनगल है। पीएफआई में उसे ओएमए सलाम या ओमा सलाम के नाम से जाना जाता है। सलाम केरल में बिजली विभाग का कर्मचारी था। दिसंबर 2020 में केरल राज्य बिजली बोर्ड ;ने संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में नौकरी से निलंबित कर दिया था। ओमा सलाम के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग ने कहा कि जांच के दौरान यह पता चला कि ओमा सलाम एक ऐसे संगठन का नैशनल चेयरमैन है जिसकी कथित संदिग्ध गतिविधियां और पैसों के लेन.-देन संदेह के दायरे में हैं। सलाम इन मामलों को लेकर कई जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में है। ओमा सलाम को सस्पेंड करते हुए केरल बिजली बोर्ड ने यह भी कहा कि बिना जरूरी मंजूरी लिए उसने कई बार विदेश यात्राएं भी कीं। पीएफआई के पीछे ओमा सलाम का ब्रेन काम करता है। वह पीएफआई का चेयरमैन भी है।
पीएफआई का काम क्या है?
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( PFI ) या पीएफआई खुद को एक चरमपंथी इस्लामिक संगठन बताता है। संगठन का कहना है कि वह पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के हक की आवाज उठाता है। इसकी स्थापना 2006 में नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट दक्षिण भारत परिषद मंच के उत्तराधिकारी के रूप में हुई। इसकी शुरुआत केरल के कालीकट से हुई लेकिन इसका मुख्यालय दिल्ली के शाहीन बाग में है। हिजाब मामले में विरोध प्रदर्शन और कई राज्यों में सीएए और एनआरसी को लेकर हुए प्रदर्शनों में भी इस संगठन का नाम सामने आ चुका है।
मुस्लिम संगठन होने नाते इनकी अधिकांश गतिविधियां इसी समुदाय से जुड़ी है। पीएफआई ( PFI ) 2006 में तक खूब सुर्खियों में आया था जब दिल्ली के राम लीला मैदान में इनकी तरफ से नेशनल पॉलिटिकल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था। कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। संगठन का दावा है कि देश के 23 से ज्यादा राज्यों में उसकी शाखा है।











